: मानवता के लिए कल्याणकारी है श्री सीताराम विवाहोत्सव: श्रीमहंत जगदीश दास
Sat, Nov 26, 2022
प्रसिद्ध पीठ श्रीहनुमान बाग से निकलेगी राजसी वैभव के साथ भगवान राम की भव्य बारात
मंदिर में रामविवाह महोत्सव की धूम, दुल्हन की तरह सजा हनुमान बाग मंदिर, कलकत्ता के कारीगर बना रहें विविध पकवान, चहुंओर छायी खुशियां
राम बारात में दर्जनों रथ, घोड़े, हाथी व ऊंट के साथ कई राज्यों के पारंपरिक नृत्य भी होगे
अयोध्या। रामनगरी के प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमान बाग मंदिर में राम विवाह की खुशियां चहुंओर बिखरी नजर आ रही है। पूरा मंदिर अपने आराध्य के विवाह में शामिल होने को आतुर दिख रहा है। मंदिर को दुल्हन की तरह से सजाया गया है। तो वही विविध पकवान बनाने के लिए कलकत्ता से विशेष कारीगर बुलायें गये है। हर कोई नाच गा थिरक रहें है। राममंदिर निर्माण के साथ आयोजित श्री सीताराम विवाहोत्सव का रंग पूरी अयोध्या में चटक हो गया है। इस बार उत्सव को विशेष रूप से मनाया जा रहा है। मंदिरों को सजाकर विभिन्न प्रकार के धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। कथा प्रवचन और लीलाओं का दौर शुरू हो चुका है। 28 नवंबर को अगहन पंचमी के पर्व पर दर्जनों मंदिरों से श्रीराम बारात निकाली जाएगी। श्री सीताराम विवाहोत्सव के लिए देश के कोने- कोने से श्रद्धालु अयोध्या पहुंचने लगे हैं। हनुमान बाग मंदिर में बारात को दिव्य भव्य बनाने की तैयारी हो रही है। बारात में दर्जनों रथ, घोड़े, हाथी व ऊंट के साथ कई राज्यों के पारंपरिक नृत्य भी होगे। यह पूरा महोत्सव हनुमान बाग के श्रीमहंत जगदीश दास महाराज के सानिध्य में हो रहा है।
वैष्णो नगरी अयोध्या के मंदिरों में विवाह की अलग-अलग परंपराएं हैं जिन्हें संस्थापक आचार्यों ने बनाया है।
विभिन्न परंपराओं में सदियों से विवाह के आयोजन होते रहे हैं। नगरी का प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमान बाग मंदिर में श्री सीताराम विवाह के कार्यक्रम परंपरा के अनुसार आयोजित किया जाता हैं। महंत जगदीश दास महाराज के संयोजन में बहुत ही दिव्य भव्य राम विवाह उत्सव मनाया जाता है। पूरे राजशी ठाठ बाट से भगवान अपने अनुजों के साथ 28 नवंबर को घोड़े पर सवार होकर निकलेंगे साथ में वशिष्ठ मुनि दशरथ जी व प्रजा के रुप में संत साधक सजधज कर निकलेंगे। राम बारात की अगुवानी अयोध्या के साधु संत करेंगे। हाथी घोड़े बैड बाजे के मध्य नाचते गाते बाराती आकर्षण का केंद्र होगे। विवाह की तैयारी में पूरा हनुमान बाग परिवार लगा हुआ है।
श्रीमहंत जगदीश दास जी महाराज ने बताया कि श्री सीताराम विवाह महोत्सव सभी के लिए कल्याणकारी है और वर्तमान समय में मानवता को पुनः स्थापित करने के लिए शिक्षाप्रद भी है। सकल विश्व के नायक मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम और माता जानकी के विवाह से समाज को बहुत बड़ा संदेश मिलता है। अगर मनुष्य मर्यादा का पालन करें एक पत्नी व्रत रखे और पत्नी भी हमेशा पति के साथ उसके सुख दुख में सहभागी हो तो बड़े से बड़ा कष्ट और समस्या का समाधान बहुत ही आसानी से हो जाता है। कार्यक्रम की तैयारी में सुनील दास, पुजारी योगेंद्र दास, रोहित शास्त्री, नितेश शास्त्री, गोलू शास्त्री लगे है।
