: नगर निकाय चुनाव को लेकर भाजपा ने की शक्ति प्रदर्शन की तैयारी
Fri, Nov 25, 2022
नगर निगम, नगर पालिका व नगर पंचायत से 25-25 हजार लोगो की भीड़ जुटाने का लक्ष्य
अयोध्या। नगर निकाय चुनाव को लेकर भाजपा ने व्यापक रुप से शक्ति प्रदर्शन की तैयारी की है। यह शक्ति प्रदर्शन 27 नवम्बर। को यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की शहर के जीआईसी मैदान में प्रस्तावित जनसभा के दौरान किया जायेगा। नगर निगम क्षेत्र से 25 हजार व नगर पालिका तथा नगर पंचायत से 25 हजार कुल पचास हजार लोगो की भीड़ जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। जिसमें टिकट के दावेदारों से भी भीड़ जुटाने के लिए कहा गया है। जनसभा स्थल व अन्य स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाये जायेंगे। जो टिकट के दावेदारों द्वारा ले आयी जाने वाली भीड़ का आकलन करेगा। जो टिकट मिलने का एक आधार भी बनेगा। इसको लेकर पार्टी कार्यालय पर एक तैयारी बैठक आयोजित की गयी। बैठक को सम्बोधित करते हुए सांसद लल्लू सिंह ने कहा कि अयोध्या वर्तमान में विश्व की सर्वोत्तम नगरी के रुप में स्थापित होने जा रही है। जिसको लेकर यहां के निवासियों में उत्साह का माहौल है। सरकार के प्रयासों की वजह से अयोध्या विश्व पयर्टन के मानचित्र पर स्थापित हो गयी है। जनसभा का उद्देश्य हर घर तक मुख्यमंत्री का संदेश पहुंचाना है। इसलिए इसकी व्यापक तैयारी हो कि प्रत्येक घर से एक व्यक्ति अवश्य जनसभा में सम्मलित हो। महापौर ऋषिकेश उपाध्याय ने कहा कि पदाधिकारी व कार्यकर्ता अपनी सक्रियता और बढ़ा दें। हर वार्ड में हर परिवार से एक लक्ष्य बनाकर सम्पर्क स्थापित करना प्रारम्भ कर दें। विभिन्न माध्यमों से लोगो को रैली में आने हेतु प्रेरित करें। विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने कहा कि जीआईसी के मैदान में होने वाली रैली ऐतिहासिक होगी। इसका संदेश काफी व्यापक जायेगा। जिला प्रभारी पद्मसेन चौधरी ने कहा कि पार्टी के टिकट के उम्मीदवारों के लिए भी यह जनसभा एक परीक्षा की भांति होगा। खासकर पार्षद व महापौर हेतु जो भी पार्टी से टिकट चाहते है वह अभी से तैयारियों में जुट जाये। महानगर अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा ने कहा कि नगर निगम के हर वार्ड में एक प्लान्ड तरीके से हमें जनसम्पर्क की रणनीति बनानी है। जनसम्पर्क युद्ध स्तर पर चलाना होगा। वार्ड के सभी पदाधिकारी इसके लिए प्रभावी कार्ययोजना बना लें। इस अवसर पर प्रतीक श्रीवास्तव, आलोक द्विवेदी, बालकृष्ण वैश्य, मनमोहन जायसवाल, मनोज श्रीवास्तव, दिव्य प्रकाश तिवारी, परमानंद मिश्रा, रामकुमार सिंह राजू, रमेश दास, अनुज दास, जितेन्द्र दूबे मिंटू प्रधान, गिरीश पाण्डेय डिप्पुल, दिवाकर सिंह, राकेश मणि त्रिपाठी, अशोका द्विवेदी, आकाश मणि त्रिपाठी सभी वार्डो के प्रभारी, अध्यक्ष, संयोजक, महापौर व पार्षद पद हेतु भाजपा से टिकट के दावेदार शामिल थे।
: आपसी सहयोग से समस्याओं का किया जायेगा त्वरित समाधान : गौरव दयाल
