: पूरी दुनिया आज अयोध्या के साथ मानवीयता का संबंध स्थापित कर रही है: योगी आदित्यनाथ
Thu, Dec 2, 2021
-महर्षि रामायण विद्यापीठ ट्रस्ट द्वारा आयोजित श्री विष्णु सर्व अद्भुत शांति महायज्ञ की पूर्णाहुति में शामिल हुए मुख्यमंत्री
अयोध्या। राष्ट्र की शांति, समृद्धि एवं विकास के संकल्प के साथ महर्षि रामायण विद्यापीठ ट्रस्ट द्वारा आयोजित हुए श्री विष्णु सर्व अद्भुत शांति महायज्ञ की पूर्णाहुति में सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हुए शामिल। 101 पुरोहितों द्वारा विधिवत पूजन अर्चन के बाद महायज्ञ में डाली गई आहुति। सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि अभी कुछ दिन पूर्व श्रीलंका के राजदूत यहां पर अशोक वाटिका की शिला को लेकर के आए थे, राम मंदिर के निर्माण के लिए, उसमे दान करने के लिए, दुनिया आज आपके साथ जुड़ रही है, दुनिया आज अयोध्या के साथ मानवीयता संबध स्थापित कर रही है। अब तो जिसे खुद पर शक होगा, वहीं अयोध्या में भव्य राममंदिर निर्माण पर संदेह करेगा। उन्होंने कहा कि जो अत्याचार करते थे उनका मुंहतोड़ जवाब देने के लिए अयोध्या हमेशा खड़ी रही। जब सब एक साथ खड़े हुए, एक अद्भुत संयोग बना तो प्रधानमंत्री मोदी जी ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर का शिलान्यास कर दिया। उन्होंने कहा कि अयोध्या में रामजन्म भूमि को अपवित्र करने का काम मोहम्मद गोरी के आने से पहले ही हो गया था समय-समय पर हमले होते रहे। हमारे भाव और भावनाओं को कुंद करने का काम होता रहा, लेकिन अयोध्या कभी चुप नहीं बैठी क्योंकि राम जी ने न कभी अन्याय किया न सहा।
महर्षि रामायण विद्यापीठ ट्रस्ट की ओर से 17 से 27 नवंबर तक नोएडा में श्रीविष्णु सर्व अद्भुत शांति महायज्ञ का आयोजन किया गया था। इस महायज्ञ की पूर्णाहुति बुधवार को अयोध्या स्थित महर्षि वेद विज्ञान विद्यापीठ परिसर में हुई। इस अनुष्ठान के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हुए।इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में सबसे पहले कार्यक्रम के आयोजकों को बधाई दी।उन्होंने कार्यक्रम शामिल होने वाले सभी संतों को भी इस आयोजन के लिए शुभकामना संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हम सब जानते हैं कि वेद दुनिया के सबसे प्राचीन ग्रंथ है। खासकर, ऋग्वेद को सबने स्वीकारा है। उन्होंने कहा कि एक समय था सरकार देश की भारतीयता को पिछाड़ने का काम कर रही हो। महर्षि महेश योगी जी ने उस समय भी उस कालखंड में भी भारतीय संस्कृति के पैरोकार भी रहे थे। उन्होंने सदैव ही अपनी आवाज़ के माध्यम से संस्कृति पर हो रहे हमलों के खिलाफ रहे।इस असवर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं भाजपा के राज्यसभा सांसद सुंधाशु त्रिवेदी भी मौजूद थे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि हमारे देश की संस्कृति आज भी इसी तरह के आयोजनों से कायम है। उन्होंने इस अवसर पर गोरखपुर स्थित गुरू गोरखनाथ मंदिर की स्मृति में कई बातें कहीं। उन्होंने इस बीच मंत्रोच्चारण आदि से देश की संस्कृति पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर महंत सुरेश दास जगतगुरु रामदिनेशाचार्य , महंत अर्जुनदास , राम वल्लभा कुंज के अधिकारी राजकुमार दास , महंत कृपालु राम भूषण दास जी , महंत परशुराम दास जी सहित सैकड़ों संत महंत उपस्थित रहे। आजे हुए अतिथियों का स्वागत कार्यक्रम के आयोजक अजय प्रकाश श्रीवास्तव प्रबंध न्यासी व कार्यक्रम के व्यवस्थापक समाजसेवी विकास श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से किया।
