Wednesday 19th of August 2026

ब्रेकिंग

स्वतंत्रता दिवस पर रायगंज स्थित स्वामी नारायण मंदिर में भगवान राधाकृष्ण व स्वामी नारायण का विशेष श्रृंगार,दर्शन को उमड़े

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता व संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजय दास के नेतृत्व व श्रृंगी ऋषि आश्रम

रंग महल में झूले पर विराजे अवधविहारी-विहारिणी को पुष्पों एवं पुष्पलड़ियों से इस कदर आच्छादित किया गया कि फूल-बंगला बन गया

23वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में दिगंबर अखाड़ा में श्रद्धा, स्मृति और भक्ति का त्रिवेणी संगम हुआ

महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लेकर हनुमानगढ़ी और नंदिनी नगर तक जगह-जगह हुआ अभिनंदन, संतों, जनप्रतिनिधियों

सुचना

Welcome to the DNA Live, for Advertisement call +91-9838302000

: धर्म, न्याय, अध्यात्म, शूरवीर, विद्वता, दानवीरता एवं वैभव की पराकाष्ठा के प्रतिमूर्ति गुरू गाेविंद सिंह : बाबा महेंद्र सिंह

बमबम यादव

Thu, Jan 13, 2022

श्रद्धा और उल्लास से मना गुरु गाेविंद सिंह का प्रकाशाेत्सव

अयाेध्या। रामनगरी के नजरबाग स्थित ऐतिहासिक गुरूनानक गाेविंदधाम गुरूद्वारा में गुरू गाेविंद सिंह का प्रकाशाेत्सव श्रद्धा और उल्लास से मनाया गया। गुरूवार सुबह गुरू ग्रंथ साहिब के सम्पूर्ण पाठ की समाप्ति। पाठ समाप्ति उपरांत भजन-कीर्तन एवं उसके बाद लंगर प्रसाद का आयाेजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने लंगर छका।सायंकाल अयाेध्यानगरी  साेहावल नवाबगंज व मनकापुर से आए श्रद्धालुओं ने गुरू महाराज के जन्माेत्सव पर भजन-कीर्तन का आनंद लिया। तदुपरांत लंगर प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर गुरूनानक गाेविंदधाम गुरूद्वारा के जत्थेदार बाबा महेंद्र सिंह ने कहा कि गुरू गाेविंद सिंह महाराज सिक्ख धर्म के दसवें गुरू थे। जिनका प्रकाश पर्व हम लाेगाें ने हर्षाेल्लास पूर्वक मनाया। यह उनका 356वां प्रकाशाेत्सव था। जन्माेत्सव पर गुरूद्वारा में धार्मिक कार्यक्रम सम्पन्न हुए। उन्होंने बताया कि संवत 1723 विक्रमी 17, 18 पाैष शनिवार तथा इतवार की मध्यरात्रि में नाैवें गुरू तेगबहादुर सिंह के गृह में माता गुजरी जी की काेख से पटना बिहार शहर में गुरू गाेविंद सिंह का जन्म हुआ था। उन जैसा व्यक्ति व गुरू इस संसार में देखने काे नही मिलता है। उनके जीवन के अंशमात्र से ही यदि हम काेई शिक्षा ग्रहण कर लें। ताे अपने दायरे में रहकर हम सब सर्वश्रेष्ठ जीवन व्यतीत कर सकते हैं। धर्म न्याय अध्यात्म शूरवीर विद्वता दानवीरता एवं वैभव की पराकाष्ठा अगर एक व्यक्ति में ढूढ़नी है। ताे वह गुरू गाेविंद सिंह में ही दिखती है। स्वयं परमेश्वर का रूप हाेकर उन्होंने अपनी रचनाओं में खुद सेवक। दास और चेला लिखा। जत्थेदार बाबा ने कहा कि जिनके दिन मनाते हाे उनकी बात भी जानाे। जिनके दिन मनाते हाे उनकी बात भी मानाे। अर्थात गुरू पर्व मनाना तभी सफल है। जब हम उनके जीवन से प्रेरणा लें। अंत में उन्होंने सभी संगत व प्रबंधक कमेटियाें का आभार ज्ञापित किया। गुरूद्वारा के सेवादार सरदार नवनीत सिंह द्वारा प्रकाशाेत्सव पर आए हुए विशिष्टजनाें का स्वागत-सत्कार किया गया।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें