: आपसी सहयोग से समस्याओं का किया जायेगा त्वरित समाधान : गौरव दयाल
Fri, Nov 25, 2022
नवागत मण्डलायुक्त ने ग्रहण कि कार्यभार, हनुमानगढ़ी व रामलला का किया दर्शन
अयोध्या। नवागत मण्डलायुक्त गौरव दयाल सर्किट हाउस अयोध्या पहुंचे जहां पर उनको गार्ड आफ ऑनर दिया गया। नवागत मण्डलायुक्त वर्ष 2004 बैच के आईएएस है तथा अलीगढ़ से स्थानान्तरण होकर अयोध्या में नवीन तैनाती हुई है। मण्डलायुक्त द्वारा आज अयोध्या मण्डल का कार्यभार भी ग्रहण कर लिया गया। उक्त अवसर पर मण्डलायुक्त ने कहा कि जहां तक मेरी जानकारी में आया है कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार बहुत सारे कार्यो को गति दी जा रही है और उसको आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन और मेरी रहेगी और जो भी मुद्दे हैं उसका समाधान त्वरित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि अयोध्या को एक बड़े धर्मनगरी के रूप में विकसित करने के लिए हम सबका लगातार प्रयास रहेगा और आप सबके सहयोग से चर्चा होगी जो मुद्दे सामने आएंगे उनका समाधान त्वरित किया जाएगा। तदोपरांत मंडलायुक्त ने सर्किट हाउस से निकलकर हनुमानगढ़ी व रामलला का दर्शन किया। नवागत मण्डलायुक्त का सर्किट हाउस में जिलाधिकारी नितीश कुमार, नगर आयुक्त विशाल सिंह, मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती अनिता यादव, अपर आयुक्त प्रशासन एवं न्यायिक, सिटी मजिस्ट्रेट, संयुक्त विकास आयुक्त, अपर जिलाधिकारीगण, नगर मजिस्ट्रेट, सचिव विकास प्राधिकरण एवं अन्य मण्डलीय अधिकारी, आयुक्त कार्यालय के सहायकगण तथा सूचना विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे।
श्री हनुमानगढ़ी में दर्शन पूजन करते मंडलायुक्त व जिलाधिकारी
: रंग महल का ऐतिहासिक राम विवाह महोत्सव होगा आकर्षण का केंद्र
Fri, Nov 25, 2022
राम विवाहोत्सव में राजसी वैभव के साथ निकलेगी भगवान राम की भव्य बारात
अयोध्या। रामनगरी के रामकोट मोहल्ले में राम जन्म भूमि के निकट भव्य रंग महल मन्दिर स्थित है। ऐसा माना जाता है कि जब सीता माँ विवाहोपरांत अयोध्या की धरती पर आयीं। तब कौशल्या माँ को सीता माँ का स्वरुप इतना अच्छा लगा कि उन्होंने रंग महल सीता जी को मुँह दिखाई में दिया था। यह रस्म बसन्त ऋतु में हुआ था। इस कारण कौशल्याजी ने इसका नाम रंग महल रख दिया था। यहां सावन झूला, सीताराम विवाह, रामनवमी, बसन्त पंचमी तथा जानकी नवमी विशेष रुप से मनाया जाता है। यहां मा सीता की उपासना होती है। जिस तरह मिथिला में मा सीता की पूजा होती है वैसे ही यहां भी की जाती है। विवाह के बाद भगवान श्री राम कुछ 4 महीने इसी स्थान पर रहे। और यहाँ सब लोगों ने मिलकर होली खेली थी। तभी से इस स्थान का नाम रंगमहल हुआ। इस मन्दिर में आज भी होली का त्यौहार हर्षोल्लास से मनाया जाता है। फाल्गुन माह में यहाँ होली खेलने का विशेष इंतजाम होता है। यहाँ चारों अखाड़े के नागा साधू होली खेलने आते हैं। पंचमी को यहाँ सीता राम विवाह मनाया जाता है। विवाह समारोह से पहले भव्य राम बारात निकलती है जिसमें हांथी, घोड़े, रथ समेत हजारों भक्त बारात में नाचते गाते शामिल होते है। सीता राम के विवाह के समय द्वारचार, कन्यादान, भांवर, कलेवा आदि अनुष्ठान विधिवत होते हैं। सम्पूर्ण विवाह मैथली शैली में आयोजित होते हैं।
रामनगरी में रामविवाहोत्सव के अवसर पर राजसी वैभव के साथ भगवान राम की बारात निकलती है। श्री सीताराम विवाह शुक्लपक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। बारात में दूल्हे के भेष में भगवान राम का दर्शन करने के लिए भक्तों का समूह उमड़ पड़ता है। भजनों व गीतों ने वातावरण को भक्तिमय बनता है। दिव्य अलौकिक रथ पर सवार भगवान की राम की एक छलक पाने के लिए भक्त व्याकुल हो जाते हैं।बारात निकले के पूर्व भगवान के विग्रह व प्रतिरुपों का पूजन व आरती किया जाता है। तत्पश्चात वैदिक मंत्रोचार के साथ श्री सीताराम को रथ पर बैठाकर बैंड बाजे के साथ बारात निकाला जाता है। वैसे तो अयोध्या के खास मंदिरो में रामविवाह का उत्सव मनाया जाता है जैसे रंग महल मंदिर, चक्रवती महाराज दशरथ जी का राजमहल, कनक भवन, हनुमान बाग, लक्ष्मण किला, रामहर्षण कुंज, जानकी महल ट्रस्ट ,विहउती भवन, दिव्यकला मंदिर, सहित अयोध्या के कई मंदिरों से बारात निकलती है। लेकिन अयोध्या के रामकोट मुहल्ले में स्थित प्राचीन रंगमहल मंदिर में श्री सीताराम विवाह की धूम चार दिनों से चलती रहती है। मंदिर में श्री राम विवाह महोत्सव को देखने के लिए पूरे भारत से संत साधक आकर उत्सव का आनन्द लेते हैं। जगह जगह बारात का स्वागत कई जगहों पर आरती पूजन होता है। बारात लौटने के बाद देर रात तक भगवान सीताराम के विवाह पूरे वैदिक रीतिरिवाज के साथ का आयोजन किया जाता है। विवाह के दूसरे दिन कलेवा होता जिसमें भगवान को पकवान बनाकर भोग लगाया जाता है और लोगों में प्रसाद वितरण किया जाता है।
रंगमहल के वर्तमान पीठाधीश्वर श्री महंत रामशरण दास जी ने बताया कि रंगमहल मां कौशल्या ने विदेहनंदिनी भगवती सीता को मुंह दिखाई में दी थी। ऐसे में इस स्थल पर रामवविवाह को यादगार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाती। महंत जी ने बताया कि हमारे यहां का विवाह मंडप 300 साल पुराना है। आश्रम में संचालित रामलीला मुनि आगमन, ताड़का, मारीच-सुबाहु बध, नगर दर्शन, धनुषयज्ञ, परशुराम-लक्ष्मण संवाद से होती हुई रामविवाह के प्रसंग को जीवंत करेगी। हालांकि उत्सव का शिखर रामबरात के साथ परिभाषित होगा। इस दौरान संगीत, सत्संग की भी सरिता प्रवाहित हो रही है, जिसमें हजारों की संख्या में संत एवं श्रद्धालु शिरकत कर रहे हैं।विवाह उत्सव 25 नवंबर से प्रारंभ होकर के 28 नवंबर तक चलेगा। विवाह की तैयारी के लिए आश्रम से जुड़े श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। इस महोत्सव की देखरेख व व्यवस्था में पुजारी साकेत जी व राहुल जी लगे हुए है। वधू पक्ष से विमला देवी पत्नी स्व रामविलास सिंघल, नीतू सिंघल पत्नी स्व पवन सिंघल, संदीप श्रुति सिंघल, विजेन्द्र ममता अग्रवाल, तरुण प्रतिभा अग्रवाल, समर्थ सिंघल, ओजस, सिया, कनव, आर्श एवं सभी मित्रगण विवाह की तैयारियों में जुट गए हैं।
: श्रीराममंदिर के भव्य निर्माण के साथ श्री सीताराम विवाहोत्सव का उत्साह चरम पर
Fri, Nov 25, 2022
28 नवंबर अगहन पंचमी पर दर्जनों मंदिरों से निकलेगी श्रीराम बारात
मानवता के लिए कल्याणकारी है श्री सीताराम विवाहोत्सव: श्रीमहंत जगदीश दास
अयोध्या। राममंदिर निर्माण के साथ आयोजित श्री सीताराम विवाहोत्सव का रंग अयोध्या में चटक हो गया है। इस बार उत्सव को विशेष रूप से मनाया जा रहा है। मंदिरों को सजाकर विभिन्न प्रकार के धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। कथा प्रवचन और लीलाओं का दौर शुरू हो चुका है। 28 नवंबर को अगहन पंचमी के पर्व पर दर्जनों मंदिरों से श्रीराम बारात निकाली जाएगी। श्री सीताराम विवाहोत्सव के लिए देश के कोने- कोने से श्रद्धालु अयोध्या पहुंचने लगे हैं। वैष्णो नगरी अयोध्या के मंदिरों में विवाह की अलग-अलग परंपराएं हैं जिन्हें संस्थापक आचार्यों ने बनाया है।
श्रीमहंत जगदीश दास हनुमान बाग
विभिन्न परंपराओं में सदियों से विवाह के आयोजन होते रहे हैं। नगरी का प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमान बाग मंदिर में श्री सीताराम विवाह के कार्यक्रम परंपरा के अनुसार आयोजित किया जाता हैं। महंत जगदीश दास महाराज के संयोजन में बहुत ही दिव्य भव्य राम विवाह उत्सव मनाया जाता है। पूरे राजशी ठाठ बाट से भगवान अपने अनुजों के साथ 28 नवंबर को घोड़े पर सवार होकर निकलेंगे साथ में वशिष्ठ मुनि दशरथ जी व प्रजा के रुप में संत साधक सजधज कर निकलेंगे। राम बारात की अगुवानी अयोध्या के साधु संत करेंगे। हाथी घोड़े बैड बाजे के मध्य नाचते गाते बाराती आकर्षण का केंद्र होगे। विवाह की तैयारी में पूरा हनुमान बाग परिवार लगा हुआ है।
श्री हनुमान बाग का सजा मुख्य द्वार
श्रीमहंत जगदीश दास जी महाराज ने बताया कि श्री सीताराम विवाह महोत्सव सभी के लिए कल्याणकारी है और वर्तमान समय में मानवता को पुनः स्थापित करने के लिए शिक्षाप्रद भी है। सकल विश्व के नायक मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम और माता जानकी के विवाह से समाज को बहुत बड़ा संदेश मिलता है। अगर मनुष्य मर्यादा का पालन करें एक पत्नी व्रत रखे और पत्नी भी हमेशा पति के साथ उसके सुख दुख में सहभागी हो तो बड़े से बड़ा कष्ट और समस्या का समाधान बहुत ही आसानी से हो जाता है। कार्यक्रम की तैयारी में सुनील दास, पुजारी योगेंद्र दास, रोहित शास्त्री, नितेश शास्त्री, गोलू शास्त्री लगे है।