बृजभूषण शरण सिंह को न्याय मिलने पर संत समाज में खुशी, महंत संजय दास : हनुमानगढ़ी में संतों ने जताई प्रसन्नता, कहा-न्यायपालिका के फैसले से लोकतंत्र और न्याय व्यवस्था पर विश्वास हुआ और मजबूत
admin
Mon, Aug 3, 2026
बृजभूषण शरण सिंह को न्याय मिलने पर संत समाज में खुशी, महंत संजय दास बोले-'सत्यमेव जयते', महंत हेमंत दास ने बांटी मिठाई
हनुमानगढ़ी में संतों ने जताई प्रसन्नता, कहा-न्यायपालिका के फैसले से लोकतंत्र और न्याय व्यवस्था पर विश्वास हुआ और मजबूत
अयोध्या। पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को न्यायपालिका से न्याय मिलने के बाद रामनगरी अयोध्या के संत समाज में खुशी की लहर दौड़ गई। हनुमानगढ़ी परिसर में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं संकट मोचन सेना के अध्यक्ष महंत संजय दास महाराज तथा श्रृंगी ऋषि आश्रम के पीठाधीश्वर महंत हेमंत दास महाराज ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे सत्य और न्याय की विजय बताया। इस अवसर पर हनुमानगढ़ी में मिठाइयां बांटकर संतों एवं श्रद्धालुओं के साथ खुशी का इजहार किया गया।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं संकट मोचन सेना के अध्यक्ष महंत संजय दास महाराज ने कहा कि "सत्यमेव जयते केवल राष्ट्रीय आदर्श वाक्य नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और न्याय व्यवस्था की आत्मा है। न्यायपालिका ने जिस निष्पक्षता और संवैधानिक मर्यादा के साथ अपना निर्णय दिया है, उससे देशवासियों का न्याय व्यवस्था पर विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है। सत्य को चाहे कितनी भी कठिन परीक्षाओं से गुजरना पड़े, अंततः विजय उसी की होती है। हम इस निर्णय का सम्मान करते हुए माननीय बृजभूषण शरण सिंह जी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हैं।"
वहीं श्रृंगी ऋषि आश्रम के पीठाधीश्वर महंत हेमंत दास महाराज ने कहा कि "यह निर्णय उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है, जो न्यायपालिका पर विश्वास रखते हैं। किसी भी सम्मानित एवं प्रतिष्ठित व्यक्ति पर बिना पर्याप्त आधार के आरोप लगाना समाज और लोकतंत्र दोनों के लिए उचित नहीं है। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि जिन लोगों ने आरोप लगाए थे, उन्हें सत्य का बोध हो तथा भविष्य में किसी भी निर्दोष व्यक्ति की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने का प्रयास न किया जाए। न्यायालय का यह फैसला सत्य और न्याय की विजय का प्रतीक है।"
महंत हेमंत दास महाराज ने हनुमानगढ़ी में उपस्थित संतों एवं श्रद्धालुओं के बीच मिठाई वितरित कर अपनी खुशी व्यक्त की। संतों ने कहा कि न्यायपालिका के निर्णयों का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है और यही लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति है।
इस अवसर पर अंबिका दास, अंकित दास, विराट दास, शिवम श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में संत, श्रद्धालु एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में न्यायपालिका के प्रति विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि सत्य की विजय ही भारत की सनातन परंपरा और लोकतांत्रिक मूल्यों की पहचान है।
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