: सीताराम विवाहोत्सव के रंग में रंगने को तैयार रामनगरी
Thu, Dec 2, 2021
चक्रवर्ती सम्राट राजा दशरथ जी के राजमहल में तैयारी जोरों पर, श्रीराम कथा के मध्य होगा अद्वितीय राम विवाहोत्सव
अयोध्या। भगवान श्री राम की जन्म स्थली अयोध्या में प्रतिदिन उत्साह और आनंद का माहौल रहता है। लेकिन विशेष पर्व पर यह उल्लास व उत्साह कई गुना बढ़ जाता है और भी क्यो न। प्रभु श्री राम के जन्मोत्सव के बाद उनके विवाहोत्सव का पर्व भी बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। यह उत्सव अगहन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। रामनगरी के जिन चुनिंदा मंदिरों में राम विवाहोत्सव पूरे भाव-चाव से मनाया जाता है इनमें रामकोट स्थित चक्रवर्ती सम्राट राजा दशरथ जी के राज महल बड़ा स्थान जो बाबा राम प्रसादाचार्य जी महाराज की तपोस्थली के रुप में सुविख्यात है। पुण्यसलिला सरयू के तट पर स्थित लक्ष्मणकिला स्वर्गद्वारी स्थित विअहुती भवन, रंग महल, जानकी महल , कनक भवन व हनुमान बाग जैसे प्रमुख रूप से शामिल हैं वैसे तो अयोध्या के सभी मंदिरों में विवाह महोत्सव मनाया जाता है।
पिछले लगभग 2 वर्षों से कोरोना महामारी के कारण अयोध्या के सभी उत्सव औपचारिकता मात्र के रूप में मनाए जाते थे लेकिन इस वर्ष जब पूरे देश में कोरोना महामारी का प्रकोप कम हुआ है तो अयोध्या में भी उत्सव का रंग चटक हो गया है। रामनगरी के सभी मठ मंदिरों में विवाह महोत्सव मनाने की तैयारियां प्रारंभ हो गई है। यह उत्सव 8 दिसंबर को विवाह पंचमी के रूप में मनाया जाएगा। जिसमें अयोध्या के प्रमुख मंदिरों से ठाकुर जी की भव्य बारात निकाली जाएगी। तिलक उत्सव का कार्यक्रम होगा और प्रभु श्री राम और माता जानकी का विवाह भी हर्षोल्लास पूर्वक मनाया जाएगा।
प्रभु श्रीराम के स्मरण में हर दिन उत्सव जैसा है : देवेंद्रप्रसादाचार्य
अयोध्या। चक्रवर्ती सम्राट राजा दशरथ जी के राजमहल बड़ास्थान के बिंदुगाद्याचार्य स्वामी देवेंद्रप्रसादाचार्य जी महाराज ने बताया कि हमारे आराध्य प्रभु श्री राम के स्मरण में हर दिन उत्सव जैसा होता है। विभिन्न उत्सवों का रंग ही अलग हो जाता है। देश-विदेश से लोग अयोध्या में आकर ठाकुर जी के उत्सव में शामिल होते है। प्रभु श्रीराम ने त्रेता युग में जिन मर्यादाओं को स्थापित किया था उनका अनुसरण करते हैं व अपने जीवन में आत्मसात करते का प्रयास करते है। इसलिए भी सकल ब्रह्मांड में मर्यादा को स्थापित करने वाले प्रभु श्रीराम के प्रत्येक उत्सव का रंग अयोध्या में अनंत गुना बढ़ जाता है। उन्होंने बताया की मंदिर में सीताराम विवाह महोत्सव की तैयारी प्रारंभ हो गई है और बड़े ही हर्षोल्लास के साथ प्रभु श्रीराम और माता जानकी का विवाह उत्सव इस वर्ष कोरोना को दृष्टिगत रखते हुए मनाया जाएगा।
मानवता के लिए कल्याणकारी है श्री सीताराम विवाहोत्सव: रामानन्दाचार्य
