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अयोध्या में पार्किंग व्यवस्था पर सवाल, श्रद्धालुओं से अवैध वसूली के आरोप

सृष्टि एक अनुशासित और मेधावी छात्रा रही: प्रबंध निदेशक रवि यादव 

सौरभ कुमार ने 98.10 व सुमित तिवारी ने 96.64 अंक प्राप्त कर जिले का मान बढ़ाया 

संतों के सान्निध्य में वैष्णव परंपरा के अनुसार विधिवत अनुष्ठान कर अमित कुमार दास को कंठी, चादर और तिलक देकर महंत पद की

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: मल्य विद्या के नये पौधों को सीच रहें मामा दास

बमबम यादव

Sat, Aug 10, 2024
हनुमानगढ़ी के पहलवानों का दबदबा वैश्विक पटल पर स्थापित है: मामा दास हनुमानगढ़ी के इस अखाड़ा पर नन्हे पहलवान के साथ साथ बड़े पहलवान भी सीख रहे हैं एक से बढ़कर एक दांव हनुमानगढ़ी के पहलवानों ने पूरे विश्व पर छोड़ी है अमिट छाप, इमली बगिया के अखाड़े पर जोर आजमाइश करते है दर्जनों पहलवान अयोध्या। रामनगरी भजनानंदी संतो की सराय के साथ साथ मल्य विद्या कुश्ती के पहलवानों के लिए भी जानी पहचानी जाती है। नगरी की प्रधानतम पीठ श्री हनुमानगढ़ी मल्य विद्या का भी गढ़ है। जहां के पहलवानों ने पूरे देश ही नही बल्कि पूरे विश्व में अपनी पहलवानी का दबदबा स्थापित किया है। हनुमानगढ़ी के बड़े अखाड़े पर जोर अजमाइश करने वाले पहलवान वैश्विक पटल पर अपने नाम का झंडा फहराया है,तो आज कल इमली बगिया में इन दिनों पहलवान जोर आजमाइश कर रहें है। उसी अखाड़े पर पहलवानी के दांव पेंच सीख रहें है। पहलवानों का कहना है कि मामा दास का कुश्ती प्रेम बड़ा ही अनूठा है। पहलवानों के लिए दूध, बादाम व धी अधिक से अधिक मात्रा में खाने को मिलता है जिससे कुश्ती लड़ने में सहायक हो रहा है। क्योंकि मामा दास जी खुद के पहलवान है इसलिए पहलवानों का दर्द भी समझते हैं। पहलवान गरीब होते है इसलिए सही से खुराक नही मिल पाता है लेकिन इमली बगिया में पहलवानों को अच्छा खुराक मिलता है। आज नये पहलवानों की पहली पसंद इमली बगिया बनती जा रही है।कुश्ती की प्रतिभा में निखार लाने के लिए मजबूत इरादा और बहादुरी की जरूरत होती है। आज अगर हम कुश्ती सीख रहे पट्ठों पर जमकर मेहनत करें और वो भी मन लगा कर पहलवानी सीख लें तो निश्चित तौर पर जिला ही नहीं प्रदेश व देश में अपना व मां बाप का नाम जरूर रोशन कर सकेंगे। ये कहना है राष्ट्रीय स्तर के पहलवान रहे हनुमानगढ़ी के गद्दी नशीन श्रीमहंत प्रेमदास जी महाराज के कृपापात्र शिष्य हनुमत संस्कृत स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य महंत डा महेश दास जी के शिष्य समाजसेवी मामा दास जी का। मामा दास अपने आसान इमली बगिया में एक अखाड़ा खोदवाकर पहलवानी की जोर आजमाइश खुद करते है और करवाते है। पहलवानों को अच्छी से अच्छी खुराक मिले इसको लेकर बेहद संजीदा रहते है। बकायदा पांच लोगों की एक टीम रखें है जो बादाम, धी व दूध हर पहलवानों से मिलता रहें इमली बगिया में पहलवानों के खाने पीने की कोई कमी न रहें इस बात का विशेष ध्यान देते है। पहलवानी के लिए तैयार हो रहे पट्ठों की हौसला भी बढाते है। बता दें कि अयोध्या हनुमान गढ़ी पर स्थित इस अखाड़े ने देश को बड़े बड़े पहलवान दिए हैं, जिनकी पहलवानी का डंका आज भी बजता है।

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