Fri, Nov 25, 2022
नवागत मण्डलायुक्त ने ग्रहण कि कार्यभार, हनुमानगढ़ी व रामलला का किया दर्शन
अयोध्या। नवागत मण्डलायुक्त गौरव दयाल सर्किट हाउस अयोध्या पहुंचे जहां पर उनको गार्ड आफ ऑनर दिया गया। नवागत मण्डलायुक्त वर्ष 2004 बैच के आईएएस है तथा अलीगढ़ से स्थानान्तरण होकर अयोध्या में नवीन तैनाती हुई है। मण्डलायुक्त द्वारा आज अयोध्या मण्डल का कार्यभार भी ग्रहण कर लिया गया। उक्त अवसर पर मण्डलायुक्त ने कहा कि जहां तक मेरी जानकारी में आया है कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार बहुत सारे कार्यो को गति दी जा रही है और उसको आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन और मेरी रहेगी और जो भी मुद्दे हैं उसका समाधान त्वरित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि अयोध्या को एक बड़े धर्मनगरी के रूप में विकसित करने के लिए हम सबका लगातार प्रयास रहेगा और आप सबके सहयोग से चर्चा होगी जो मुद्दे सामने आएंगे उनका समाधान त्वरित किया जाएगा। तदोपरांत मंडलायुक्त ने सर्किट हाउस से निकलकर हनुमानगढ़ी व रामलला का दर्शन किया। नवागत मण्डलायुक्त का सर्किट हाउस में जिलाधिकारी नितीश कुमार, नगर आयुक्त विशाल सिंह, मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती अनिता यादव, अपर आयुक्त प्रशासन एवं न्यायिक, सिटी मजिस्ट्रेट, संयुक्त विकास आयुक्त, अपर जिलाधिकारीगण, नगर मजिस्ट्रेट, सचिव विकास प्राधिकरण एवं अन्य मण्डलीय अधिकारी, आयुक्त कार्यालय के सहायकगण तथा सूचना विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे।
श्री हनुमानगढ़ी में दर्शन पूजन करते मंडलायुक्त व जिलाधिकारी
: रंग महल का ऐतिहासिक राम विवाह महोत्सव होगा आकर्षण का केंद्र
Fri, Nov 25, 2022
राम विवाहोत्सव में राजसी वैभव के साथ निकलेगी भगवान राम की भव्य बारात
अयोध्या। रामनगरी के रामकोट मोहल्ले में राम जन्म भूमि के निकट भव्य रंग महल मन्दिर स्थित है। ऐसा माना जाता है कि जब सीता माँ विवाहोपरांत अयोध्या की धरती पर आयीं। तब कौशल्या माँ को सीता माँ का स्वरुप इतना अच्छा लगा कि उन्होंने रंग महल सीता जी को मुँह दिखाई में दिया था। यह रस्म बसन्त ऋतु में हुआ था। इस कारण कौशल्याजी ने इसका नाम रंग महल रख दिया था। यहां सावन झूला, सीताराम विवाह, रामनवमी, बसन्त पंचमी तथा जानकी नवमी विशेष रुप से मनाया जाता है। यहां मा सीता की उपासना होती है। जिस तरह मिथिला में मा सीता की पूजा होती है वैसे ही यहां भी की जाती है। विवाह के बाद भगवान श्री राम कुछ 4 महीने इसी स्थान पर रहे। और यहाँ सब लोगों ने मिलकर होली खेली थी। तभी से इस स्थान का नाम रंगमहल हुआ। इस मन्दिर में आज भी होली का त्यौहार हर्षोल्लास से मनाया जाता है। फाल्गुन माह में यहाँ होली खेलने का विशेष इंतजाम होता है। यहाँ चारों अखाड़े के नागा साधू होली खेलने आते हैं। पंचमी को यहाँ सीता राम विवाह मनाया जाता है। विवाह समारोह से पहले भव्य राम बारात निकलती है जिसमें हांथी, घोड़े, रथ समेत हजारों भक्त बारात में नाचते गाते शामिल होते है। सीता राम के विवाह के समय द्वारचार, कन्यादान, भांवर, कलेवा आदि अनुष्ठान विधिवत होते हैं। सम्पूर्ण विवाह मैथली शैली में आयोजित होते हैं।
