: सताधार आश्रम गुजरात रामनगरी में चला रहा विशाल अन्नक्षेत्र, हजारों रामभक्त ग्रहण कर प्रसाद
Thu, Mar 14, 2024
विश्व, मानव, अभ्यागत, साधु-संतों आदि के कल्याण हेतु हम सेवा चला रहे: विजय बापू
सताधार आश्रम गुजरात में 24 घंटे अन्नक्षेत्र चलता है, जिसमें 20 से 25 हजार लाेग प्रतिदिन भाेजन ग्रहण करते हैं
अयाेध्या। भगवान श्रीरामलला सरकार के प्राण प्रतिष्ठा खुशी में अयाेध्याधाम में लगातार भंडारा, अन्नक्षेत्र और लंगर का क्रम जारी हैं। इसी कड़ी में सताधार आश्रम गुजरात की तरफ से विजय बापू के संयाेजन में रामघाट चाैराहा पर विगत 6 मार्च से विशाल अन्नक्षेत्र चल रहा है। अन्नक्षेत्र में प्रतिदिन सुबह-शाम पांच, पांच हजार श्रद्धालुगण भाेजन ग्रहण कर रहे हैं। इस माैके पर विजय बापू ने कहा कि सताधार आश्रम की स्थापना विक्रम संवत 1818 ई. में पूज्य गुरुदेव भगवान संत बापू आपागिगा ने किया था। आश्रम की स्थापना काे ढ़ाई सौ वर्ष से ज्यादा का समय हाे गया है। यह हमारी नाैंवी पीढ़ियां चल रही है। प्रथम गुरु गीगा बापू थे। सताधार आश्रम में एक शिष्य की परंपरा हाेती है।
उन्होंने बताया कि पूरे विश्व में हमारा भक्त समुदाय है। गुरूदेव की इच्छा थी कि जब अयाेध्याधाम में श्रीरामजन्मभूमि पर दिव्य, भव्य, नूतन मंदिर में भगवान रामलला विराजमान हाेंगे। ताे अवधधाम में आश्रम की तरफ से रामभक्ताें के लिए विशाल अन्नक्षेत्र चलाया जायेगा। उसी सापेक्ष में रामघाट चाैराहे पर विगत एक महीने से शबरी भंडारा चल रहा है, जिसका खर्चा संस्था स्वयं वहन कर रही है। इसके हम किसी से सहयोग नही ले रहे हैं। अन्नक्षेत्र में प्रतिदिन सुबह-शाम पांच, पांच हजार श्रद्धालुगण भाेजन ग्रहण कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि विश्व, मानव, अभ्यागत, साधु-संतों आदि के कल्याण हेतु हम सेवा चला रहे हैं। साथ ही साथ गाै सेवा का भी कार्य हम करते हैं। यहां तक कि कन्याओं की शादियां भी हम कराते हैं। शादियों में सहयोग भी करते हैं। सताधार आश्रम गुजरात में 24 घंटे अन्नक्षेत्र चलता है, जिसमें 20 से 25 हजार लाेग प्रतिदिन भाेजन ग्रहण करते हैं। सनातन धर्म के सभी त्याैहाराें काे हम धूमधाम से मनाते हैं। मानव, विश्व, जन कल्याण के लिए हम कार्य कर रहे हैं। हमारी प्रसिद्धि काेई नही है। हम ढ़ाई साै वर्षाें से सेवा से जुड़े हैं। सबका कल्याण हाे, मानव-मानव और भाई-भाई के अंदर भाईचारा बना रहे। सनातन धर्म आगे बढ़े। विश्व बंधुत्व की भावना स्थापित हाे। इस अवसर पर स्वामीनारायण संप्रदाय से जुड़े महंत प्रेम स्वरूप दास, हनुमानगढ़ी के महंत बलराम दास समेत अन्य संत-महंत माैजूद रहे।
: भगवान मल्लिनाथ निर्वाणलाडू भक्तिभावपूर्वक चढ़ाया गया
Thu, Mar 14, 2024
भगवान की भक्ति कलयुग में पुण्य का सम्पादन कराती है: गणिनी ज्ञानमती माताजी
अयोध्या। भगवान ऋषभदेव दिगम्बर (बड़ी मूर्ति) जैन मंदिर रायगंज स्थित जैन मंदिर में जैन समाज की सर्वोच्च साध्वी गणिनीप्रमुख ज्ञानमती माताजी के ससंघ सानिध्य में भगवान मल्लिनाथ ला 11 किलो का निर्वाण लाडू चढ़ाया गया। सर्वप्रथम भगवान की प्रतिमा का पंचामृत महामस्तकाभिषे किया गया। जिसमें दूध, जल, नारियल पानी, घी, इच्छुरस, दही, सर्वोषधि, पुष्पदृष्टि, सुगंधित जल एवं सारे विश्व में शांति की कामना से महाशांतिधारा भगवान के मस्तक पर सम्पन्न की गई। जिसमें प्रथम शांतिधारा का सौभाग्य नाथूलाल मुम्बई वालो ने सौभाग्य प्राप्त किया एवं विजय जैन धर्मपत्नी श्रीमती रश्मि जैन राजपुर रोड़ नई दिल्ली ने प्राप्त किया। इसी क्रम में नितिन जैन शाहदरा दिल्ली वालों ने बड़े भगवान के मस्तक पर शांतिधारा करने का सौभाग्य प्राप्त किया एवं भगवान का प्रथम निर्वाण लाडू चढाने का सौभाग्य श्री विजय जैन, क्षितिज जैन ने प्राप्त किया।
