Sunday 5th of July 2026

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रामनगरी में पार्किंग के नाम पर ‘लूट’,रेट सूची छिपाकर हो रही मनमानी : सीएम योगी के निर्देशों के बावजूद रामभक्तों से हो रही लूट, शिकायतों पर नहीं हो रही सुनवाई

रामनगरी में पार्किंग के नाम पर ‘लूट’, रेट सूची छिपाकर हो रही मनमानी वसूली

सीएम योगी के निर्देशों के बावजूद रामभक्तों से हो रही लूट, शिकायतों पर नहीं हो रही सुनवाई

अयोध्या। संत कबीर दास का प्रसिद्ध दोहा—“राम नाम की लूट है, लूट सके तो लूट, अंत समय पछतायेगा, जब प्राण जाएंगे छूट”—इन दिनों रामनगरी की वाहन पार्किंग व्यवस्था पर सटीक बैठता नजर आ रहा है। एक ओर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या को श्रद्धालुओं के लिए सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं, वहीं दूसरी ओर नगर निगम से अधिकृत पार्किंग स्थलों पर अव्यवस्थाएं और मनमानी वसूली श्रद्धालुओं की परेशानी का कारण बन रही है।

जानकारी के अनुसार, भजन संध्या स्थल के पास संचालित नगर निगम पार्किंग में रेट सूची तक प्रदर्शित नहीं की गई है। इसका फायदा उठाकर पार्किंग कर्मियों द्वारा श्रद्धालुओं से मनमाना शुल्क वसूला जा रहा है। दूर-दराज से भगवान राम के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु इस अव्यवस्था का शिकार हो रहे हैं और विरोध करने पर उन्हें कोई सुनवाई नहीं मिल रही।

स्थिति और गंभीर तब हो जाती है जब शिकायत करने के बावजूद संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। आरोप है कि नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी और जिले के उच्चाधिकारी इस पूरे मामले में आंख मूंदे बैठे हैं। श्रद्धालुओं को अपने साथ हुई वसूली की शिकायत लेकर इधर-उधर भटकना पड़ता है, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा।

राम कथा कच्ची पार्किंग, जो नगर निगम द्वारा अधिकृत बताई जाती है, वहां भी पारदर्शिता का अभाव दिख रहा है। पार्किंग स्थल पर रेट लिस्ट तो लगाई गई है, लेकिन उसे पुलिस बैरियर से इस तरह ढक दिया गया है कि आम श्रद्धालु उसे देख ही नहीं पाते। आरोप है कि यह सब जानबूझकर किया गया है, ताकि अधिक शुल्क वसूला जा सके।

स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का कहना है कि रामनगरी में इस तरह की अव्यवस्था न केवल प्रशासनिक विफलता को दर्शाती है, बल्कि धार्मिक आस्था के साथ भी खिलवाड़ है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पार्किंग स्थलों पर स्पष्ट रूप से रेट सूची प्रदर्शित कराई जाए और अवैध वसूली करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, ताकि अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

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