: हनमत निवास त्रिदिवसीय रामचरित मानस पाठ शुरु
Sat, Nov 19, 2022
संगीतमय पाठ ने लोगों किया मंत्रमुग्ध, भक्ति मय हुआ माहौल
संगीतमय मानस पाठ करते भक्त
हनुमत निवास का सजा मुख्य द्धार
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या का प्रसिद्ध पीठ हनुमत निवास मंदिर में त्रिदिवसीय संगीतमय रामचरित मानस पाठ का भव्य शुभारंभ शुक्रवार को देर शाम हुआ। मंदिर में मानस की पंक्तियां गूंज रही हैं। पूरा मंदिर परिसर भक्ति में माहौल में हो गया। महंत मिथिलेश नंदनी शरण की अध्यक्षता में हो रहे मानस पाठ का आयोजन मुरादाबाद के सीएल गुप्ता परिवार कर रहा है। यह भव्य महोत्सव आचार्य पीठ श्रीलक्ष्मणकिला के महंत मैथलीरमण शरण महाराज के पावन सानिध्य में हो रहा है। मां अमृतानंद मानस परिवार की टीम संगीतमय पाठ कर रही है। इस संगीतमय पाठ टीम का नेतृत्व योगेश भसीन कहते है कि मानस ऐसा सागर है जिसमें जितना डूबोगे उतना ही आनंद व मधुर होगा। आगरा के राम प्रकाश पाठक व रायबरेली की मालती भार्गव ने सामुहिक मानस पाठ का आरंभ किया। हनुमत निवास के महंत प्रख्यात साहित्यकार मिथलेश नन्दनी शरण महाराज ने बताया कि शनिवार को मानस के सुंदर कांड का दिव्य पाठ किया जायेगा।इस मौके पर महापौर ऋषिकेश उपाध्याय, भाजपा नेता अवधेश पाण्डेय बादल सहित बड़ी संख्या में संत साधक व भक्त गण मौजूद रहे।
: श्री हनुमत संस्कृत स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बांटे स्मार्टफोन व टैबलेट
Sat, Nov 19, 2022
योगी सरकार की महत्वाकांक्षी टैबलेट व स्मार्टफोन वितरण योजना के तहत वितरित हुआ टैबलेट व स्मार्टफोन
अयोध्या। सूबे की योगी सरकार की महत्वाकांक्षी टैबलेट व स्मार्टफोन वितरण योजना के तहत आज मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की पावन नगरी अयोध्या के प्रसिद्ध प्रतिष्ठित पीठ हनुमानगढ़ी के श्री हनुमत संस्कृत स्नातकोत्तर महाविद्यालय मे समारोह पूर्वक शास्त्री फाइनल व आचार्य फाइनल के 23 -23 बच्चों को टैबलेट व स्मार्टफोन वितरित किया गया। यह वितरण गद्दीनशीन श्री महंत प्रेमदास जी महाराज ने किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप गद्दीनशीन श्रीमहंत प्रेमदास महाराज रहे और विशिष्ट अतिथि अखिल भारतीय श्री पंच निर्वाणी अनी अखाड़ा के श्रीमहंत मुरलीदास व संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत संजयदास रहें। टैबलेट व स्मार्टफोन वितरित करते हुए गद्दीनशीन श्रीमहंत प्रेमदास महाराज ने कहा कि हमारे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सपना है कि यहां का युवा समग्र रूप में सक्षम हों। आज के इस तकनीकी युग में प्रदेश में वितरित किये जा रहे स्मार्टफोन व टैबलेट से युवा अपनी पढ़ाई व रोजगार को आगे बढ़ाने में सफल होंगे।
विशिष्ट अतिथि अखिल भारतीय श्री पंच निर्वाणी अनी अखाड़ा के श्रीमहंत मुरलीदास ने कहा कि आज के युग में स्मार्टफोन हर व्यक्ति के लिए लाभकारी है। आप लोगों को जो स्मार्टफोन वितरित किए जा रहे हैं उसका प्रयोग केवल अच्छे कार्य व पढ़ाई के लिए करें। संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत संजयदास ने कहा कि आज के युग में प्रत्येक व्यक्ति को टैबलेट और मोबाइल जरूरत है। इसका सही उपयोग होना चाहिए। शिक्षा को लेकर सरकार हमेशा से प्रतिबद्ध रही है। समय समय पर विभिन्न प्रकार की योजनाओं के माध्यम से देश का शैक्षिक स्तर मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।