: दूल्हा-दूल्हन सरकार को चढ़ाया गया तिलक,लगी हल्दी व मेहंदी
Sun, Nov 27, 2022
मारवाड़ी ठाठ बाट में जानकी महल ट्रस्ट से निकली राम बारात
कोहबर में ही लीला का दर्शन कराते हैं, मंदिर में भगवान के उत्थापन से लेकर रात्रि शयन तक आठो पहर की सेवा मधुर उपासना की ही रीति से की जाती है: आदित्य
अयोध्या। राम जी को दुल्हा सरकार व किशोरी जी के मायका के रुप में भगवान का सेवा पूजा साल के बारह महीने करने वाले सुप्रसिद्ध श्री जानकी महल ट्रस्ट का विवाह बिल्कुल जोरदार रहता है। मारवाड़ी ठाठ बाट के इस विवाह का हर रस्म बहुत ही मनमोहन व चर्चा का विषय रहता है। पूरे मिथिला पद्धति से विवाह उत्सव मनाया जाता है। जानकी महल ट्रस्ट में रामविवाह उत्सव की भव्यता देखते ही बनती है। माता सीता के मायके के रूप में प्रचलित जानकी महल की स्थापना जानकी वर बिहार कुंज के रूप में की गई थी। दूल्हा-दूल्हन सरकार के रूप में विराजति युगल सरकार की नयनाभिराम जोड़ी की अष्टायाम सेवा उनके परिकर करते हैं।
जानकी महल ट्रस्ट के आदित्य सुल्तानिया बताते हैं कि जनकपुर की परंपरा में दूल्हा सरकार विवाहोपरांत कोहबर में ही लीला का दर्शन कराते हैं। मंदिर में भगवान के उत्थापन से लेकर रात्रि शयन तक आठो पहर की सेवा मधुर उपासना की ही रीति से की जाती है। बताया कि आज भगवान की हल्दी तिलक एवं मेंहदी की रस्म भव्य रुप से मनाया गया। 28 नवंबर यानी सोमवार को रामबरात निकाली जाएगी। 29 नवंबर को छप्पन भोग के साथ विवाह उत्सव का समापन होगा।
: हनुमान बाग में सीताराम विवाह महोत्सव की धूम
Sun, Nov 27, 2022
हनुमान बाग से जुड़े भक्तों का मंदिर में लगा जमावड़ा, जगद्गुरू रामानन्दाचार्य स्वामी रामदास व श्रृंगार कुंज के महंत हरिभजन दास के साथ हनुमानगढ़ी के नागा मामा दास करेंगे श्री राम बारात की अगुवाई
अयोध्या। राम नगरी अयोध्या के जिन चुनिंदा मंदिरों में उत्सव बिल्कुल शाही अंदाज से मनाया जाता है हनुमान बाग उनमें से एक है। श्री हनुमान बाग में उत्सव मनाने का अपना एक अलग अंदाज है। महंत जगदीश दास महाराज के सानिध्य से उत्सव में चार चांद लग जाता है। हनुमान बाग में सीताराम विवाह महोत्सव बड़े ही उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाता है। इस बार विवाह महोत्सव और भी दिव्य भव्य रुप में मनाया जा रहा है। सोमवार 28 नवंबर को मंदिर से निकलने वाली राम बारात की अगुवाई जगद्गुरू रामानन्दाचार्य स्वामी रामदास व श्रृंगार कुंज के महंत हरिभजन दास के साथ हनुमानगढ़ी के नागा मामा दास कर रहे है। साथ ही हनुमानगढ़ी के सौकड़ों वरिष्ठ नागा साधु संत बारात की शोभा होगें। बाराती के लिये विशेष पोशाक बनाये गये है। इनके साथ बारातियों के स्वागत सत्कार के लिए कलकत्ता से विशेष कारीगर बुलायें गये है। जो विभिन्न प्रकार के पकवान बनाकर बारातियों की मेजबानी करेंगे। कार्यक्रम में मुख्य रुप से विजय टेकरीवाल, शिव सावरगी, बीके सिंह, राम गुप्ता, गौरीशंकर मोहता समेत हनुमान बाग सेवा संस्थान से जुड़े सभी भक्त शामिल हुए है। पूरे कार्यक्रम की देखरेख सुनील दास, पुजारी योगेंद्र दास, रोहित शास्त्री, नितेश शास्त्री, गोलू शास्त्री लगे हुए है।
