: झूलन में आज सज धज के युगल सरकार बैठे हैं...
Sat, Aug 10, 2024
सियारामकिला झुनकी घाट व राजगोपाल मंदिर में झूलनोत्सव अपने चर्मोत्कर्ष परअयोध्या। श्रावण शुक्ल तृतीया से अयोध्याधाम के मठ-मंदिरों में प्रसिद्ध झूलन महोत्सव की शुरूवात हो गई है। जो शनै-शनै अपने चरम पर पहुंच रहा है। झुनझुनिया बाबा की तपोस्थली मां सरयू के पावन तट पर सुशोभित प्रसिद्ध पीठ श्री सियारामकिला झुनकी घाट में श्रावण शुक्ल तृतीया से झूलन महोत्सव प्रारंभ है। जो रक्षाबंधन तक अपने चर्मोत्कर्ष पर रहेगा। झुनकी घाट में प्रतिदिन सायंकाल भोग, आरती-पूजन बाद युगल सरकार के झूलन की सुभव्य झांकी सज रही है। जिसे पीठ के श्रीमहंत करुणानिधान शरण जी महाराज अपना सानिध्य प्रदान कर रहे हैं। नामचीन कलाकार अनेकानेक झूलन के पद्म झूलन में आज सज धज के युगल सरकार बैठे हैं..। आजु तो अवध सैयां झमकि झूलाऊंगी, मीठी मीठी तान गाय मंद मंद मुसुकाय। झोंकन को मारि हिय... मन आपनो री.. आदि गाकर महोत्सव में चार-चांद लगा रहे हैं। कलाकारों द्वारा मठ में प्रतिदिन झूलन की महफिल सजाई जा रही। जिससे साधु-संत से लेकर भक्तगण मंत्रमुग्ध हो गए। भगवान के झूलन झांकी का दर्शन कर भक्तजनों ने अपना जीवन कृतार्थ किया। सियारामकिला पीठाधीश्वर श्रीमहंत करुणानिधान शरण महाराज ने कलाकारों को न्यौछावर भेंट किया। इसी तरह छोटी देवकली में स्थित प्रसिद्ध पीठ राजगोपाल मंदिर में सीताराम शरण महाराज के दिशा-निर्देशन में झूलन महोत्सव का कार्यक्रम चल रहा है। मंदिर में सायंकाल ठाकुरजी के भोग, आरती-पूजन बाद झूलन सरकार की दिव्य झूलन झांकी सजाई जा रही है। जिसका सिलसिला देररात्रि तक चलता है। युगल सरकार के झूलन झांकी का दर्शन कर साधु-संत, भक्तजन अपना जीवन सार्थक बना रहे हैं। पीठ के व्यवस्थापक सर्वेश्वर दास शरद जी महाराज एवं कलाकारो द्वारा आई तीज सुहावन प्यारी, सिया जू पहिरिन लहरिया सारी... जैसे आदि अनेकानेक झूलन के पद्य गाकर भावविभोर हो रहे हैं। झूलन के पद्य सुनकर उपस्थित साधु-संत से लेकर भक्तगण मंत्रमुग्ध हो गए। जो खुशी से झूमने को आतुर दिखे। भक्तजन अपनी सुध-बुध खोकर युगल सरकार के झूलनोत्सव पर झूम रहे हैं। उनकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं है।
: अयोध्या की बनी नई पहचान, इसे संभाल के रखना अयोध्यावासियों का दायित्व : सीएम योगी
Sat, Aug 10, 2024
मुख्यमंत्री ने अयोध्या विपीठ में जनसभा को किया संबोधितविपीठ परिसर में श्रीराम दरबार और अशर्फी भवन में पूज्य आचार्यों की प्रतिमाओं के स्थापना कार्यक्रम में शामिल हुए योगीअयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि विगत 7 साल में अयोध्या को नई पहचान मिली है। ये पहचान आसानी से नहीं, बल्कि लंबे र्सां के बाद मिली है और इसे बचाए रखने का दायित्व भी अयोध्यावासियों का होना चाहिए। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए अयोध्यावासियों से कहा कि नकारात्मक शक्तियों के मन में आपके प्रति सम्मान नहीं बल्कि दिखावटीपन है। कहा कि जिन्हें अत्याचार में भी वोट बैंक दिखाई देता है, वो आपके हितैी कैसे हो सकते हैं। सीएम योगी शनिवार को मिल्कीपुर में अयोध्या विपीठ परिसर में श्रीराम दरबार और अशर्फी भवन अयोध्या धाम के पूज्य आचार्यों की दिव्य एवं भव्य प्रतिमा के स्थापना कार्यक्रम के दौरान जनसभा को संबोधित कर रहे थे।