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: धर्म को अलग करने के बजाए प्रत्येक कर्म को धर्म में करना सीखें: वेदांती जी

बमबम यादव

Mon, Feb 27, 2023

श्रीमद् भागवत कथा का संयोजन श्री महाराज जी के शिष्य वशिष्ठ पीठाधीश्वर महंत डॉ राघवेश दास वेदान्ती महाराज कर रहे  

अयोध्या।श्री राम की पावन नगरी अयोध्या के पंचकोसी परिक्रमा मार्ग नया घाट पर स्थित हिंदू धाम में  श्रीमद् भागवत कथा के तृतीय दिवस पर कथाव्यास वशिष्ठ पीठाधीश्वर ब्रह्मर्षि राम विलास वेदांती महाराज ने कहा कि धर्म को अलग करने के बजाए प्रत्येक कर्म को धर्म में करना सीखें। आज हमारी प्रार्थना भी मात्र क्रिया बनकर रह गई है जबकि प्रत्येक क्रिया ही प्रार्थना बन जाए ऐसा कार्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारा व्यवहार आचरण विचार सब इतना लयबद्ध और ज्ञान मय हो कि यह सब अनुष्ठान जैसा लगने लगे। व्यासजी ने कहा कि धर्म के लिए अलग से कर्म करने की आवश्यकता नहीं अपितु जो  कर्म हम कर रहे हैं उसको ऐसे पवित्र भाव से करें कि वही धर्म बन जाए। उन्होंने कहा कि समस्त समस्याओं का समाधान करने के लिए मौन ही सबसे बड़ा अस्त्र है इस अस्त्र से संसार के समस्त विवादों का समाधान हो सकता है।जो मनुष्य बाहरी बातों पर ध्यान देता है उसके घर में कलेश होता है तात्कालिक आवेश में लिया गया निर्णय हमेशा पश्चाताप का कारण बनता है जो सरलता असत्य और अन्याय का विरोध न कर सके वह समाज और स्वयं दोनों के लिए घातक है। कथा को समझाते हुए वेदांती जी ने कहा कि झूठ और अन्याय को सह लेना ही अगर सरलता होती तो भगवान श्री राम बाली के अन्याय और रावण के अत्याचार को सहते इन सब को दंडित करने के बाद भी भगवान श्री राम को मर्यादा पुरुषोत्तम , सरल एवं संकोची कहा गया है। इस महोत्सव का संयोजन श्री महाराज जी के शिष्य वशिष्ठ पीठाधीश्वर महंत डॉ राघवेश दास वेदान्ती महाराज कर रहे। कथा से पूर्व व्यासपीठ का पूजन मुख्य यजमान राम किशोर पाण्डेय गिरिडीह धनबाद ने किया है। इस मौके पर हिंदू धाम के संत साधक व शिष्य परिकर मौजूद रहें।

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