: रामनगरी के परिक्रमा मार्ग को लेकर संतों में रोष
Wed, Oct 16, 2024
योगी सरकार की योजनाओं पर अफसरशाही हावी, परिक्रमा मार्ग देखकर संत हुए द्रवित
अयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की पावन नगरी अयोध्या के विकास को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बहुत ही संजीदा है। अयोध्या का कायाकल्प हो रहा है,चारों तरफ कार्य हो रहें है। भगवान रामलला का भव्य प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या जागृत हो गई है। भगवान रामलला के विराजमान होने के बाद ये पहली कार्तिक परिक्रमा मेला 20 दिनों बाद शुरु होने जा रहा है। इस बार लाखों की संख्या में रामभक्त अयोध्या आकर परिक्रमा मेला में शामिल होगें। परिक्रमा पथ अभी भी निर्माणाधीन है, जगह जगह गड्ढे है। ऐसे में श्रद्धालुओं को बहुत परेशानी होगी जिससे योगी सरकार की किरकिरी होगी,जबकि योगी सरकार परिक्रमा पथ निर्माण करने के लिए सालों पहले ही पैसा वा टेंडर दे दिया था जिससे अच्छी से अच्छी व्यवस्था परिक्रमार्थियों के लिए हो सके। इससे इतर यहां के अधिकारियों की उदासीनता के कारण अभी भी परिक्रमा पथ बनकर तैयार न सका। जिसको लेकर रामनगरी के संतो में काफी रोष है। नगरी के बड़ा भक्त माल आश्रम के पीठाधीश्वर महंत अवधेश दास जी महाराज ने कहा कि योगी जी अयोध्या के सजाने सवारने में दिनरात लगे हुए है। लगातार संतों से वार्ता करके अयोध्या के विकास की बात करते है। अयोध्या का ऐतिहासिक व पौराणिक परिक्रमा मार्ग में बेहतर बनाने के लिए करोड़ों रुपये पहले ही स्वीकृति कर दिये इसके बावजूद अधिकारियों की उदासीनता के कारण आज भी परिक्रमा मार्ग निर्माणधीन है। जिससे परिक्रमार्थियों को परिक्रमा करने काफी समस्या होगी। उन्होंने कहा कि हम अधिकारियों से मांग करते है कि परिक्रमा मार्ग जल्दी से जल्दी ठीक किया जाये, जिससे ऐतिहासिक व पौराणिक कार्तिक परिक्रमा मेला सकुशल सम्पन्न हो सके। तो वही उदासीन ऋषि आश्रम रानोपाली के महंत डा भरत दास जी महाराज ने कहा कि आने वालों रामभक्तों को कोई समस्या न हो इसके लिए अधिकारियों को समय से पहले ही व्यवस्था करनी चाहिए। योगी जी अयोध्या के विकास को लेकर गम्भीर है इसलिए हम अधिकारियों से मांग करते हैं कि सरकार की मंशा के अनुसार अयोध्या का विकास करायें और परिक्रमा मार्ग ठीक करायें। रामलला सदन देवस्थानम पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी डा राघवाचार्य जी महाराज ने कहा कि योगी जी की सरकार में अयोध्या को वैश्विक स्तर पर विकास किया गया है। भगवान रामलला अपने निज भवन में विराजमान हो गए हैं पूरी अयोध्या आनंदित और उल्लासित है। ऐसे में इस बार कार्तिक परिक्रमा मेला में लाखों राम भक्त अयोध्या आएंगे और परिक्रमा करेंगे, ऐसे में अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि परिक्रार्थियों को कोई तकलीफ ना होने पाए इसलिए परिक्रमा मार्ग को जल्द से जल्द ठीक किया जाए। नगरी के तुलसी दास जी की छावनी के पीठाधीश्वर महंत जनार्दन दास जी महाराज ने कहा कि अयोध्या सज सवर रही है योगी सरकार ने अयोध्या का सर्वांगीण विकास किया है।,तमाम योजनाएं चल रही है। कार्तिक परिक्रमा मेला शुरू होने में 20 दिन शेष बचा है परिक्रमा पथ अभी तक बनकर तैयार नही हुआ है। ऐसे परिक्रार्थियों को बहुत तकलीफ होगा जो बहुत ही पीड़ादायक होगा। हम अधिकारियों से मांग करते हैं कि परिक्रमा पथ का निर्माण जल्दी कराया जाए जिससे किसी को समस्या न हो।