मुख्यमंत्री ने कहा कि परिस्थितियां सम हों या विम, कोई हमें हमारे मूल्यों से डिगा नहीं सकता। उन्होंने बांग्लादेश के हालात पर बोलते हुए कहा कि वहां प्रताड़ित होने वाले 90 प्रतिशत हिन्दू दलित समाज का हिस्सा हैं, मगर वहां के हिन्दू यहां के वोट बैंक नहीं हैं तो सभी के मुंह सिले हुए हैं। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बांग्लादेश के हिन्दुओं की रक्षा करना हमारा दायित्व है। सीएम योगी ने कहा कि बांग्लादेश में हिन्दू होना गलती नहीं है, बल्कि सौभाग्य है और उनकी रक्षा करना और पीड़ा के वक्त उसके साथ खड़ा होना हमारा दायित्व है। मानवता के नाते उसकी रक्षा करना हमारा दायित्व है। ये काम हम हमेशा करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जो नकारात्मक ताकते हैं, जो राम, कृण को नहीं मानते, भारतीयता के प्रति सम्मान का भाव नहीं रखते, जो दुनिया के किसी कोने में कोई हिन्दू प्रताणित हो रहा है तो उसके लिए आवाज नहीं उठा सकते, क्योंकि उन्हें डर लगता है कि इससे यहां का उनका वोट बैंक न खिसक जाए। जिनको दुनिया के अंदर होने वाले अत्याचार में वोट बैंक दिखाई देता है, वो आपके हितैी कैसे हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि राक्षसी वृत्तियां जब भी प्रबल हों, उनका मुकाबला करने के लिए हमें तैयार होना होगा। सीएम योगी ने कहा कि हमारी आजादी सुरक्षित होगी, तभी हमारा भविय भी सुरक्षित होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें अपने हित और अहित को पहचानना होगा, देखना होगा कि हमें कहां और कैसे सुरक्षा मिलेगी, कौन हमारे हितैी हैं, कौन विरोधी हैं। समय रहते इसका विचार करना होगा, वरना आने वाली पी़यां हमें कोसेगी। सीएम योगी ने काकोरी ट्रेन एक्शन के शताब्दी महोत्सव का जिक्र करते हुए पं रामप्रसाद बिस्मिल, राजेन्द्रनाथ लाहिड़ी, ठाकुर रोशन सिंह, अशफाकउल्लाह खां और चंद्रशेखर आजाद के देशप्रेम को नमन किया। मुख्यमंत्री ने सभी से आगामी 13 से 15 अगस्त तक हर घर तिरंगा फहराने, तिरंगा यात्राएं निकालने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें अयोध्या धाम की पावन धरा पर श्रीराम दरबार के पवित्र विग्रहों और पूज्य संतों की प्रतिमाओं की स्थापना का गौरव प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि अपने धर्माचरण से भारत भूमि को पवित्र करके श्रीराम जन्मभूमि के आंदोलन को अपने हाथों में लेने वाले पूज्य स्वामी मधुसूदनाचार्य जी महाराज, जगद्गुरु रामानुजाचार्य माधवाचार्य की दिव्य प्रतिमाओं की स्थापना का कार्य हुआ है। उन्होंने कहा कि इन पूज्य संतों की साधना को मूर्त प देने के लिए न केवल आज अयोध्या विपीठ के प में धर्म जागरण के बृहद कार्यक्रम को अपने हाथ में लिया गया है, साथ ही आधुनिक शिक्षा देने का कार्य भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब संतों की साधना मूर्त प लेती है तो ऐसे संस्थान हम सबको देखने को मिलते हैं। मधुसूदना जी महाराज ने अयोध्या धाम के साथ साथ पूरे देश के अलग अलग क्षेत्र को अभिसिंचित करने का कार्य किया। रामानुजाचार्य पूज्य स्वामी माधवाचार्य जी महाराज का कार्यकाल भले ही अल्प रहा हो, लेकिन अपनी साधना के साथ उन्होंने लोगों के जीवन को बदलने का कार्य किया। सीएम योगी ने अयोध्या विपीठ के माध्यम से कोरोना जैसी महामारी के वक्त किये गये लोक कल्याणकारी कार्यों को याद किया। कहा कि जब पूरी दुनिया हताश थी तब हमारे धर्मस्थल और पूज्य संत और ऐसे संस्थान लोक कल्याण के अभियान के साथ जुड़े थे। अयोध्या विपीठ परिसर में श्रीराम दरबार और अशर्फी भवन अयोध्या धाम के पूज्य आचार्यों की दिव्य एवं भव्य प्रतिमा के स्थापना