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: गहोई मंदिर में सप्ताहिक श्रीमद्भागवत ज्ञान महायज्ञ का उल्लास चरम पर

बमबम यादव

Tue, Nov 22, 2022

परमात्मा भक्तों के पराभूत होकर धरा धाम पर आते है: रामदिनेशाचार्य

अयोध्या। सप्ताहिक श्रीमद्भागवत ज्ञान महायज्ञ के अंतर्गत गहोई मंदिर में जगतगुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य महाराज ने भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव की कथा सुनाते हुए बताया कि भगवान श्री कृष्ण विपरीत परिस्थितियों में जन्म लेते है और संपूर्ण कार्य मानवता को समर्पित करते है। जीवन में कभी भी कृष्ण उदास नहीं होते सबसे बड़ा शत्रु घर में है मामा कंस मारना चाहता है बड़े-बड़े उत्पात होते हैं और भगवान की प्रसन्नता कभी दूर नहीं होती है जीव को यह बड़ा संदेश है कि परिस्थितियां कैसी भी हो जीव को अपनी सहज स्थिति बनाकर रखना चाहिए।
उन्होंने बताया कि परमात्मा भक्तों के पराभूत होकर धरा धाम पर आते है इसी परिपेक्ष में भगवान मैया देवकी के गर्भ से प्रकट हुए संपूर्ण समर्थ अपने आप में स्थापित करके और विपरीत परिस्थितियों में भी अपने मन पर विजय प्राप्त करके सर्वेश्वर कृष्ण कहलाए‌। जैसे ही मंदिर परिसर में भगवान कृष्ण का जन्म हुआ पूरा परिसर नंद घर आनंद भयो के जयकारे से गुंजायमान होता और यही आनंद परमात्मा का पूर्ण रूप है। मनुष्य को किसी भी परिस्थितियों में धैर्य को नहीं खोना चाहिए हमेशा मुस्कुराते हुए परिस्थितियों से लड़ना चाहिए यही योग योगेश्वर भगवान कृष्ण ने अपने जन्म की लीला में सभी को संदेश दिए और पूरा जीवन संघर्ष करते रहे लेकिन मुस्कुराहट और धैर्य को कभी नहीं त्यागा। यजमान रामअवतार सीपोला आशीष शुक्ला ने कथा के समापन पर व्यासपीठ की आरती उतारी। यह महोत्सव गहोई मंदिर के महंत रामलखन शरण महाराज के अध्यक्षता में हो रहा है। कथा श्रवण करने आए सभी भक्तों श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया। इस मौके पर गौरव दास, शिवेंद्र दास सहित बड़ी संख्या में संत साधक मौजूद रहें।

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