Tuesday 25th of August 2026

ब्रेकिंग

बीके बहनों ने बड़े भक्तमाल मंदिर पीठाधीश्वर महंत अवधेश कुमार दास महाराज को रक्षासूत्र बांधा और उनका आशीर्वाद लिया

दिगंबर जैन मंदिर में मनाया गया दीक्षा एवं प्रेरणा दिवस, देशभर से पहुंचे श्रद्धालु; 250 से अधिक ग्रंथों की रचना कर जैन

झूलनोत्सव मनोरंजन का उत्सव नहीं आध्यात्मिक आनंद का उत्सव: महंत अवधेश दास

हनुमानगढ़ी के पूर्व गद्दीनशीन श्रीमहंत दीनबंधु दास के नाती शिष्य पुजारी राजन दास ने संतों का किया सम्मान

गुरुदेव की पुण्यतिथि केवल स्मरण का अवसर नहीं, बल्कि उनके आदर्शों और आध्यात्मिक विरासत को आत्मसात करने का भी अवसर -महंत

सुचना

Welcome to the DNA Live, for Advertisement call +91-9838302000

: निर्वाणी, निर्मोही व दिगंबर अखाड़ा ने परमहंस आचार्य के समर्थन में भरी हुंकार

बमबम यादव

Fri, Sep 16, 2022

रामगुलाम दास बलुइया बाबा को संतो ने किया नमन

भारत काे हिंदू राष्ट्र घोषित कराने के लिए आचार्य पीठ तपस्वी जी की छावनी में हुआ विश्व कल्याण सनातन धर्म संसद

अयोध्या। भारत काे हिंदू राष्ट्र घोषित कराने के लिए आचार्य पीठ तपस्वी जी की छावनी रामघाट में विश्व कल्याण सनातन धर्म संसद का आयोजन किया गया। सनातन धर्म संसद की अध्यक्षता करते तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगद्गुरू परमहंस आचार्य ने कहा कि 2023 के पहले यदि केंद्र सरकार भारत काे हिंदू राष्ट्र नही घाोषित करती है। ताे वह 7 नवंबर 2023 काे हिंदू राष्ट्र घोषित कराने के लिए अन्न-जल का परित्याग कर आमरण-अनशन करेंगे। इसके लिए सभी अखाड़ाें के संत-महंत उनके साथ हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया में ईसाइयों के 157 व मुसलमानों के 57 देश हैं। लेकिन हिंदुओं का एक भी देश नही है। जब देश का बंटवारा धर्म के आधार पर हुआ। पाकिस्तान और बांग्लादेश मुसलमानों को मिल गया। जाे इस्लामिक राष्ट्र भी बन गया। इसलिए हिंदुस्तान काे हिंदू राष्ट्र बनना चाहिए। परमहंसाचार्य ने बताया कि सनातन धर्म में भारत हिंदू राष्ट्र घोषित हो, जनसंख्या नियंत्रण व समान नागरिक संहिता कानून जल्द लागू हाे, गाैहत्या बंद हाे, गाय काे राष्ट्र माता घोषित किया जाए आदि तमाम बिंदुओं पर चर्चा की गई। इस पर सभी संत-महंताें ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया है। कार्यक्रम में हनुमानगढ़ी चाराें पट्टी समेत अन्यान्य प्रदेशों के संत-महंत, धर्माचार्य एवं महामंडलेश्वर सम्मिलित हुए। सनातन धर्म संसद काे महंत हरिवंश दास औलिया बापू गुजरात, संकटमोचन सेना राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय दास, अखाड़े के पूर्व प्रधानमंत्री महंत माधवदास हनुमानगढ़ी, दिगंबर अखाड़ा के महंत सुरेश दास, निर्वाणी अनी के श्रीमहंत धर्मदास, श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी व निर्माेही अखाड़ा महंत दिनेंद्र दास, हनुमान बाग के महंत जगदीश दास, हरिद्वारी पट्टी के महंत मुरली दास, हनुमानगढ़ी से जुड़े महंत बलराम दास, महंत नंदरामदास, महंत रामकुमार दास, महंत इन्द्रदेव दास, महंत सत्यदेव दास,पुजारी पार्षद रमेश दास, पहलवान राजेश दास, महंत अजीत दास, महंत राजूदास,संकट मोचन सेना के कार्यवाहक अध्यक्ष वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास,गद्दीनशीन के शिष्य मामा दास, तेरह भाई त्यागी के महंत रामस्वरूप दास ब्रह्मचारी वृंदावन, महंत एकनाथ महाराज महाराष्ट्र ने भी अपने विचार व्यक्त किए। संचालन सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी गद्दीनशीन के शिष्य हनुमत संस्कृत स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. महेश दास ने किया। इस अवसर पर बड़ाभक्तमाल के महंत काैशलकिशाेर दास, महंत रघुवंश दास महात्यागी राजस्थान, महंत लघुराम दास मध्य प्रदेश,श्रीमहंत रामसुमिरन दास, भाेपाल, श्रावण कुंज महंत रामरूप शरण, कनक महल महंत सीताराम दास महात्यागी, श्रीमहंत रामलखन दास काेटा, श्रीमहंत श्याम सुंदर शास्त्री, फर्रुखाबाद, श्रीमहंत रामपदारथ दास शिमला, श्रीमहंत तुलसीदास खाकचाैक, महंत रामेश्वर दास शास्त्री सीकर, विरक्त आश्रम, महंत रामलाेचन शरण, महंत रामकिशाेर दास, राकेश पहलवान, नागा सूरज दास, उपेंद्र दास, कल्लू दास आदि संत-महंत व धर्माचार्य माैजूद रहे।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें