राममंदिर के ध्वज पर अंकित कोविदार अब रामनगरी में फैलाएगा हरियाली और : विनोदभाई सोलंकी ने संतों से किया संवाद, अयोध्या में विशेष कोविदार वाटिका विकसित करने का संकल्प; अब तक 500 से 600 पौधों
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Sun, Sep 20, 2026
राममंदिर के ध्वज पर अंकित कोविदार अब रामनगरी में फैलाएगा हरियाली और संस्कार का संदेश
विनोदभाई सोलंकी ने संतों से किया संवाद, अयोध्या में विशेष कोविदार वाटिका विकसित करने का संकल्प; अब तक 500 से 600 पौधों के रोपण की जानकारी
अयोध्या। श्रीराम मंदिर के ध्वज पर अंकित कोविदार का प्रतीक अब रामनगरी की धरती पर हरियाली और संस्कार का संदेश देने की तैयारी में है। कच्छ, गुजरात के माधापर से अयोध्या पहुंचे श्री कच्छ गुर्जर क्षत्रिय समाज महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं समाजरत्न विनोदभाई पुरुषोत्तमभाई सोलंकी ने कोविदार वृक्ष को देश के प्रत्येक व्यक्ति और प्रत्येक सनातनी तक पहुंचाने के संकल्प को गति देने के लिए संतों से संवाद किया। समाजसेवा, जीवसेवा, शिक्षा और धार्मिक सेवा के क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय विनोदभाई का अयोध्या से पुराना आत्मीय जुड़ाव भी रहा है।ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, साईं का पुरवा, दर्शन नगर स्थित संस्था के बीके मुकेशभाई के साथ विनोदभाई सोलंकी अपनी टीम के साथ इस अभियान को व्यापक स्वरूप देने पर विचार-विमर्श किया। बीके बाबूलालभाई के प्रयासों से कोविदार के पौधे अयोध्या के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचाए जा चुके हैं। अब तक करीब 500 से 600 पौधों का रोपण किए जाने की जानकारी दी गई। इस पहल को आगे बढ़ाते हुए अयोध्या में विशेष कोविदार वाटिका विकसित करने का संकल्प लिया गया है, ताकि राममंदिर के ध्वज पर अंकित इस वृक्ष की पहचान रामनगरी की धरती पर भी साकार हो सके।
इसी क्रम में विनोदभाई सोलंकी ने अपनी टीम के साथ जगतगुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य महाराज से उनके आश्रम में मुलाकात कर कोविदार अभियान के विस्तार पर चर्चा की। इसके बाद जानकी घाट बड़ा स्थान पहुंचकर महंत जन्मेजय शरण से भी अभियान को लेकर विचार-विमर्श किया। वहीं हनुमानगढ़ी में महंत बलराम दास जी महाराज से भेंट कर कोविदार वृक्ष के महत्व और इसके व्यापक प्रसार को लेकर संतों के विचार और मार्गदर्शन प्राप्त किया।अयोध्या के संतों ने ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, साईं का पुरवा में विनोदभाई सोलंकी का अंगवस्त्र भेंट कर सम्मान किया। वहीं विनोदभाई और उनकी टीम ने भी संतों का सम्मान कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर क्षेत्रीय संयोजक विदेश संपर्क विभाग रवि तिवारी भाई सहित टीम के सदस्य मौजूद रहे।
विनोदभाई सोलंकी ने कहा कि कोविदार केवल एक वृक्ष नहीं, बल्कि श्रीराम से जुड़ी सांस्कृतिक स्मृति और भारतीय सनातन परंपरा का प्रतीक है। इसे गांव-गांव और जन-जन तक पहुंचाना पर्यावरण संरक्षण के साथ सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने का भी माध्यम बनेगा।
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