: रामस्वरुप दास को संतों ने किया नमन
Thu, Nov 10, 2022
अयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की नगरी अयोध्या के प्रतिष्ठित पीठ श्री हनुमान गढ़ी के हरिद्वारी पट्टी से जुड़े महंत राम स्वरुप दास का साकेतवास 28 अक्टूबर को हो गया था। आज उनके त्रयोदशी संस्कार पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें पहलवान अनुरुद्ध दास ने आये हुए अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके पर संकटमोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत संजयदास, जगद्गुरु रामदिनेशाचार्य, महंत सीताराम दास, महंत रामप्रकाश दास, महंत धर्म दास, महंत गौरीशंकर दास, महंत सनद कुमार, महंत जनार्दन दास, महंत नंदराम दास, महंत कृष्ण कुमार दास, राजूदास, महंत रामजी शरण, महंत रामनरेश दास, महंत अजीत दास,रामायणी अंकित दास, नागा कल्लू दास, नागा कृष्ण कांत दास सहित बड़ी संख्या में नागा साधु मौजूद रहें।
: संतों की मणिमला में सेवा प्रेमी संत थे श्री महंत रामविलास दास: महंत परशुराम दास
Thu, Nov 10, 2022
श्री महंत रामविलास दास की सातवीं पुण्यतिथि 12 नवंबर को संकट मोचन हनुमान किला में मनाई जाएगी
अयोध्या। भगवान श्री राम की जन्मस्थली अयोध्या तपस्या और वैराग्य के लिए सदियों से जानी जाती है और इस वैराग्य की भूमि पर समय समय पर अनेकों संत हुए हैं जिन्होंने अपनी तपस्या और सेवा के कारण आज भी स्मरण किया जाता है। इन्हीं संतों की मणिमला में सेवा प्रेमी संत श्री महंत रामविलास दास जी को भी जाना और पहचाना जाता है। सैकड़ो वर्ष पहले जब बायपास पर झाड़ियां और जंगल होते थे उसे समय श्री महाराज जी संकट मोचन हनुमान किला की स्थापना करके लोगों की सेवा का कार्य करते थे और अयोध्या में आने वाला कोई भी श्रद्धालु वह किसी भी अवस्था में हो अगर श्री महाराज जी के आश्रम तक पहुंच जाता था तो निश्चित रूप से वह अपने आप को सुरक्षित महसूस करता था और श्री महाराज जी आश्रम में जितनी भी सुविधाएं होती थी अयोध्या में आने वाले भक्तों की सेवा में प्रस्तुत कर देते थे। श्री महाराज जी कहा करते थे की हम अयोध्यावासी भगवान के प्रतिनिधि के रूप में यहां रहते हैं और जो भी व्यक्ति अयोध्या में हमारे आराध्य के दर्शन पूजन के लिए आता है उसकी सेवा ही हमारा धर्म है क्योंकि वह प्रभु का भक्त है। संकट मोचन हनुमान किला के वर्तमान पीठाधीश्वर महंत परशुराम दास महाराज ने बताया की श्री महाराज जी ने जो सेवा का पाठ हम सबको पढ़ाया था आश्रम में आज भी उतनी ही शिद्दत के साथ अयोध्या में आने वाले लोगों की सेवा की जाती है। उन्होंने बताया की 2015 तक श्री महाराज जी स्वयं लोगों की सेवा करते रहे उनके ना रहने के बाद उनके प्रतिनिधि के रूप में हम सब आश्रम में सेवा संचालित करते रहते हैं और उनकी याद में अगहन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को पढ़ने वाली उनकी पुण्यतिथि बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं। इस वर्ष सातवीं पुण्यतिथि 12 नवंबर को संकट मोचन हनुमान किला में मनाई जाएगी जिसकी तैयारी प्रारंभ कर दी गई है जिसमें संतों महंतों सैकड़ो की संख्या में सेवक सती सम्मिलित होंगे।