: पारम्परिक उत्सव फुलवारी लीला ने दर्शकों का मनमोहा
Sat, Nov 26, 2022
श्री सीताराम विवाह महोत्सव हुआ चटक,दुल्हा सरकार की सेवा सत्कार में जुटा जानकी महल ट्रस्ट
भव्य राम मंदिर बनने से इस बार का विवाह महोत्सव हो रहा है अद्भुत, बरातियों में है काफी उत्साह: आदित्य सुल्तानिया
अयोध्या। श्री राम विवाह महोत्सव पर रामनगरी के जानकी महल ट्रस्ट को दुल्हन की तरह सजाया गया है। इस महल में भगवान श्रीराम को दुल्हा सरकार के रुप में सेवा सत्कार किया जा रहा है। श्री किशोरी सीता जी का मायका होने के कारण भगवान श्रीराम यहां जमाई के रुप में प्रतिष्ठित है।
इस बार रामनगरी में भव्य राम मंदिर बनने की खुशी व विगत दो साल कोरोना के कारण सूक्ष्म उत्सव होने से इस बार बड़े पैमाने पर उत्सव मनाया जा रहा। श्रीजानकी महल ट्रस्ट अद्भुत विवाह महोत्सव और भी भव्य रुप से मनाया जा रहा है। विवाह उत्सव में आज दिव्य फुलवारी लीला का आयोजन किया गया, यह लीला दर्शकों का मन को मोहित करने वाला था। मंदिर के चहुंओर लीला की तारीफ होती रही। ट्रस्ट का विवाह महोत्सव वैसे भी अयोध्या वासियों के लिए बेहद खास होती है। क्योंकि मारवाड़ी रीति रिवाज से बड़े ही ठाट बाट से श्रीराम बारात जानकी महल से निकलती है, जिसको देखने के लिए अयोध्या वासी लालायित रहते है। पूरे मंदिर को दुल्हन की तरह सजाया गया है। राम बारात में हाथी घोड़ा पालकी के साथ श्री राम रथ तैयार किया गया है,जिसपर श्रीराम अपने अनुज समेत अपनी बारात लेकर निकलेगें। इस खास बारात के बाराती होगे अयोध्या वासी। जानकी महल ट्रस्ट की बारात और भी आनंदित करने वाला होता है क्योंकि बाराती मारवाड़ी समाज के लोग ठाट बाट से सुसज्जित होकर नाचते गाते निकलते हैं। अपने आराध्य प्रभु श्री राम की फुलवारी लीला देखने के लिए सुबह से ही माताएं बहने तैयारी शुरू कर दी है, मंगल गीत के साथ-साथ हाथों में मेहंदी रचा कर के सज धज कर प्रभु श्री राम और माता जानकी के प्रथम मधुर मिलन की लीला देखने के लिए तैयार हो रही है भगवान श्रीराम नगर भ्रमण करते हुए पुष्प वाटिका में पहुंचते हैं। जहां माता जानकी गौरी पूजन के लिए आई है पहली बार प्रभु श्री राम और माता जानकी का मिलन पुष्प वाटिका में होता है। यह मंगल दृश्य देखकर वहां उपस्थित लोग हर्षित होकर माता जानकी और प्रभु श्री राम के जयकारे लगाने लगे। पुष्प वाटिका का पूरा मंचन मणिराम दास छावनी के महंत कमलनयन दास, महंत रामचन्द्र दास, महंत बृजमोहन दास, डा सुनीता शास्त्री, महंत गिरीश पति त्रिपाठी के सानिध्य में मनाया गया।
