: शिद्दत से शिरोधार्य हुए स्वामी युगलानन्यशरण
Wed, Nov 16, 2022
143वीं पुण्य तिथि का समारोह पूर्वक हुआ समापन
अयोध्या । न केवल साधना बल्कि अपनी विद्वता के चलते श्रीरामभक्ति की मधुरशाखा के अनमोल रत्न बने आचार्य पीठ श्री लक्ष्मणकिला के संस्थापक स्वामी युगलानन्य शरण को उनकी 143 वीं पुण्यतिथि पर उनकी तपोस्थली लक्ष्मण किला में समारोहपूर्वक श्रद्धांजलि दी गई।रामनगरी की प्रधानतम पीठों में शुमार श्री लक्ष्मण किला के संस्थापक व राम भक्ति धारा के संत शिरोमणि आचार्य श्री स्वामी युगलानन्यशरण जी महराज को आज धर्म नगरी अयोध्या के संतो महन्तो व शिष्य गणों ने नमन करते हुये श्रद्धा सुमन अर्पित किया। किलाधीश महन्त मैथिली रमण शरण ने बताया कि आचार्य श्री का 143वीं पुण्य तिथि पर आज प्रातः स्वामी जी द्वारा रचित ग्रंथों नामकांति, रूपकांति, लीलाकांति व धामकांति का का सामूहिक पाठ किया गया। किलाधीश महन्त मैथिली रमण शरण ने बताया कि अगहन कृष्ण सप्तमी यानी आज अचार्य श्री को रामनगरी के संतो महन्तो ने नमन किया। उन्होने बताया कि आये हुये अतिथियों का स्वागत परम्परागत तरीके से प्रख्यात साहित्यिक हनुमान निवास मंदिर के महन्त मिथिलेश नन्दनी शरण व किला के युवा संत सूर्य प्रकाश शरण ने किया। इस अवसर पर हनुमत सदन के महन्त अवध किशोर शरण, जगद्गुरु रामानन्दाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य, महंत कृपालु रामभूषण दास, महंत अवध बिहारी दास, महंत गौरीशंकर दास, महंत जनार्दन दास, महंत सनद कुमार शरण, महंत परशुराम दास, महंत रामजीशरण, महंत रामकुमार दास, महंत अवधेश दास, महंत सीताराम दास त्यागी, महंत अगंद दास,महंत जयरामदास, महामंडलेश्वर आशुतोष दास, पूर्व सांसद विनय कटियार, महापौर ऋषिकेश उपाध्याय, पार्षद पुजारी रमेश दास, पार्षद आलोक मिश्रा, पार्षद महेंद्र शुक्ला सहित बड़ी संख्या में संत महन्त व भक्तगण मौजूद रहे।
: राम के चरित्र में पग-पग पर मर्यादा, त्याग, प्रेम और लोकव्यवहार के दर्शन होते हैं: राघवेंद्र बुआ
Tue, Nov 15, 2022
हनुमान बाग मंदिर में राम कथा का हुआ भव्य शुभारंभ, भक्तों ने मराठी परम्परा में किया नृत्य व गायन
मराठी भाषा में रहे रामकथा को हिन्दी में हनुमान बाग के श्रीमहंत जगदीश दास महाराज भक्तों में समझा रहें
अयोध्या। राम सिर्फ दो अक्षर का नाम नहीं, राम तो प्रत्येक प्राणी में रमे हुये है, राम चेतना और सजीवता का प्रमाण है। अगर राम नहीं तो जीवन मरा है। इस नाम में वो ताकत है कि मरा-मरा करने वाला भी राम-राम करने लगता है। इस नाम में वो शक्ति है, जो हजारों-लाखों मंत्रों के जाप में भी नहीं है। उक्त बातें मराठी भाषा में प्रख्यात कथावाचक समर्थ भक्त राघवेंद्र बुआ देशपांडे जी ने हनुमान बाग मंदिर अयोध्या के रामकथा कथा में कही। आज हनुमान बाग में श्रीराम कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। ये कथा मराठी भाषा में हो रहा है। जिसका हिन्दी में हनुमान बाग के श्रीमहंत जगदीश दास महाराज ने समझाया।यह महोत्सव श्री दत्त सत्संग मंडल द्वारा आयोजित किया गया है जिसमें महाराष्ट्र से सैकड़ों भक्त कथा श्रवण कर रहे है। कथा के क्रम को आगे बढ़ाते हुए समर्थ भक्त राघवेंद्र बुआ देशपांडे ने कहा कि आदिकवि वाल्मीकि ने उनके संबंध में लिखा है कि वे गम्भीर्य में उदधि के समान और धैर्य में हिमालय के समान हैं। राम के चरित्र में पग-पग पर मर्यादा, त्याग, प्रेम और लोकव्यवहार के दर्शन होते हैं। राम ने साक्षात परमात्मा होकर भी मानव के रूप में आकर मानव जाति को मानवता का संदेश दिया। उनका पवित्र चरित्र लोकतंत्र का प्रहरी, उत्प्रेरक और निर्माता भी है।
श्रीमहंत जगदीश दास महाराज कहते है कि जीवन की धन्यता भौतिकीय उत्कर्ष अथवा अर्थ के संग्रहण में नही अपितु नैतिकता, सदाचार आदि उच्चतम जीवन मूल्यों एवं लोकोपकारी प्रवृत्तियों में समाहित है। जीवन जीने के लिए वेद विहित, शास्त्र-सम्मत, गुरु द्वारा उपदेशित एवं महापुरुषों द्वारा आचरित मार्ग ही श्रेष्ठ है। अतः सदाचार सम्पन्न रहें। महंत जगदीश दास जी ने कहा कि तीन बातों को हमेशा जीवन में उतारना चाहिए। अर्पण, तर्पण, व समर्पण। जो कुछ भी मिला है उसे ईश्वर की कृपा माने, उसे अर्पित करें।आज कथा के पूर्व महराष्ट्र से आये भक्तो ने लोकनृत्य प्रस्तुत किया जिसको लोगों ने खूब सराहा। महोत्सव की व्यवस्था में हनुमान बाग के सुनील दास, पुजारी योगेंद्र दास, रोहित शास्त्री, नितिश शास्त्री गोलू शास्त्री आदि लगे है। इस महोत्सव में केशव गलान्डे, सरयू गलान्डे, विजय कुमार कुलकर्णी, विनाया कुलकर्णी,माधव वालिंम्बे,मधुर वालिंम्बे सहित बड़ी संख्या से ठाणे महाराष्ट्र से भक्त मौजूद रहें।
: प्रहलाद भाई दामोदर दास मोदी ने किया हनुमत लाल के दर्शन
Tue, Nov 15, 2022
अयोध्या। काशी जाते समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाई सपरिवार आज पौराणिक पीठ नाका हनुमानगढ़ी में हनुमान जी की आरती में सम्मलित हुए। हनुमान जी का दर्शन पूजन किये। पौराणिक पीठ नाका हनुमानगढ़ी के महन्त रामदास महाराज ने प्रहलाद मोदी को अंगवस्त्र, रामनामी व माला पहना कर स्वागत किया व रामदरवार भेट किया। पीठ की तरफ से प्रसाद व आयुर्वेदिक औषधि भी प्रदान की गई। सपरिवार उन्होने पीठ के महन्त जी को रूद्रांक्ष की माला व शाल भेट किया। सपरिवार मोदी जी ने स्वअल्पाहार ग्रहण किया। 1 घंटा रूकने के बाद काशीपुरी प्रस्थान किया एवं महंत रामदास जी को अहमदाबाद गुजरात आने का आमंत्रण दिया। इस अवसर पर महन्त रामदास, महामण्डेलश्वर स्वामी गिरीशदास, जिला पंचायत प्रतिनिधि रोहित सिंह, मंदिर के ट्रस्टी संतोष कुमार मिश्र, रामनेवाजदास, डा0 शैलेश पाण्डेय, अभिलाष शुक्ला, ज्ञानचन्द्र केशरवानी, शिवभोला सिंह ने भी प्रहलाद मोदी जी का भव्य स्वागत सत्कार किया।