रामनगरी में रामविवाहोत्सव के अवसर पर राजसी वैभव के साथ भगवान राम की बारात निकलती है। श्री सीताराम विवाह शुक्लपक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। बारात में दूल्हे के भेष में भगवान राम का दर्शन करने के लिए भक्तों का समूह उमड़ पड़ता है। भजनों व गीतों ने वातावरण को भक्तिमय बनता है। दिव्य अलौकिक रथ पर सवार भगवान की राम की एक छलक पाने के लिए भक्त व्याकुल हो जाते हैं।बारात निकले के पूर्व भगवान के विग्रह व प्रतिरुपों का पूजन व आरती किया जाता है। तत्पश्चात वैदिक मंत्रोचार के साथ श्री सीताराम को रथ पर बैठाकर बैंड बाजे के साथ बारात निकाला जाता है। वैसे तो अयोध्या के खास मंदिरो में रामविवाह का उत्सव मनाया जाता है जैसे रंग महल मंदिर, चक्रवती महाराज दशरथ जी का राजमहल, कनक भवन, हनुमान बाग, लक्ष्मण किला, रामहर्षण कुंज, जानकी महल ट्रस्ट ,विहउती भवन, दिव्यकला मंदिर, सहित अयोध्या के कई मंदिरों से बारात निकलती है। लेकिन अयोध्या के रामकोट मुहल्ले में स्थित प्राचीन रंगमहल मंदिर में श्री सीताराम विवाह की धूम चार दिनों से चलती रहती है। मंदिर में श्री राम विवाह महोत्सव को देखने के लिए पूरे भारत से संत साधक आकर उत्सव का आनन्द लेते हैं। जगह जगह बारात का स्वागत कई जगहों पर आरती पूजन होता है। बारात लौटने के बाद देर रात तक भगवान सीताराम के विवाह पूरे वैदिक रीतिरिवाज के साथ का आयोजन किया जाता है। विवाह के दूसरे दिन कलेवा होता जिसमें भगवान को पकवान बनाकर भोग लगाया जाता है और लोगों में प्रसाद वितरण किया जाता है।
रंगमहल के वर्तमान पीठाधीश्वर श्री महंत रामशरण दास जी ने बताया कि रंगमहल मां कौशल्या ने विदेहनंदिनी भगवती सीता को मुंह दिखाई में दी थी। ऐसे में इस स्थल पर रामवविवाह को यादगार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाती। महंत जी ने बताया कि हमारे यहां का विवाह मंडप 300 साल पुराना है। आश्रम में संचालित रामलीला मुनि आगमन, ताड़का, मारीच-सुबाहु बध, नगर दर्शन, धनुषयज्ञ, परशुराम-लक्ष्मण संवाद से होती हुई रामविवाह के प्रसंग को जीवंत करेगी। हालांकि उत्सव का शिखर रामबरात के साथ परिभाषित होगा। इस दौरान संगीत, सत्संग की भी सरिता प्रवाहित हो रही है, जिसमें हजारों की संख्या में संत एवं श्रद्धालु शिरकत कर रहे हैं।विवाह उत्सव 25 नवंबर से प्रारंभ होकर के 28 नवंबर तक चलेगा। विवाह की तैयारी के लिए आश्रम से जुड़े श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। इस महोत्सव की देखरेख व व्यवस्था में पुजारी साकेत जी व राहुल जी लगे हुए है। वधू पक्ष से विमला देवी पत्नी स्व रामविलास सिंघल, नीतू सिंघल पत्नी स्व पवन सिंघल, संदीप श्रुति सिंघल, विजेन्द्र ममता अग्रवाल, तरुण प्रतिभा अग्रवाल, समर्थ सिंघल, ओजस, सिया, कनव, आर्श एवं सभी मित्रगण विवाह की तैयारियों में जुट गए हैं।