श्रीजानकी महल ट्रस्ट के ट्रस्टी समाजसेवी आदित्य सुल्तानिया कहतें है कि हमारे यहां भगवान श्रीराम को दुल्हा रुप में पूजते है, ये महल किशोरी जी का मायका घर है इसलिए हमारे भाव भी उसी प्रकार के होते है। उन्होंने बताया कि 27 नवंबर को भगवान का तिलक उत्सव और 28 नवंबर को भव्य बारात निकाली जाएगी रात में भगवान का विवाह संपन्न होगा,तो 29 नवंबर को भव्य रामकलेवा होगा जिसमें युगल सरकार को छप्पन भोग लगाया जायेगा। इस अवसर पर दिलीप सुल्तानिया, नीता सुल्तानिया, अरुण सुल्तानिया आदि लोग मौजूद रहे।
: कथा श्रवण करने से अभिमान चला जाता हैः देवेंद्रप्रसादाचार्य
Sat, Nov 26, 2022
चक्रवर्ती महाराज श्रीदशरथजी के राजमहल बड़ास्थान में श्री सीताराम विवाह महोत्सव का उल्लास चरम पर
अयोध्या। रामनगरी में विवाह महोत्सव का उल्लास अपने चरम पर है। हर कोई इस महोत्सव में शामिल होने के लिए लालायित हैं। इस बार यह उत्सव और भी खास है क्योंकि कोरोना काल में विगत दो साल सारे उत्सव फीके हो गए थे। चक्रवर्ती महाराज श्री दशरथजी के राज महल बड़ा स्थान के महंत बिंदुगाद्यायाचार्य स्वामी देवेन्द्र प्रसादाचार्य जी कहते है कि हम लोगों में काफी उत्साह और उमंग है। भगवान राम का दिव्य भव्य मंदिर बन रहा है। हिंदु समाज को नव चेतना देने जैसा है। हर लोग मुदित होकर भगवान श्री सीताराम जी के विवाह महोत्सव मना रहे है। महंत जी कहते है कि इस बार भक्त भी हर्षोल्लास से भरे दिख रहे है। मंदिर में श्रीराम कथा व श्री राम लीला का भव्य आयोजन किया गया है। रामनगरी के प्रसिद्ध पीठों में शुमार दशरथ राज महल बड़ा स्थान का श्रीराम विवाह महोत्सव मनाने का अंदाज अपने आप में निराला है। महंत जी दशरथ की भूमिका में दोनो हाथों से न्यौछावरी लुटाते हुए अपने आराध्य का पावन उत्सव मनाते है। पूरा मंदिर इस महोत्सव में शामिल होकर विवाह के भाव रुपी रस से सराबोर होकर खुद को आनंदित महसूस कर रहे है। यह पूरा आयोजन बिंदुगाद्यायाचार्य जी महाराज के कृपापात्र शिष्य मंगल भवन व सुंदर सदन पीठाधीश्वर महंत कृपालु रामभूषण दास जी के देखरेख में सम्पादित हो रहा है। मंदिर में व्यासपीठ से श्रीराम कथा की अमृत वर्षा तन तुलसी मिथिला पीठाधीश्वर स्वामी श्री विष्णुदेवाचार्य जी महाराज कर रहे है।विष्णुदेवाचार्य जी कहते है कि जो दुनिया को मिटाना चाहता है वह स्वंय मिट जाता है। हिरण्यकश्यप प्रहलाद को मिटाना चाहता था स्वंय मिट गया। कुंभकर्ण इन्द्रासन मांगना चाहता था सरस्वती जी की अनुकंपा से निद्रासन मांग लिया। विभीषण ने भगवान के चरणों में अनुराग मांगा। लंका में एक हरि मंदिर भी था जहां विभीषण भगवत पूजन किया करता था। इस पावन अवसर पर बड़ी संख्या में रामकथा श्रोता संत-महांत एवं भक्त श्रीरामकथामृत का पानकर स्वंय को कृतार्थ कर रहे हैं। कथा में महंत सुरेश दास, महंत जनमेजय शरण, महंत अवधेश दास, नागा रामलखन दास, सुदामा दास सहित बड़ी संख्या में संत साधक मौजूद रहें।