: संत तुलसीदास रामलीला समिति द्वारा निकाली गई भगवान राम की शोभायात्रा
Tue, Oct 15, 2024
अयोध्यावासी भगवान राम के अतिप्रिय है, सभी को करना चाहिए सम्मान: डा महेश दास
राम भरत मिलाप देख भाव विभोर हुए भक्त, रामकोट की परिक्रमा कर सन्तो ने आयोजित किया भरत मिलाप कार्यक्रम
जगह-जगह आरती व पुष्प वर्षा करके शोभा यात्रा का लोगों ने किया स्वागत
मोदनवाल समाज के द्धारा 125 वर्ष से हो रहा ये भरत मिलाप
अयोध्या। रविवार की देर रात भगवान श्री राम की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। श्री हनुमानगढ़ी पर भरत मिलाप का कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस दौरान कलाकारों द्वारा प्रस्तुत की गई झाकिंयों ने सबका मन मोह लिया। जय श्री राम के गगन भेदी उद्घोष से पूरा परिवेश राममय हो गया। चौदह वर्ष बाद राम भरत मिलाप देख कर लोग कहने लगे कि भाई हो तो भरत जैसा।निकाली गई शोभा यात्रा में रथ पर भगवान राम और माता सीता के अलावा भ्राता लक्ष्मण भरत शत्रुघ्न व हनुमान जी के प्रतिरूप सवार थे। भगवान राम और माता सीता की मनोहर छवि का दर्शन करने के लिए सड़क पर श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई दी। लोगों ने जगह-जगह दर्शन पूजन आरती पुष्प वर्षा करके शोभायात्रा का स्वागत किया।
संतों ने जय श्री राम के उद्घोष के साथ भरत मिलाप शोभायात्रा के रूप में ऐतिहासिक रामकोट की परिक्रमा की। परिक्रमा का श्री गणेश श्री हनुमान जी के प्रतीक निशान का रामलीला स्थल भगवदाचार्य स्मारक सदन में वैदिक मंत्र उच्चारण के बीच रामलीला समिति के कोषाध्यक्ष बड़ा भक्त माल पीठाधीश्वर महंत अवधेश दास व महामंत्री संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत संजय दास के नेतृत्व में संतों ने पूजन अर्चना वह भगवान के स्वरूपों का माल्यार्पण किया। इसके पश्चात शोभायात्रा जय श्री राम के उद्घोष के साथ प्रारंभ हुई। शोभा यात्रा नगर के श्रृंगार हाट, पुराना बस स्टॉप, कजियाना, टेढ़ी बाजार, दोराही कुआं,अशरफी भवन आदि मार्गो से होते हुए हनुमानगढ़ी पहुंचा। शोभा यात्रा में विभिन्न रथो पर विराजमान भगवान के स्वरूप आकर्षण का केंद्र बने हुए थे। वहीं हनुमानगढ़ी अखाड़े के नागा संतो द्वारा किए जा रहे विभिन्न करतब को देखते ही बन रहा था।इस अवसर पर महंत अवधेश दास, जगद्गुरू रामानुजाचार्य स्वामी डा राघवाचार्य, पूर्व प्रधानमंत्री महंत माधव दास, महापौर गिरीश पति त्रिपाठी, महंत जनार्दन दास, महंत शशिकांत दास, महंत इंद्रदेव दास, संत सरोज दास, हनुमानगढ़ी सरपंच रामकुमार दास, श्री हनुमानगढ़ी के गद्दीनशीन श्रीमहंत प्रेमदास जी महाराज के कृपापात्र शिष्य हनुमत संस्कृत स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ महेश दास, एस एसपी अयोध्या राज करन नय्यर, सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी, मामा दास, महंत बालयोगी रामदास, सूर्यभान दास, उपेंद्र दास, संत अजीत दास, पूर्व पार्षद रमेश दास, शिवम श्रीवास्तव, राजीव रंजन सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। व्यवस्था वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास के दिशा निर्देशन में संपन्न हुई। सम्पूर्ण आयोजन संत श्री तुलसीदास रामलीला समिति द्वारा भरत मिलाप कार्यक्रम को लेकर आयोजित किया गया था। इस भरत मिलाप का आयोजन पिछले 125 वर्षों से होता आ रहा है जिसका संयोजन मोदनवाल समाज करता है।
: मिल्कीपुर उपचुनाव में क्या सपा कर पायेगी नामांकन ?