: सत्संग हमारे तन, मन के विकारों काे दूर कर जीवन काे पवित्र बनाता है: असंग देव
Thu, Nov 10, 2022
श्रीरामवल्लभाकुंज में चल रहे सप्त दिवसीय सुखद सत्संग कथा में छठवें दिवस हुआ विशाल संत सम्मेलन,जुटें संत धर्माचार्य
अयाेध्या। श्रीरामवल्लभाकुंज जानकीघाट के प्रांगण में चल रहे सप्त दिवसीय सुखद सत्संग कथा में छठवें दिवस संत सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में राष्ट्रीय संत व प्रखर वक्ता असंग देव महाराज ने व्यास गादी से कहा कि प्रवचन सुनने से शांति मिलती है। सत्संग से वह मिलता है। जाे न धन से मिलेगा और न ही परिवार से। सत्संग जरूर सुनना चाहिए। किसी वैराग्य ब्रह्मचारी के श्रीमुख से निकला सत्संग हमारे तन, मन के विकारों काे दूर कर जीवन काे पवित्र बना देता है। सत्संग में डूब जाओ। इसमें बहुत शक्ति है। इससे सुख मिलता है। हमारे जीवन का कण-कण खिलता है। ये सत्संग है जाे मन के जाेश-खराेश काे कम करता है। हमारी सहनशीलता काे बढ़ा देता है। सत्संग से हमें गम करने की ताकत मिलती है। जगद्गुरु स्वामी रामदिनेशाचार्य ने कहा कि सत्संग के माध्यम से संत कबीर ने जन-जन काे भगवान के सम्मुख पहुंचाया है। जब प्रभु श्रीराम की कृपा हाेती है। तब हमें सत्संग में पहुंचने का साैभाग्य मिलता है। लक्ष्मणकिलाधीश महंत मैथिलीरमण शरण ने कहा कि भगवान का नाम कल्याणकारी है। कबीर की बहुत सुंदर-सुंदर पत्तियां है। कबीर ने पूरे समाज काे जाेड़ने का काम किया। संत सम्मेलन में दशरथ महल के विंदुगाद्याचार्य महंत देवेंद्र प्रसादाचार्य, श्रीरामवल्लभाकुंज अधिकारी राजकुमार दास, वैदेही भवन महंत रामजी शरण, कबीरमठ जियनपुर महंत उमाशंकर दास, रामहर्षण कुंज महंत अयोध्या दास, महंत जनार्दन दास, महंत शशिकांत दास, महंत मनीष दास, महंत कमलादास रामायणी, महंत गिरीश दास समेत अन्य संताें ने अपने विचार व्यक्त किए। संचालन मंगलभवन पीठाधीश्वर महंत रामभूषण दास कृपालु ने किया। संत सम्मेलन में अयोध्या विधायक वेदप्रकाश गुप्ता, बड़ाखेड़ा पीलीभीत के विधायक स्वामी प्रवक्तानंद, कार्यक्रम प्रभारी प्रवीन साहेब, कबीर विज्ञान आश्रम महाेबरा भीटा महंत केशव दास, कबीर आश्रम नवाबगंज कटरा महंत दुर्गेश दास, कबीर आश्रम गिन्नी नगर के महंत चेतन दास, मूलगादी बड़हरा गाेंडा महंत विवेक ब्रह्मचारी, कबीर प्रगट स्थली लहरतारा वाराणसी के महंत गाेविंद शास्त्री, संतकबीर समाधि स्थल मगहर के उत्तराधिकारी संत केशव साहेब, महामंडलेश्वर आशुतोष दास, महंत रामअवतार दास, महंत जनार्दन दास, स्वामी गंगा दास, महंत अयोध्या दास, आचार्य रघुनाथ शास्त्री, महंत देवेंद्र दास, महंत सनत कुमार शरण, हरीश साहेब, शीलदास, राघव दास आदि समेत हजारों की संख्या भक्तगण उपस्थित रहे।