अयोध्या। जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य जी महाराज ने बताया कि श्री सीताराम विवाह महोत्सव सभी के लिए कल्याणकारी है और वर्तमान समय में मानवता को पुनः स्थापित करने के लिए शिक्षाप्रद भी है। सकल विश्व के नायक मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम और माता जानकी के विवाह से समाज को बहुत बड़ा संदेश मिलता है। अगर मनुष्य मर्यादा का पालन करें एक पत्नी व्रत रखे और पत्नी भी हमेशा पति के साथ उसके सुख दुख में सहभागी हो तो बड़े से बड़ा कष्ट और समस्या का समाधान बहुत ही आसानी से हो जाता है। कार्यक्रम की तैयारी में कामधेनु आश्रम के पीठाधीश्वर महंत आशुतोष दास , आचार्य गौरव शास्त्री व शिवेंद्र शास्त्री लगे है।
हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा विवाह महोत्सव : महंत कृपालु
अयोध्या। चक्रवर्ती सम्राट राजा दशरथ जी के राजमहल बड़ास्थान में बिंदुगाद्याचार्य स्वामी श्री देवेंद्रप्रसादाचार्य जी महाराज के कृपापात्र शिष्य मंगल भवन व सुंदर सदन पीठाधीश्वर महंत कृपालु राम भूषण दास जी महाराज ने बताया कि पूज्य गुरुदेव भगवान के आशीर्वाद से मंदिर में विवाह महोत्सव की तैयारी प्रारंभ हो गई है। बड़े ही हर्षोल्लास के साथ इस वर्ष विवाह महोत्सव मनाया जाएगा क्योंकि पिछले 2 वर्षों से कोरोना महामारी ने अयोध्या के उत्सव पर भी असर डाला था लेकिन ठाकुर जी की कृपा से इस बार कोरोना का प्रकोप ना के बराबर है। फिर भी कोरोना को दृष्टिगत रखते तैयारी हो रही है और विवाह महोत्सव के अवसर पर मंदिर प्रांगण में जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य जी महाराज के श्री मुख से अमृतमयी दिव्य भव्य श्रीरामकथा हो रही है जो 3 दिसंबर से 9 दिसंबर तक चलेगी। भव्य श्री रामबारात निकाली जाएगी और ठाकुर जी का विवाह हर्षोल्लास के साथ संपन्न होगा।
: यूथ आईकॉन अवार्ड से 15 युवा वैद्य हुए सम्मानित
Mon, Nov 29, 2021
संकटमोचन सेना व जीवन अमृत का उद्देश्य, आयुर्वेद कुंभ के जरिए आयुर्वेद को घर-घर पहुंचाने का लिया संकल्प
अयोध्या। संकटमोचन सेना व जीवन अमृत के तत्वावधान में संचालित दो दिवसीय आयुर्वेद कुंभ के जरिए आयुर्वेद को घर-घर पहुंचाने का संकल्प लिया गया। अंतिम सत्र में संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत संजय दास द्वारा 15 युवा वैद्यों को यूथ आईकॉन अवार्ड से सम्मानित किया गया।
महंत संजय दास महाराज ने कहा कि अयोध्या की धरती पर आयोजित हुए इस आयुर्वेद कुंभ ने यह साबित किया है कि आयुर्वेद के प्रति लोगों का रूझान तेजी से बढ़ रहा है। कुंभ के दूसरे दिन विभिन्न सत्रों में वैद्य नरेंद्र गुजराथी, वैद्य तपन कुमार, वैद्य अनंत वी धर्माधिकारी आदि ने युवा वैद्यों का मार्गदर्शन किया। आयुर्वेद के मर्मज चिकित्सकों ने युवाओं को आयुर्वेद की उपयोगिता से जन-जन को जागरूक करने की जिम्मेदारी है। बताया गया कि आयुर्वेद कुंभ जैसे आयोजन इस दिशा में मील का पत्थर साबित होंगें। आयोजन के संयोजक मंडल में शामिल वैद्य अभय व वैद्य इंद्रासन प्रजापति ने बताया कि दूसरे दिन स्टॉल लगाकार मरीजों को आयुर्वेद की उपयोगिता समझाई गई तो कई मरीजों की जांच कर उन्हें दवाईंया भी दी गईं। बताया कि आयुर्वेद कुंभ में गुजरात, दिल्ली, महाराष्ट, उत्तरप्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए वैद्यों ने अपने-अपने अनुभवों से युवा वैद्यों का मार्गदर्शन किया। समापन अवसर पर 15 वैद्यों को सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर संकटमोचन सेना के कार्यवाहक अध्यक्ष हेमंत दास, वैद्य बनवारी लाल, वैद्य अभय नारायण मिश्र, वैद्य प्रवीण जोशी सहित अन्य मौजूद रहे।