Mon, Oct 14, 2024
गन्ना समिति के चुनाव में मारे गए सपाईयों से कार्यकर्ताओं का मनोबल गिरा
प्रदेश अध्यक्ष के समाने आपस में भिड़े सपाई,अध्यक्ष उल्टे पाव लौटे लखनऊ
अयोध्या। लोकसभा चुनाव में अपनी धमाकेदार जीत के साथ सपा मुखिया अखिलेश यादव का हौसला बुंदल है, तो वही अयोध्या जिले के समाजवादियों की हालत बेहद नाजुक है। यहां पर गुटबाजी अपने चरम पर है,कार्यकर्ता आपस में लड़ रहें है। कार्यकर्ताओं की हालत इस कदर नाजुक है कि उनका मनोबल अंदर तक हिल चुका है। इस सब के पीछे खुद समाजवादी पार्टी की जिला कमेटी व महानगर कमेटी के साथ जिले के बड़े नेता जिम्मेदार है। इस बात की पुष्टि इसी से हो रही है कि अभी हालिया घटना गन्ना समिति के चुनाव में भाजपा के नेताओं से मार खाने के बाद सपाई बेहद सदमें में है। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता गन्ना समिति के चुनाव में नामांकन करने पहुंचे ही थे की भाजपाईयों ने उन्हें जमकर पीट दिया। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे खास बात यह रही कि इसकी जानकारी खुद जिला कमेटी व महानगर कमेटी के साथ जिले के किसी बड़े नेता को ही नही थी। महानगर व जिला कमेटी आपस में कुश्ती लड़ रहें है जिसका खामियाजा कार्यकर्ताओं उठा रहें है। लोकसभा चुनाव में सपा की ऐतिहासिक जीत हुए अभी कुछ ही महीने बीते है आलम आज बद से बदतर हो चला है। कार्यकर्ताओं की आपस में चर्चा है कि जब हमारे चुनाव में नेताओं को दिलचस्पी नही है,तो उपचुनाव में हम क्यो दिलचस्पी ले। अगर ये मैसेज पास हो रहा है तो एक बात साफ है कि कही उपचुनाव में सपा प्रत्याशी अजीत प्रसाद नामांकन ही न कर पाये। क्योंकि कार्यकर्ताओं से ही पार्टी है। अयोध्या जिले में पूरी पार्टी में आपस में ही लड़ाई चल रही है इसके जिम्मेदार खुद यहां के बड़े नेता है। इसकी एक बानगी रविवार की देरशाम सर्किट हाउस में देखने को मिला। जहां पर सपा प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल पीड़ित कार्यकर्ताओं से मिलने आये थे। प्रदेश अध्यक्ष के घोषित कार्यक्रम होने के बावजूद जिले के सांसद व अन्य बड़े नेता इससे दूरी बनायें रहें किसी ने भी प्रदेश अध्यक्ष के कार्यक्रम में शामिल होनी की जहमत नही उठाई, सपा प्रदेश अध्यक्ष का पीड़ितों से मिलना तो छोड़ों उनके पहुंचते ही कार्यकर्ता आपस में लड़ना शुरु कर दिये। खासबात यह रही कि दोनो सदन के नेता विपक्ष भी प्रदेश अध्यक्ष के साथ थे। घंटो चली इस नोकझोंक को देख प्रदेश अध्यक्ष उल्टे पाव राजधानी की ओर निकल पड़े। सपा मुखिया अखिलेश यादव जहां एकतरफ दिन रात अथक परिश्रम करके 2027 में भाजपा की सरकार को जड़ से उखाड़ने में लगे है तो उनके नेता उसी जड़ में आपसी गुटबाजी का खाद पानी देकर भाजपा की जड़े मजबूत करने में लगे है,कार्यकर्ताओं को आपस में लड़वा रहे है। जिससे 2027 का सपना कही मुंगेरीलाल के हसीन सपने जैसा ना हो जाए। सासंद अववेश प्रसाद की कार्यकर्ताओं के प्रति बेरुखी पूरे जनपद में चर्चा का विषय है।