जिसका परिणाम आप लोगों के समक्ष है। आये हुए अतिथियों का स्वागत करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य गद्दीनशीन के शिष्य डा महेश दास ने कहा कि तकनीकी संसाधनों से शिक्षा क्षेत्र में तैयारी करने मे सहूलियत मिलेगी। उन्होंने कहा कि टैबलेट वितरण से छात्र-छात्राओं को शिक्षा के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा संबंधित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु भटकना नहीं पड़ेगा। घर बैठे टैबलेट से सभी ज्ञान अर्जित कर सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि टैबलेट वितरण कार्यक्रम सरकार द्वारा जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा का विकास करने के लिए मील का पत्थर साबित होगा और यह सरकार का सराहनीय कार्य है, जिससे छात्र छात्राओं को शिक्षा के क्षेत्र में तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ और भी विभिन्न प्रकार की शिक्षा संबंधित जानकारियां प्राप्त कर सकते हैं। कार्यक्रम में छात्रों ने संस्कृत के गीत सुनाकर संस्कृत भाषा के प्रति आकर्षित किया। कुल 46 छात्र जिसमें 23 आचार्य फाइनल को टैबलेट व 23 शास्त्री फाइनल को स्मार्ट फोन वितरित किया गया। इस मौके पर वरिष्ठ नागा राम शंकर दास, नंदराम दास, राजेश पहलवान, शिक्षक त्रियुगी दास, शैलेंद्र कुमार सिंह, संजय शुक्ला, डा अनीता पाण्डेय, बालमुकुंद मिश्र, कृष्णानंद उपाध्याय, लक्ष्मण सिंह आदि लोग मौजूद रहें।
: निर्गुण ब्रह्म को सगुण साकार बनाकर स्थापित करने के उत्सव को विवाह महोत्सव कहते हैं: देशपांडे
Sat, Nov 19, 2022
राघवेंद्र बुआ ने श्रीराम कथा के पंचम दिवस श्रीराम विवाहोत्सव का बहुत ही सुंदर प्रसंग प्रस्तुत किया
अयोध्या। हनुमान बाग मंदिर में श्रीराम कथा का उल्लास अपने चरम पर है। आज कथा के पंचम दिवस पर व्यासपीठ से समर्थ भक्त राघवेंद्र बुआ देशपांडे ने श्री राम विवाहोत्सव का बहुत ही प्रसंग प्रस्तुत कर पूरे परिसर को भाव विभोर कर दिया। कथाव्यास देशपांडे जी ने मराठी भाषा में श्री राम-सीता के विवाह की कथा सुनाते हुए बताया कि राजा जनक के दरबार में भगवान शिव का धनुष रखा हुआ था। इसका हिंदी में अनुवाद हनुमान बाग के श्री महंत जगदीश दास महाराज कर रहें थे। उन्होंने बताया कि एक दिन सीता जी ने घर की सफाई करते हुए उसे उठाकर दूसरी जगह रख दिया। उसे देख राजा जनक को आश्चर्य हुआ क्योंकि धनुष किसी से उठता नहीं था। राजा ने प्रतिज्ञा किया कि जो इस धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाएगा उसी से सीता का विवाह होगा। उन्होंने स्वयंवर की तिथि निर्धारित कर सभी देश के राजा और महाराजाओं को निमंत्रण पत्र भेजा। एक-एक कर लोगों ने धनुष उठाने की कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली। गुरु की आज्ञा से श्री राम ने धनुष उठा प्रत्यंचा चढ़ाने लगे तो वह टूट गया। इसके बाद धूमधाम से सीता व राम का विवाह हुआ। माता सीता ने जैसे प्रभुराम को वर माला डाली वैसे ही देवता फूलों की वर्षा करने लगे।निर्गुण ब्रह्म को सगुण साकार बनाकर स्थापित करने के उत्सव को विवाह महोत्सव कहते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्री राम जो वेद प्रतिपाद्य हैं जिनको अकल अनी अवैध निर्गुण निरंजन कहा जाता था वह परमात्मा आज भक्तों के पराभूत होकर अपनी सगुण सत्ता को मिथिला में स्थापित कर रहे हैं। महाराज जी ने कहा कि सारे जनकपुर वासी उत्सव का आनंद है ले रहे हैं पूरी अयोध्या पूरा विश्व एक कीर्तिमान नये संबंध का आनंद ले रहा था। नये चेतना ऊर्जा का संचार हो गया। और यही भगवान के अवतार का भी परम कारण है।देशपांडे जी ने कहा कि जगत मात्र को आनंद देना और वही आनंद आज मिथिला में वितरित हो रहा है मिथिला के लोगों का हृदय और मन दोनों प्रफुल्लित है जो कि ब्रह्म साक्षात्कार हो रहा है ब्रह्म साक्षात होने पर मन स्वतः निर्मल बन जाता है और उस निर्मल मन में परमात्मा अभिभूत होकर स्थापित हो जाते हैं।यह महोत्सव हनुमान बाग मंदिर के पीठाधीश्वर श्रीमहंत जगदीश दास महाराज के पावन सानिध्य में हो रहा है।महोत्सव की व्यवस्था में हनुमान बाग के सुनील दास, पुजारी योगेंद्र दास, रोहित शास्त्री, नितिश शास्त्री गोलू शास्त्री आदि लगे है। इस महोत्सव में केशव गलान्डे, सरयू गलान्डे, विजय कुमार कुलकर्णी, विनाया कुलकर्णी,माधव वालिंम्बे,मधुर वालिंम्बे सहित बड़ी संख्या से ठाणे महाराष्ट्र से भक्त मौजूद रहें।