Tuesday 25th of August 2026

ब्रेकिंग

बीके बहनों ने बड़े भक्तमाल मंदिर पीठाधीश्वर महंत अवधेश कुमार दास महाराज को रक्षासूत्र बांधा और उनका आशीर्वाद लिया

दिगंबर जैन मंदिर में मनाया गया दीक्षा एवं प्रेरणा दिवस, देशभर से पहुंचे श्रद्धालु; 250 से अधिक ग्रंथों की रचना कर जैन

झूलनोत्सव मनोरंजन का उत्सव नहीं आध्यात्मिक आनंद का उत्सव: महंत अवधेश दास

हनुमानगढ़ी के पूर्व गद्दीनशीन श्रीमहंत दीनबंधु दास के नाती शिष्य पुजारी राजन दास ने संतों का किया सम्मान

गुरुदेव की पुण्यतिथि केवल स्मरण का अवसर नहीं, बल्कि उनके आदर्शों और आध्यात्मिक विरासत को आत्मसात करने का भी अवसर -महंत

सुचना

Welcome to the DNA Live, for Advertisement call +91-9838302000

: श्रीमद्भागवत कथा मृत्यु को महोत्सव बनाने की कथा है: राधेश्याम शास्त्री

बमबम यादव

Sat, Nov 26, 2022

अयोध्या। श्रीमद्भागवत की कथा शरणागति की कथा है शरणागति का अर्थ है भगवान के चरणों में समर्पित हो जाना और भगवान के चरणों में समर्पित होने के लिए सबसे बड़ी बात है अपने आप का परित्याग कर देना।उक्त बातें प्रख्यात कथावाचक राधेश्याम शास्त्री जी ने कौशलपुरी कालोनी फेज 1 पानी टंकी के निकट आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के प्रथम दिवस कही।राधेश्याम शास्त्री ने कहा कि जब आप अपने अहम का परित्याग करके भगवान के शरण आप होते हैं तब एक समर्थ गुरु सुखदेव जी महाराज जैसा प्रगट हो करके आपके जीवन के उन तमाम झंझावात को खत्म करके आपके जीवन में भक्ति की ज्योति जला देता है। स्वामीजी ने कहा कि गुरु की शरणागति जीवन में मृत्यु के बंधन को काटकर मोक्ष की ओर आपके मार्ग को प्रशस्त करती है। श्रीमद्भागवत की कथा मृत्यु को महोत्सव बनाने की कथा है।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें