: हिंदू धर्म बहुत ही पवित्र एवं श्रेष्ठतम : असंग देव महाराज
Wed, Nov 9, 2022
कहा, मैं हिंदू धर्म में जन्म लेकर अपने आपकाे गाैरवांवित महसूस कर रहा हूं
बरखेड़ा पीलीभीत से विधायक स्वामी प्रवक्तानंद एवं पूर्व कमिश्नर अयोध्या मंडल कमल टावरी उर्फ कमलानंद ने असंग देव महाराज का किया स्वागत
अयाेध्या। रामनगरी के श्रीरामवल्लभाकुंज, जानकीघाट प्रांगण में चल रहे सप्त दिवसीय सुखद सत्संग कथा में पंचम दिवस राष्ट्रीय संत व प्रखर वक्ता असंग देव महाराज ने कहा कि अयाेध्या मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम की पावन नगरी है। जहां श्रीराम का अवतार हुआ था। इस पावन नगरी में महाराजा दशरथ काे पिता बनने का यश और काैशल्या काे भगवान की मां बनने का साैभाग्य प्राप्त हुआ। सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक निर्णय बाद आज भगवान राम का भव्य मंदिर बन रहा है। जाे हम सबके लिए खुशी की बात है। उन्होंने कहा कि कुछ ऐसी विशेष आत्माएं हाेती हैं, जिनकी पवित्रता के कारण उस स्थान का कण-कण वंदन हाे जाता है। उस स्थान का तिलक लगाने का मन करता है। यह तीर्थनगरी प्रभु श्री राम जन्मभूमि है। जहां के कण-कण में भगवान राम हैं। जन्म हर किसी का हाेता है। आज श्रीराम के नाते दशरथ काे पहचाना जाता है। श्रीराम व माता काैशल्या का संवाद हाेता है। राम माता काैशल्या से कहते हैं कि हे मां वह पुत्र बहुत बड़भागी है। जाे अपने माता-पिता के वचन से प्रेम रखता और आज्ञाकारी हाेता है। माता-पिता जाे बाेलते हैं। उससे सबका प्रेम हाेना चाहिए। प्रेम बहुत बड़ी चीज है। उन्होंने कहा कि जहां वासना का अंत हाे जाता है। वहां प्रेम हाेता है। जब तक प्रेम वासना से ओत-प्रोत रहता है। तब तक भाेगाें के कीचड़ में विचरण करता है। वासना से मुक्त प्रेम उपासना के जन्म-मरण से मुक्ति दिलाता है। गाय से प्रेम कराेगे। ताे पीने काे दूध मिलेगा। किसी प्रतिभा से प्रेम कराेगे। ताे उसके सामने दहकती ज्वालामुखी सी वासना बुझती नजर आयेगी। वहां उपासना का उदय हाेगा। गुरू गाेविंद सिंह सिक्ख धर्म के 10वें गुरु रहे। वह बड़े ही साहसी व वीर थे। धर्म की रक्षा करने में उनका अहम याेगदान है। इसकी खातिर उनके चार पुत्र बलिदान भी हाे गए। उस दाैरान मुस्लिम शासक सिक्खाें-हिंदुओं काे मुसलमान बना रहे थे। जिनके विरूद्ध गुरू गाेविंद अपने चार पुत्राें संग खड़े हुए और धर्म की रक्षा किया। आज पूरे देश में हाेड़ लगी है। काेई हिंदुओं काे ईसाई व काेई मुसलमान बनाने की काेशिश करता है। हिंदू वैसे भी बहुत कम है। हिंदू धर्म बहुत ही पवित्र एवं श्रेष्ठतम है। हिंदुओं में करूणा, दया है। उनका हृदय बहुत काेमल है। वह पूजा-पाठ करते और भक्त हैं। हम अपने हिंदू धर्म के प्रति दृढ़ बनें। चंद रूपयाें की खातिर किसी के बरगलाने में न आएं। अपना धर्म परिवर्तन कदाचित न करें। आज हम अपनी याेग्यताओं काे परखें। शक्तियों काे सही जगह लगाएं। कुछ पैसाें की खातिर अपने हिंदू धर्म काे खंडित करने की जरूरत नही है। संत असंग देव ने कहा कि मैं हिंदू धर्म में जन्म लेकर अपने आपकाे गाैरवांवित महसूस कर रहा हूं। साधु बनकर बहुत खुश हूं। हिंदुओं में स्वतंत्रता भी है। चाहे शाकाहारी बनकर रहाे या साधु। चाहे याेगी बनकर रहाे या गृहस्थ। इससे पहले भाजपा के बरखेड़ा पीलीभीत से विधायक स्वामी प्रवक्तानंद एवं पूर्व कमिश्नर अयोध्या मंडल कमल टावरी उर्फ कमलानंद ने असंग देव महाराज का स्वागत किया। इस अवसर पर श्रीरामवल्लभाकुंज अधिकारी राजकुमार दास, वैदेही भवन महंत रामजी शरण, कबीर मठ महंत उमाशंकर दास, कार्यक्रम प्रभारी प्रवीन साहेब, एडवोकेट कमलेश सिंह, हरीश साहेब, शैलेश साहेब, लखीमपुर खीरी प्रधान अनुभव साहेब, शीलदास साहेब, रवींद्र साहेब, आदित्य साहेब, सुरेश साहेब, सत्कर साहेब, नवीन साहेब, प्रेमपाल साहेब समेत बड़ी संख्या में भक्तगण सत्संग का श्रवण कर रहे थे।
: संत परम्परा की अनमोल मोती थे महंत परमहंस कृष्ण शरण
Wed, Nov 9, 2022
परमहंस कृष्ण शरण चैरिटेबल सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित हुईं श्रद्धांजलि सभा, संतो ने किया नमन
अयोध्या।श्री रामप्रिया कुंज रामकोट के बैकुंठ वासी महंत परमहंस कृष्ण शरण जी महाराज की 13 वीं पुण्यतिथि अयोध्या के संतो महंतों ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि श्री महाराज जी भजनानंदी संत थे और सेवा को ही धर्म मानते थे। श्री महाराज जी हमेशा सनातन धर्म को मजबूत करने का कार्य करते रहे है। श्रीधाम अयोध्या के महान संतों में एक संत थे जो हमेशा प्रभु का नाम जपते रहते थे। परमहंस कृष्ण शरण चैरिटेबल सेवा ट्रस्ट व श्री राम प्रियाकुंज रामकोट की वर्तमान महंत डॉ स्वामी उद्धव शरण जी महाराज ने श्रद्धांजलि सभा के अवसर पर कहा कि श्री गुरुदेव भगवान संत थे और कार्तिक पूर्णिमा के सुमंगल अवसर पर उनका बैकुंठ वास हुआ था आज उनके 13 वें वैकुंठ वास उत्सव को हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया जिसमें अयोध्या के संतो महंतों ने अपनी शब्द रूपी भावांजलि अर्पित की। श्री महाराज जी के बैकुंठ उत्सव पर श्री सीताराम नाम संकीर्तन और वृहद भंडारे का आयोजन किया गया जिसमें अयोध्या के संतों महंतों को प्रसाद पवाया गया। श्रद्धांजलि सभा में दशरथ महल बड़ा स्थान के महंत बिंदुगद्याचार्य स्वामी देवेंद्रप्रसादाचार्य, जानकी घाट बड़ा स्थान के महंत जन्मेजय शरण , बड़ा भक्तमाल के उत्तराधिकारी महंत अवधेश कुमार दास , नागा राम लखन दास पत्थर मंदिर के महंत मनीष दास, रसमोद कुंज के महंत रामप्रिया शरण ,श्री राम आश्रम के महंत जयराम दास , महंत बृजमोहन दास, महंत राम कुमार दास, रामकृष्ण मंदिर से महामंडलेश्वर महंत गणेशानंद , महंत राममिलन शरण सहित सैकड़ों संतो महंतों ने श्री महाराज जी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
: राम मंदिर के पक्ष में फैसले का तीसरा वर्षगांठ, अयोध्या में बांटी गई मिठाई
Wed, Nov 9, 2022
हनुमान बाग में रहा जश्न का माहौल, ऐतिहासिक दिन को उत्सव के रुप में मनाया गया
