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बमबम यादव

Sat, Feb 25, 2023

श्रीमद् वाल्मीकि रामायण कथा में भजनानंदी संत महंत जगदीश दास का किया गया अभिनन्दन

अयोध्या। श्री राम जी और लक्ष्मण जी ने यज्ञ की रक्षा की।  विश्वामित्र जी ने राम जी से कहा कि मिथिला नरेश का निमंत्रण आया है धनुष समारोह में जाना है। राम जी को धनुष का महत्व बताते हुए वशिष्ठ ऋषि जी ने बताया कि यह बहुत ही विशाल धनुष है और इसको उठाने के लिए काफी लोग लगते है। यह शिवजी का धनुष है। श्री राम जी धनुष की इतनी महिमा सुनकर श्री राम जी को उसे देखने की जिज्ञासा उत्पन्न हो गई। उक्त उद्गार श्रीमान साक्षी गोपाल दास प्रभु जी अध्यक्ष इस्कॉन मंदिर धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र प्रभु जी ने कही। वे प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमान बाग में इन दिनों श्रीमद् वाल्मीकि रामायण कथा कह रहे है। कथा के क्रम को आगे बढ़ाते हुए साक्षी गोपाल जी ने बताया कि सतयुग में गौतम ऋषि जी अपनी पत्नी अहिल्या के साथ वन मैं एक आश्रम मैं रहते थे। ब्रम्हा जी ने सृष्टि को बनाने के लिए जो उपकरण पैदा किए थे और बाद मैं जो उपकरण बच गए थे उससे ब्रह्मा जी ने एक सुंदर स्त्री को पैदा किया जिसका नाम था अहिल्या। ब्रह्माजी चाहते थे की इस कन्या का विवाह उसके साथ किया जाए जिस पे काम का कोई प्रभाव न हो , फिर गौतम ऋषी जी से अहिल्या के साथ शादी ब्रह्मा जी ने ही करवा दी। एक बार स्वर्ग का राजा इंद्र गौतम ऋषि जी की अनुपस्थिति में गौतम ऋषि जी के आश्रम में आ गए और उनकी पत्नी के साथ संग किया तो यह बात जानकर गौतम ऋषि ने अहिल्या को श्राप दे दिया अहिल्या गौतम ऋषि से क्षमा मांगने लगी और उनके श्राप से बचने का उपाय पूछने लगी तो अपनी पत्नी पर दया करके गौतम ऋषि जी ने बताया कि जब त्रेतायुग में भगवान श्री राम जी जी का स्पर्श पाकर तुम इस श्राप से मुक्त हो जाओगे।फिर अहिल्या बोली अभी तो सतयुग चल रहा है इसका बाद द्वापर आएगा फिर त्रेता युग आएगा आप मुझे जल्दी ही इस श्राप से बचने का कोई उपाय बताएं फिर गौतम ऋषि जी ने दया दिखाते हुऐ उन्होंने अपने तप से द्वापरयुग के स्थान पर त्रेता युग को कर दिया। 5000 सैनिक उठाते थे शिव धनुष को और फिर उसकी पूजा की जाती थी। दान लेने वाला दान देने वाले के अधीन होता है। बहुत ही भव्य श्री राम सीता जी का विवाह का महोत्सव मनाया गया। महोत्सव की अध्यक्षता कर रहे भजनानंदी संत महंत जगदीश दास का अभिनन्दन कथा के संयोजक ने किया।महोत्सव की देखरेख सुनील दास, रोहित शास्त्री, नितेश दास, गोलू शास्त्री कर रहे है। कथा में नीता गुप्ता, महेंद्र गुप्ता, मधु सिंगला, हरबंस लाल सिंगला, स्नेहा गुप्ता, बृजमोहन गुप्ता ने दीप प्रज्वलित कर और प्रभु जी को माल्यार्पण करके आशीर्वाद प्राप्त लिया।

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