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: भगवान के चरित्र चिंतन से हमारे चरित्र का निर्माण होता है: देशपांडे

बमबम यादव

Mon, Nov 21, 2022

हनुमान बाग मंदिर में श्रीराम कथा की हो रही अमृत वर्षा

महंत जगदीश दास महाराज के सानिध्य में कथा का उल्लास अपने चरम पर

संसार के लोग व्यवहार को देखते हैं, लेकिन भगवान भाव को देखते हैं: महंत जगदीश दास

अयोध्या। भगवान श्रीराम का चरित्र दर्पण के समान है, जिसमें अपने आपको देख सकते है रामायण महाकाव्य के माध्यम से भगवान श्रीराम के मंगलमयी चरित्र का वर्णन करते समर्थ भक्त राघवेंद्र बुआ देशपांडे ने कहा कि भगवान अनंत हैं, उनका चरित्र अनंत है, उनकी लीला अनंत है। उन्होंने कहा कि फिर भी भगवान के उन अनंत चरित्रों में जितना चरित्र चिंतन हम कर लें, उससे हमारे चरित्र का निर्माण होता है। भगवान के चरित्र का चिंतन करने का उद्देश्य यही है कि हमारा चरित्र सुधर जाए। भगवान का चरित्र वो दर्पण है, जिस दर्पण में हम अपना सुधार कर लें। दर्पण कभी झूठ नहीं बोलता। दर्पण के सामने खड़े होकर हम गड़गड़ को सुधार करते हैं, उसी प्रकार भगवान श्रीराम का चरित्र ऐसा निर्मल दर्पण है, जिस दर्पण में हम अपने चरित्र को देखें कि हमारी क्या गलतियां हैं, रामजी ने क्या किया वो हम करें, या उन्होंने क्या नहीं किया वो हम ना करें, यह देखकर रामचरित्र के दर्पण में हम अपने जीवन का सुधार कर लें, यही कथा सुनने का फल है। अपने आपको हम पवित्र कर लेंगे। श्री देशपांडे जी ये कथा मराठी भाषा में सुना रहें। कथा श्रवण करने के लिए महराष्ट्र से सौकड़ों भक्त आये है। इसी कथा को हिंदी में अनुवाद करके हनुमान बाग के श्रीमहंत जगदीश दास महाराज लोगों को समझा रहें और कथा का माहत्म्य बता रहें। महंत जगदीश दास जी ने कहा कि संसार के लोग व्यवहार को देखते हैं, लेकिन भगवान भाव को देखते हैं। आपका भाव बहुत अच्छा हो, लेकिन व्यवहार में आप चूक गए तो संसार में आप सफल नहीं हो सकते।महोत्सव की व्यवस्था में हनुमान बाग के सुनील दास, पुजारी योगेंद्र दास, रोहित शास्त्री, नितिश शास्त्री गोलू शास्त्री आदि लगे है। आज कथा महोत्सव में श्रृंगार कुंज के महंत हरिभजन दास, हनुमानगढ़ी के गद्दी नशीन के शिष्य संत मामा दास, केशव गलान्डे, सरयू गलान्डे, विजय कुमार कुलकर्णी, विनाया कुलकर्णी,माधव वालिंम्बे,मधुर वालिंम्बे सहित बड़ी संख्या से ठाणे महाराष्ट्र से भक्त मौजूद रहें।

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