विजय कुमार जैन मंत्री अयोध्या तीर्थक्षेत्र कमेटी ने बताया है कि इस अवसर पर भक्तों को आशीर्वाद देते हुए गणिनीप्रमुख ज्ञानमती माताजी ने कहा कि कलयुग में पुण्य सम्पादन भगवान की भक्ति के अलावा ओर कोई साधन नहीं करा सकती है। कलयुग में भगवान की भक्ति हुई संसार सागर से तिराने में मुख्य साधन है। आज सभी को अधिक से अधिक भगवान की भक्ति करके पुण्योपार्जन करना चाहिए। इस अवसर पर प्रज्ञाश्रमणी आर्यिका चंदनामती माताजी के मार्गदर्शन में समस्त कार्यक्रम सम्पन्न किए गए। समस्त कार्यक्रम संस्थान के पीठाधीश स्वस्ति रवीन्द्रकीर्ति स्वामीजी के नेतृत्व में सम्पन्न किए गए। इस अवसर पर आगामी 3 अप्रैल को भगवान ऋषभदेव की जन्मजयंती का आयोजित करने के संदर्भ में एक मीटिंग का आयोजन किया गया। जिसमें सम्पूर्ण अवध से सदस्य गण सम्मिलित हुए। मुख्य रूप से अमरचंद जी जैन लखनऊ, ऋषभजैन तहसील फतेहपुर, आदीश जैन (सर्राफ) लखनऊ, सिद्धार्थ जैन लखनऊ, पारस जैन, परमेंद्र जैन, बबुआ निधेश जैन, जवाहरलाल जी जैन, विजय जैन दिल्ली, नितिन जैन, पंकज जैन बिलहरा, जीवन प्रकाश जैन, विजय कुमार जैन हस्तिनापुर आदि सम्मिलित हुए।
: जमीन बेचकर पत्नी को भेजा कनाडा, विदेश जाकर बदली नियत कर ली दूसरी शादी,
Wed, Feb 7, 2024
इंसाफ के लिए दर दर भटक रहा पति
भारतीय छात्रों का कनाडा जाकर पढ़ाई करने का क्रेज दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा है। ऐसे में विदेश में पक्के होने के लिए छात्र कई तरह के तरीके अपनाते है। इतना ही नहीं लड़कियां भी विदेश में पीआर लेने के लिए शादी का सहारा ले लेती है। ऐसा ही एक नया मामला सामने आया है जहां भारत में शादी करके कनाडा गई एक लड़की ने फिर से विदेश में जाकर दूसरी शादी कर ली। इतना ही नहीं उसने अपने भारत में ससुराल वालों को धोखा देते हुए उनके फोन नंबर भी ब्लाॅक कर दिए।
बता दें कि मामला पंजाब के बटाला के नजदीकी गांव पेराेशाह से सामने आया है। यहां के रहने वाले हरमिंदर सिंह की पत्नी पढ़ाई करने कनाडा चली गई. इसके बाद अपने पति को वहां नहीं बुलाया और कनाडा में दूसरी शादी कर ली।
वहीं अब पीड़ित परिवार ने एसएसपी ऑफिस में पुलिस के उच्चाधिकारियाें से परिवार के लोगों ने शिकायत की है। मामले की जानकारी देते हुए हरमिंदर सिंह ने बताया कि उसकी शादी करीब 12 साल पहले जिला बटाला के गांव की रहने वाली लड़की के साथ हुई थी। दाेनाें एक साथ पढ़ाई करते थे और परिवाराें की रजामंदी के साथ दाेनाें की शादी हुई।
शादी के करीब तीन महीने बाद उसकी पत्नी कनाडा चली गई थी। इस दौरान वह पत्नी के कॉलेज की फीस भी पति ही भरता रहा. इसके लिए उसने अपनी पैतृक जमीन भी बेच दी।
हरमिंदर सिंह ने बताया कि पहले तो उसकी पत्नी उसे कनाडा ले जाने के लिए कहती रही इतना ही नहीं दो-तीन बार उसने फाइल भी लगाई। उसे कनाडा का वीजा नहीं मिला पाया। उन्होंने बताया कि पढ़ाई के एक साल बाद उनकी पत्नी पंजाब आई थी। जब वह यहां से गई, तो वह गर्भवती थी। मगर, कनाडा जाने के बाद उसकी पत्नी ने अपने परिवार की सहमति से गर्भपात करा लिया। अब उसके कनाडा में रहने वाले दोस्तों ने जानकारी दी है कि कुछ समय पहले उसकी पत्नी ने कनाडा में दूसरी शादी कर ली है। इतना ही नहीं पति और उसके घरवालों का नंबर भी ब्लॉक कर दिया है। और तो और पत्नी को फोन करने पर वह गाली-गलौज करने लगती है और ससुराल वालों को जान से मारने की धमकियां भी दी गईं। युवक की की मां सुरजीत कौर ने कहा कि 12 साल से कनाडा जाने की उम्मीद में बैठे उसके बेटे काे धोखा मिला है, जिससे मन काे बहुत ठेस पहुंची है।