कार्यक्रम में जगद्गु रामानुजाचार्य, स्वामी श्रीधराचार्य महाराज, रंग महल के संत श्रीराम शरण दास महाराज, महंत भरतदास महाराज, स्वामी अनंताचार्य महाराज, महंत रामलखन दास महाराज, करुणादास महाराज, स्वामी रामदास महाराज सहित संतजन उपस्थित रहे। इस अवसर पर प्रदेश सरकार में मंत्री सूर्य प्रताप शाही, राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा, पूर्व सांसद लल्लू सिंह, विधायक रामचंद्र यादव, महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी, जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह, बीजेपी जिलाध्यक्ष संजीव सिंह, पूर्व विधायक गोरखनाथ बाबा, अयोध्या विपीठ के पदाधिकारीगण, अशर्फी धाम के भक्तगण, छात्र-छात्राएं और अभिभावकगण सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।
: मल्य विद्या के नये पौधों को सीच रहें मामा दास
Sat, Aug 10, 2024
हनुमानगढ़ी के पहलवानों का दबदबा वैश्विक पटल पर स्थापित है: मामा दासहनुमानगढ़ी के इस अखाड़ा पर नन्हे पहलवान के साथ साथ बड़े पहलवान भी सीख रहे हैं एक से बढ़कर एक दांवहनुमानगढ़ी के पहलवानों ने पूरे विश्व पर छोड़ी है अमिट छाप, इमली बगिया के अखाड़े पर जोर आजमाइश करते है दर्जनों पहलवानअयोध्या। रामनगरी भजनानंदी संतो की सराय के साथ साथ मल्य विद्या कुश्ती के पहलवानों के लिए भी जानी पहचानी जाती है। नगरी की प्रधानतम पीठ श्री हनुमानगढ़ी मल्य विद्या का भी गढ़ है। जहां के पहलवानों ने पूरे देश ही नही बल्कि पूरे विश्व में अपनी पहलवानी का दबदबा स्थापित किया है। हनुमानगढ़ी के बड़े अखाड़े पर जोर अजमाइश करने वाले पहलवान वैश्विक पटल पर अपने नाम का झंडा फहराया है,तो आज कल इमली बगिया में इन दिनों पहलवान जोर आजमाइश कर रहें है। उसी अखाड़े पर पहलवानी के दांव पेंच सीख रहें है। पहलवानों का कहना है कि मामा दास का कुश्ती प्रेम बड़ा ही अनूठा है। पहलवानों के लिए दूध, बादाम व धी अधिक से अधिक मात्रा में खाने को मिलता है जिससे कुश्ती लड़ने में सहायक हो रहा है। क्योंकि मामा दास जी खुद के पहलवान है इसलिए पहलवानों का दर्द भी समझते हैं। पहलवान गरीब होते है इसलिए सही से खुराक नही मिल पाता है लेकिन इमली बगिया में पहलवानों को अच्छा खुराक मिलता है। आज नये पहलवानों की पहली पसंद इमली बगिया बनती जा रही है।कुश्ती की प्रतिभा में निखार लाने के लिए मजबूत इरादा और बहादुरी की जरूरत होती है। आज अगर हम कुश्ती सीख रहे पट्ठों पर जमकर मेहनत करें और वो भी मन लगा कर पहलवानी सीख लें तो निश्चित तौर पर जिला ही नहीं प्रदेश व देश में अपना व मां बाप का नाम जरूर रोशन कर सकेंगे। ये कहना है राष्ट्रीय स्तर के पहलवान रहे हनुमानगढ़ी के गद्दी नशीन श्रीमहंत प्रेमदास जी महाराज के कृपापात्र शिष्य हनुमत संस्कृत स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य महंत डा महेश दास जी के शिष्य समाजसेवी मामा दास जी का। मामा दास अपने आसान इमली बगिया में एक अखाड़ा खोदवाकर पहलवानी की जोर आजमाइश खुद करते है और करवाते है। पहलवानों को अच्छी से अच्छी खुराक मिले इसको लेकर बेहद संजीदा रहते है। बकायदा पांच लोगों की एक टीम रखें है जो बादाम, धी व दूध हर पहलवानों से मिलता रहें इमली बगिया में पहलवानों के खाने पीने की कोई कमी न रहें इस बात का विशेष ध्यान देते है। पहलवानी के लिए तैयार हो रहे पट्ठों की हौसला भी बढाते है। बता दें कि अयोध्या हनुमान गढ़ी पर स्थित इस अखाड़े ने देश को बड़े बड़े पहलवान दिए हैं, जिनकी पहलवानी का डंका आज भी बजता है।