Tuesday 19th of May 2026

ब्रेकिंग

रिश्तों और निवेश को लेकर उठे कई सवाल कारोबारी तनाव, साझेदारी विवाद और मानसिक दबाव की चर्चाओं के बीच निष्पक्ष जांच की

ज्येष्ठ के दूसरे मंगलवार पर विशाल भंडारे का आयोजन, हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद

आईएमए की आड़ में बदनाम अस्पताल संचालक ने ओढ़ी ईमानदारी की चादर, सोशल मीडिया से पोस्ट गायब होते ही तेज हुई चर्चाएं

हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर भक्तों की सेवा में जुटे महंत संजय दास ने ORS व जूस का वितरण; श्रद्धा और भक्ति से सराबोर दिखी

बंगाल ने पहली बार खुलकर ली सांस, श्रेय अमित शाह को: बृजभूषण शरण सिंह

सुचना

Welcome to the DNA Live, for Advertisement call +91-9838302000

: महंत रामसुखित दास फलाहारी महाराज की प्रथम पुण्यतिथि समारोह शुरू

बमबम यादव

Mon, Apr 18, 2022

मंदिर से निकली भव्य शोभायात्रा, शोभायात्रा में हनुमानगढ़ी के शाही निशान रहे आकर्षक का केंद्र

सोमवार को वैदिक आचार्यों द्वारा होगा हवन पूजन, मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा का मुख्य उत्सव भी आज, संतो का होगा जमावड़ा

अयोध्या। राम नगरी के बेगमपुरा स्थित श्री अवध बिहारी कुंज मंदिर की पूर्वाचार्य महंत रामसुखित दास फलाहारी जी महाराज की प्रथम पुत्र की समारोह बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस मौके पर दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। पुण्यतिथि पर पूर्वाचार्य की भव्य मूर्ति प्राण समारोह हो रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ आज शोभायात्रा से हुआ।यह पूरा महोत्सव मंदिर के वर्तमान पीठाधीश्वर महंत गणेश दास महाराज के संयोजन में हो रहा है। कार्यक्रम के प्रथम प्रथम दिन मंदिर से भव्य शोभायात्रा गाजेबाजे के साथ निकली। इस शोभायात्रा की दिव्यता और भव्या प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमानगढ़ी के शाही निशान बड़ा रहे थे। शोभायात्रा शाही निशान के साथ निकली। शोभायात्रा नगर भ्रमण करते हुए मां सरयू के पावन पर पहुंची।जहां पर वैदिक आचार्यों द्वारा विधिवत मां सरयू का पूजन अभिषेक किया गया। इसके बाद शोभायात्रा पुनः मंदिर वापस आई। शोभा यात्रा की भव्यता दिव्यता की चर्चा रामनगरी में चारो तरह रहा। कार्यक्रम के संयोजक अवध बिहारी कुंज के महंत गणेश दास महाराज ने बताया कि गुरुदेव महाराज की प्रथम पुण्यतिथि समारोह बड़े ही श्रद्धा भाव के साथ मनाया जा रहा है। यह कार्यक्रम दो दिवसीय है। इसमें गुरुदेव महाराज की भव्य मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा हो रहा है। इसका समापन वृहद भंडारे के साथ होगा। उन्होंने कहा कि गुरुदेव भगवान भजनानंदी संत थे। हमेशा भजन में तल्लीन रहा करते थे। यहा समारोह उनके आशीर्वाद से ही हो रहा है। कार्यक्रम में सुंदरकांड का पाठ,भजन संध्या व रात्रि जागरण का भी आयोजन किया गया है। कार्यक्रम में सोमवार को वैदिक आचार्यों द्वारा हवन पूजन वा मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा किया जायेगा। उसके बाद राम नगरी समेत पूरे भारत से आए संत धर्माचार्यों का स्वागत अभिनंदन होगा। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र समेत पूरे भारत से शिष्य परिकर आये हुए है।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें