: बड़ी कुटिया के महंत बने गणेश दास
Sat, Nov 26, 2022
संतो ने कंठी चादर देकर किया महंताई, हुआ विशाल भंडारा
मैं मंदिर के एक सेवक के रुप में दिन रात पालन कर रहा हूँ, मंदिर के महंत के रुप में श्री महाराज जी ही सदैव विद्यमान रहेंगे: महंत गणेश दास
अयोध्या। राम नगरी अयोध्या के प्रमोदवन स्थित प्रतिष्ठित पीठ बड़ी कुटिया के उत्तराधिकारी श्री गणेश दास को मंदिर के वर्तमान महन्त सत्य नरायन दास जी महाराज ने तिलक ,चंदन लगाकर सन्तों के मध्य महन्त बनाया। मंदिर प्रांगण में आज आयोजित महन्थी समारोह में वृहद भंडारे का आयोजन संपन्न हुआ।जिसमें कई प्रान्तों से आये मंदिर के भक्तों,साधु, संन्तो ने सहभाग किया। बड़ी कुटिया मंदिर का इतिहास सैकड़ों वर्ष पुराना है। महांथी समारोह में अयोध्या के संत, महन्त और मंदिर से जुड़े भक्त गण उपस्थित रहें।
इस अवसर पर बड़ी कुटिया के वर्तमान महन्त सत्य नरायन दास जी महाराज ने बताया कि गणेश दास को वर्षो पहले ही रजिस्टर्ड तरीके से मंदिर का उत्तराधिकारी बना दिया गया था। आज अयोध्या के वर्तमान समय को देखते हुए महन्थी समारोह आयोजित किया गया।जिसमें अयोध्या के सभी संत, महंतो ने भी गणेश दास को महन्त के रुप में आशीर्वाद देकर मंदिर में भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया।
मंदिर के महन्त गणेश दास जी ने इस अवसर पर बताया कि परम पूज्य ,प्रातः स्मरणीय, हमारे श्री सद्गुरु देव भगवान ,बड़ी कुटिया मंदिर के वर्तमान महन्त सत्य नरायन दास जी महाराज ने हमें जो वर्षों पहले जिम्मेदारी सौंपी हैं, उनके आदेश का मैं एक सेवक के रुप में दिन रात पालन कर रहा हूँ। मंदिर के महंत के रुप में श्री महाराज जी ही सदैव विद्यमान रहेंगे ।मैं एक सेवक की भांति श्री महाराज जी और मंदिर की पूर्व भांति सेवा करता रहूंगा। यह मेरा सौभाग्य हैं कि वर्षो पहले श्री महाराज जी ने मुझे अपना शिष्य बनाकर मंदिर का उत्तराधिकारी बनाया। उन्होंने बताया कि मंदिर की वर्षों पुरानी संत परम्परा हैं।यहाँ के संतों ने पूरे देश में अयोध्या को प्रतिष्ठा दिलाई हैं। इस महंताई समारोह में श्रृंगार कुंज के महंत हरिभजन दास महाराज लगे रहें। इस अवसर पर निर्वाणी अनी अखाड़ा के श्रीमहंत मुरली दास जी महाराज, मणिरामदास छावनी उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास, दिगंबर अखाड़ा महंत सुरेश दास, हनुमानबाग महंत जगदीश दास, हनुमानगढ़ी के पूर्व प्रधानमंत्री महंत माधव दास, संकटमाेचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय दास, रसिक पीठाधीश्वर महंत जन्मेजय शरण, बड़ाभक्तमाल महंत अवधेश कुमार दास, जगद्गुरू रामानंदाचार्य स्वामी रामाचार्य, रामकथा मंडप महंत डॉ. रामानंद दास, विद्याकुंड महंत उमेश दास, महंत रामचरण दास हनुमानगढ़ी, महंत नन्दराम दास,महंत हरिभजन दास, महंत अवधकिशाेर शरण, डाड़िया महंत गिरीश दास, खड़ेश्वरी मंदिर महंत रामप्रकाश दास, आचारी मंदिर महंत विवेक आचारी, श्रीरामाश्रम महंत जयराम दास, स्वामी दिलीपदास त्यागी, महंत अर्जुन दास, महंत मुनि दास, महंत अजय दास, महंत बलराम दास, महंत रामबालक दास, महंत उत्तम दास, वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास, नागा मामादास,आचार्य रमाेज वत्स, स्वामी छविराम दास, महंत बालयाेगी रामदास, रामायणी, महंत मनीष दास, ज्ञानी नवनीत सिंह, महंत सीताराम दास, डॉ. देवेशाचार्य, नागा सूरज दास, आनंद शास्त्री, एमबी दास, मामा दास, रामनारायण दास, महंत रामगाेविंद शरण, नागा रामलखन दास, मनीराम दास, महंत रामजी शरण,उपेंद्र दास, पार्षद अनुज दास, पार्षद संजय पांडेय, मुकेश तिवारी फाैजी, रवि पांडेय सहित सैकड़ों की संख्या में संत ,महन्त और भक्त गण उपस्थित रहे।
: बड़े सरकार पुजारी रामशंकर शरण महाराज शिद्दत से शिरोधार्य हुए
Sat, Nov 26, 2022
रसिक उपासना परम्परा की शीर्षस्थ पीठ विअहुति भवन में विवाह महोत्सव शुरु
अयाेध्या। श्री राम लला की जन्मस्थली अयोध्या के रसिक उपासना परम्परा की शीर्षस्थ पीठ विअहुति भवन में सीता राम विवाह का उत्सव महीने में कुछ पंचमी को छोड़ कर के बाकी सभी पंचमी को भगवान का विवाह बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है लेकिन इसका मुख्य पर्व अगहन शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है और यह पर्व अनंत श्री बड़े सरकार पुजारी रामशंकर शरण महाराज की पुण्यतथि से प्रारंभ होता है और इस अवसर पर अयोध्या के संतो महंतों ने श्री महाराज जी के 52 वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। परंपरा के अनुसार इस मंदिर में विवाह उत्सव बड़े ही परंपरा के अनुसार मनाया जाता है और यह परंपरा बड़े सरकार ने ही स्थापित की है जो निरंतर चलती आ रही है।
अयाेध्यानगरी के संत-महंताें ने साकेतवासी बड़े सरकार के चित्रपट पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया और उनके कृतित्व-व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। इस माैके पर विअहुति भवन के वर्तमान महंत वैकुंठ शरण महाराज ने कहा कि श्री बड़े सरकार अप्रतिम प्रतिभा के धनी संत रहे। वह भजन-साधना में तल्लीन रहा करते थे। साथ ही साथ गाै और संत सेवी भी रहे। रामनगरी के सभी संत-महंत उनका आदरपूर्वक सम्मान करते थे। वह आजीवन मंदिर के उत्तराेत्तर विकास में लगे रहे। आश्रम का सर्वांगीण विकास किया। इस अवसर पर मणिराम दास छावनी उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास, दिगंबर अखाड़ा महंत सुरेश दास, लक्ष्मणकिला धीश महंत मैथिलीरमण शरण, जगद्गुरू स्वामी रामदिनेशाचार्य, बड़ाभक्तमाल महंत अवधेश कुमार दास, महंत अयोध्या दास, तिवारी मंदिर महंत गिरीशपति त्रिपाठी, खाकचाैक श्रीमहंत बृजमाेहन दास, महंत जनार्दन दास, दशरथगद्दी महंत बृजमाेहन दास, महंत अवधकिशाेर शरण, महंत रामलाेचन शरण, महंत अर्जुन दास, महंत रामकुमार दास, महंत रामप्रिया शरण, महंत प्रियाप्रीतम शरण, स्वामी छविराम दास, विअहुति भवन के भोला बाबा पाठक जी, पुजारी विद्याभूषण, पार्षद पुजारी रमेश दास आदि उपस्थित रहे।
: रामार्चा पूजन के साथ किशोरी जी के मायके में विवाह महोत्सव शुरु
Sat, Nov 26, 2022
जानकी महल की ऐतिहासिक फुलवारी लीला शनिवार को, संतो का प्राप्त होगा सानिध्य
अयोध्या।वैष्णव नगरी अयोध्या श्री सीताराम विवाहोत्सव के उल्लास में डूबने लगी है। रामनगरी के मंदिरों में श्री सीताराम विवाहोत्सव का पर्व विधिविधान पूर्वक विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के मध्यम हर्षोल्लास से मनाया जाता है। अयोध्या के संत राम विवाह की तैयारी में मग्न नजर आ रहे हैं।मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम व जनकनंदिनी माता सीता के विवाह का मुख्य उत्सव अगहन शुक्ल पंचमी 28 नवंबर को होगा।पराम्बा जगदंबा भगवती जानकी के मायके के रूप में प्रचलित जानकी महल की स्थापना जानकी वर विहार कुंज के रूप में की गई थी। दूल्हा-दुल्हिन सरकार के रूप में विराजित युगल सरकार की नयनाभिराम जोड़ी की अष्टायाम सेवा उनके परिकर करते हैं। यहां प्रतिवर्ष नयनाभिराम विवाहोत्सव होता है। जिसका शुभारंभ शुक्रवार को सुबह रामार्चा पूजा से प्रारंभ हो गया है। जानकी महल के ट्रस्टी समाजसेवी आदित्य सुल्तानिया ने बताया कि रामार्चा पूजन के साथ अभिभावकों से प्रारंभ हो गया है सायं कालीन सत्र में रामलीला का अद्भुत प्रदर्शन हुआ जिसको देख सभी लोग मंत्रमुग्ध हो गए। 26 नवंबर को फुलवारी का कार्यक्रम होगा जिसमें अयोध्या के सभी संत महंत शामिल होंगे और 28 नवंबर को बारात निकाले जाएंगे रात्रिकालीन सत्र में विवाह संपन्न होगा।