: श्रीगुरू रामानंद वैष्णव भजनानंद आश्रम के महंत बने विष्णु दास
Sun, Nov 27, 2022
अयाेध्याधाम के विशिष्ट संत-महंत व धर्माचार्यों ने साधुशाही परंपरानुसार उन्हें कंठी, चद्दर, तिलक देकर महंती की मान्यता दी
अयाेध्या। रामनगरी के वासुदेवघाट माेहल्ले में स्थित श्रीगुरू रामानंद वैष्णव भजनानंद आश्रम का नया महंत विष्णु दास महाराज काे बनाया गया। रविवार को मंदिर परिसर में एक महंताई समाराेह का आयाेजन हुआ। समाराेह में अयाेध्याधाम के विशिष्ट संत-महंत व धर्माचार्यों ने साधुशाही परंपरानुसार उन्हें कंठी, चद्दर, तिलक देकर महंती की मान्यता प्रदान किया। साथ ही साथ महज्जरनामा पर हस्ताक्षर भी किया। बता दें कि आश्रम के महंत रहे रामसनेही दास तपसी महाराज का कुछ दिन पहले साकेतवास हाे गया था। तब से मठ की गद्दी खाली चल रही थी। जिस पर संताें ने विष्णु दास महाराज काे आसीन किया। अपने ताजपाेशी से नवनियुक्त महंत अभिभूत दिखे। रविवार को साकेतवासी महंत रामसनेही दास महाराज का त्रयाेदश भंडारा भी रहा। जिस पर काफी संख्या में संत-महंत एवं भक्तगणों ने प्रसाद पाया। इस अवसर पर नये महंत विष्णु दास महाराज ने कहा कि उन्हें जिस पद की बागडाेर साैंपी गई है। उस पद की गरिमा वह हमेशा अक्षुण्ण बनाए रखेंगे। उनके द्वारा ऐसा काेई कार्य नही किया जायेगा, जिससे महंत पद की छवि धूमिल हाे। सदैव पद की गरिमा बनाकर चलेंगे। साथ ही साथ आश्रम का सर्वांगीण विकास करेंगे। मठ में गाै, संत, विद्यार्थी एवं अतिथि सेवा पर विशेष ध्यान देंगे। मंदिर काे नित्य नई ऊंचाइयों पर पहुंचायेंगे।अंत में नवनियुक्त महंत ने आए हुए संत-महंतों का स्वागत-सम्मान किया।अखिल भारतीय श्री पंच तेरा भाई त्यागी खाक चौक अयोध्या व संकट मोचन हनुमान किला के महंत परशुराम दास महाराज ने बताया कि विष्णु दास को सनातन परंपरा के अनुसार श्री गुरु रामानंद वैष्णो भजनान्द आश्रम का अयोध्या के संतो महंतों ने कंठी चद्दर तिलक देकर महंत नियुक्त किया। जिससे कि वह मंदिर की सेवा निरंतर संचालित करते रहे। समाराेह में संकटमोचन हनुमानकिला मंदिर के श्रीमहंत परशुराम दास, बड़ाभक्तमाल महंत स्वामी अवधेश कुमार दास, डाड़िया मंदिर महंत गिरीश दास, तुलसीदास छावनी महंत जनार्दन दास, वैदेही भवन महंत रामजी शरण, राधाकुंज मंदिर के महंत सनत कुमार दास, परमहंस आश्रम के राम उजागर दास, पंजाबी मंदिर के महंत राम सुंदर दास, महंत राम जी शरण, राम हर्षण कुंज के संत राघव दास, नागा राम लखन दास, महात्यागी लक्ष्मीदास कोटा राजस्थान, महंत राम बालक दास राजस्थान, महंत जगदीश दास बापू गुजरात भावनगर, सुंदर दास बापू गुजरात सहित सैकड़ों संत महंत एवं भक्तगण ने महाराज जी को कंठी चद्दर दे करके मंदिर की बागडोर सौंपी।