9 नवंबर 2019 में सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा राम जन्मभूमि के पक्ष में सुनाया गया था फैसला, भव्य और दिव्य भगवान श्री राम के मंदिर निर्माण का भक्त कर रहे इंतजार
अयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की नगरी अयोध्या 9 नवंबर 2019 की स्थिति को कभी भूल नहीं सकती क्योंकि आज ही के दिन मंदिर मस्जिद का विवाद समाप्त हुए आज 3 वर्ष पूरे हो रहे हैं। और आज भगवान श्री राम की भव्य मंदिर निर्माण का कार्य प्रगति पर है। दिसंबर 2023 तक भगवान के भव्य और सुंदर मंदिर निर्माण का कार्य लगभग पूरा हो जाएगा और मकर संक्रांति 2024 में भगवान श्री राम लला उस स्थान पर दिव्य मंदिर के बीच विराजमान जी हो जाएंगे।
आज इस ऐतिहासिक तिथि पर रामनगरी अयोध्या में जश्न का माहौल रहा। मठ मंदिरों में मिठाइयां बाट कर खुशी का इजहार किया गया। प्रसिद्ध पीठ हनुमान बाग में महंत जगदीश दास महाराज की अगुवाई में सुबह से ही सभी को मिठाइयां बाटना शुरु कर दिया गया था जो देर शाम तक चलता रहा। पूरे मंदिर में चारों तरह खुशियों की बौछार थी। हर कोई एकदूसरे को ऐतिहासिक दिवस की बधाई दे रहा था। महंत जगदीश दास महाराज ने कहा कि राम जन्मभूमि पर भगवान के दिव्य मंदिर की परिकल्पना आज से 500 वर्ष पूर्व लाखों भक्तों की इच्छा थी। लेकिन हिंदू मुस्लिम विवाद में राम नगरी अयोध्या भगवान श्री राम के जन्म स्थान को सुरक्षा के कड़े जंजीरों में कैद कर दिया था या इतिहास नवंबर 2019 को फिर बदला और सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर राम जन्मभूमि परिसर में विराजमान भगवान श्री राम लला को आजाद कर उसी स्थान पर भव्य और दिव्य मंदिर का कार्य प्रारंभ शुरू हो गया है। लाखों राम भक्तों का सपना पूरा होता दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि आज के इस महत्वपूर्ण तिथि को लेकर अयोध्या के लोगों में काफी उत्साह है। और इसी उत्साह को लेकर अयोध्या के साधु संत मिठाई बांटकर खुशियां मना रहे हैं। इस मौके पर सुनील दास, पुजारी योगेंद्र दास, रोहित शास्त्री, नितेश शास्त्री आदि लोग मौजूद रहें।
तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगदगुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि 9 नवंबर 2019 को 500 वर्ष लंबे संघर्ष के बाद रामलला के पक्ष में फैसला आया था जगतगुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि आप बहुत संख्यक समाज के लिए होली और दीपावली रामनवमी से भी बड़ा पर्व है। उन्होंने कहा कि इसीलिए हमने इसीलिए साधु-संतों श्रद्धालुओं में मिष्ठान बांटकर खुशी मनाई है। आज के दिन को न्याय दिवस के रूप में हम मानते हैं श्रद्धालुओं से अपील किया कि सभी राम भक्तों 9 नवंबर को न्याय दिवस के रूप में मनाएं इसके अलावा जगत गुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि हम केंद्र सरकार से मांग करेंगे कि 9 नवंबर को न्याय दिवस के रूप में घोषित किया जाए।