Sunday 11th of October 2026

ब्रेकिंग

भगवदाचार्य स्मारक सदन की पौराणिक रामलीला में नगर दर्शन और फुलवारी लीला ने मोहा मन, संत-महंतों की उपस्थिति में भक्तिमय

मां के जयकारों से गूंजी रामनगरी, जगह-जगह पुष्पवर्षा कर हुआ स्वागत 25 वर्षों से अनवरत निभाई जा रही परंपरा, श्रद्धालु

रामनगरी में गरबा का महाधमाका! अयोध्या में सजेगी डांडिया की सबसे रंगीन शाम, गुजरात के गरबा और मुंबई की DJ का दिखेगा जलवा!

पौराणिक रामलीला के दूसरे दिन हुआ प्रभु श्रीराम के जन्म और मुनि आगमन का भावपूर्ण मंचन, संत-महंतों की मौजूदगी में गूंजे जय

विश्व हिंदू रक्षा परिषद की धर्म संसद में 12 प्रस्ताव पारित; 5 नवंबर से 5 दिसंबर तक देशभर में चलेगा जनजागरण अभियान

सुचना

Welcome to the DNA Live, for Advertisement call +91-9838302000

: सियाराम किला में धूमधाम से मनाया गया मकर संक्रांति

बमबम यादव

Sun, Jan 15, 2023

भगवान को मैथिली परंपरा के अनुसार लगा चूड़ा, दही, साग व तिलकुट का भोग 

अयोध्या। रामनगरी अयोध्या के मां सरयू के पावन तट पर सुशोभित सियाराम किला झुनकी घाट जो सिद्ध संत जानकी शरण उर्फ झुनझुनिया बाबा की तपोस्थली के नाम से सुविख्यात है। सियाराम किला मंदिर में परंपरागत मकर संक्रांति के अवसर पर ठाकुर जी की विशेष पूजा आराधना की गई और सूर्य भगवान के उत्तरायण होने पर सूर्य भगवान की विशेष आराधना पूजा की गई। इस अवसर पर भगवान को मैथिली परंपरा के अनुसार चूड़ा दही साग और तिलकुट का भोग लगाया गया। वर्तमान पीठाधीश्वर महंत करुणानिधान शरण महाराज ने बताया कि खरमास के बाद 14 व 15 जनवरी को सूर्य भगवान मकर राशि में प्रवेश करते हैं और सनातन परंपरा के अनुसार यह माना जाता है कि जब सूर्य उत्तरायण हो जाते हैं तभी से शुभ कार्य प्रारंभ हो जाते हैं। इस अवसर पर भगवान के पूजन अर्चन के साथ सूर्य भगवान की भी आराधना की जाती है और दही चूड़ा साग के साथ तिलकुट का भगवान को भोग लगाया जाता है और सभी भक्तों में प्रसाद वितरण किया जाता है।

उन्होंने बताया कि यह परंपरा मंदिर स्थापना काल से ही चली आ रही है कि मकर संक्रांति के अवसर पर विशेष पूजन अर्चन के साथ अयोध्या के साथ-साथ मंदिर परंपरा से जुड़े सभी श्रद्धालु भक्तों व सनातन परंपरा में अनुराग रखने वाले लोगों को प्रसाद वितरण किया जाए। उन्होंने बताया कि माघ मास में तिल के सेवन से मनुष्य स्वस्थ रहता है इसी परंपरा को देखते हुए हमारे पूर्वजों और मनीषियों ने ठंड के मौसम में मकर संक्रांति के अवसर पर तिल का विशेष महत्व बताया है और इस दिन मंदिर परिसर में दही चूड़े के साथ तिलकुट का प्रसाद वितरण किया जाता है। श्री महाराज जी ने बताया कि अयोध्या में आने वाले सभी भक्तों को मकर संक्रांति के अवसर पर प्रसाद वितरण किया गया इस अवसर पर, पार्षद आलोक मिश्रा, प्रहलाद दास और विकास जी मंदिर में आए सभी भक्तों का स्वागत सत्कार किया।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें