श्री राम जानकी मंदिर, वेदांती कुटिया के महंत बनें अमित कुमार दास : संतों के सान्निध्य में वैष्णव परंपरा के अनुसार विधिवत अनुष्ठान कर अमित कुमार दास को कंठी, चादर और तिलक देकर महंत पद की
admin
Thu, Apr 23, 2026
श्री राम जानकी मंदिर, वेदांती कुटिया के महंत बनें अमित कुमार दास
संतों के सान्निध्य में वैष्णव परंपरा के अनुसार विधिवत अनुष्ठान कर अमित कुमार दास को कंठी, चादर और तिलक देकर महंत पद की जिम्मेदारी सौंपी गई
अयोध्या। रामनगरी के आचार्य पीठ श्री लक्ष्मण किला के समीप श्री राम जानकी मंदिर, वेदांती कुटिया में गुरुवार को आध्यात्मिक वातावरण के बीच एक महंताई समारोह का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। इस दौरान अमित कुमार दास को आश्रम का नया महंत नियुक्त किया गया। यह कार्यक्रम मंदिर के पूर्व महंत बाबूलाल दास महाराज के साकेत गमन के उपरांत आयोजित तेरहवीं संस्कार के अवसर पर हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में संत-महंत उपस्थित रहे।कार्यक्रम की अध्यक्षता आचार्य पीठ श्री लक्ष्मण किला के किलाधीश महंत मैथिलीरमण शरण महाराज व संचालन हनुमत निवास पीठाधीश्वर आचार्य प्रख्यात साहित्यकार डा. मिथलेश नन्दनी शरण महाराज ने की। संतों के सान्निध्य में वैष्णव परंपरा के अनुसार विधिवत अनुष्ठान कर अमित कुमार दास को कंठी, चादर और तिलक देकर महंत पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। संत समाज ने सर्वसम्मति से इस निर्णय को मान्यता दी।महंत पद ग्रहण करने के बाद महंत अमित कुमार दास ने संतों का आशीर्वाद लेते हुए कहा कि वे मंदिर की परंपराओं और सनातन वैष्णव संस्कृति का पूरी निष्ठा के साथ पालन करेंगे। उन्होंने कहा कि ठाकुर जी की भोग-राग सेवा, पूर्वाचार्यों द्वारा स्थापित उत्सवों और सवैया परंपरा को निरंतर जारी रखा जाएगा। साथ ही आश्रम के विकास और सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए भी वे समर्पित रहेंगे। महंत मैथिलीरमण शरण महाराज ने बताया कि पूर्व महंत बाबूलाल दास महाराज ने अपनी वसीयत में ही अमित कुमार दास को उत्तराधिकारी घोषित किया था। उन्होंने कहा कि संत समाज ने आज उसी निर्णय को परंपरानुसार औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया है।इस अवसर पर आचार्य डा मिथिलेश नंदिनी शरण महाराज ने कहा कि अमित कुमार दास ने अपने गुरु की सेवा में समर्पण दिखाया है और उसी का परिणाम है कि उन्हें यह दायित्व मिला है। उन्होंने विश्वास जताया कि वे आगे भी ठाकुर जी की सेवा में पूरी निष्ठा से जुटे रहेंगे।समारोह में महंत कमलनयन दास, अधिकारी राजकुमार दास सहित अनेक प्रमुख संत-महंत मौजूद रहे। इसके अलावा महंत अवध किशोर शरण, महंत महंत राम प्रिया शरण, महंत रामकुमार दास, रामायणी रामशरण दास, रामलोचन शरण,महंत शशिकांत दास और अवध किशोर शरण समेत सैकड़ों संतों की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की।पूरे कार्यक्रम में भक्ति, परंपरा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस आयोजन ने एक बार फिर अयोध्या की समृद्ध आध्यात्मिक परंपरा और विरासत को जीवंत कर दिया।
Tags :
विज्ञापन
विज्ञापन