: जगतगुरु परमहंस आचार्य राष्ट्र गुरू सम्मान से हुए सम्मानित
Thu, Jul 14, 2022
हिंदू राष्ट्र का मेरा अभियान आज एक राष्ट्रव्यापी आंदाेलन बन चुका है:जगतगुरु परमहंस
अयाेध्या। तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगतगुरु परमहंस आचार्य काे राष्ट्र गुरू सम्मान से सम्मानित किया गया। बुधवार काे श्रीशंकराचार्य सनातन दशनाम गाेस्वामी अखाड़ा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नानक चंद महाराज दिल्ली, महाराष्ट्र षडदर्शन साधु समाज अध्यक्ष श्रीमहंत मनाेहर पुरी और वृंदावन धाम से आचार्य महामंडलेश्वर महंत धर्मेंद्र गिरि आधा दर्शन संताें के साथ अयोध्या पहुंचे। जहां उन्होंने तपस्वी जी की छावनी, रामघाट जाकर जगतगुरु परमहंस आचार्य काे तिरंगा ओढ़ाकर राष्ट्र गुरू सम्मान से सम्मानित किया। सम्मान पाकर परमहंसाचार्य बहुत ही अभिभूत दिखे। उन्होंने कहा कि इसके लिए मैं सभी सनातनियों का आभारी हूं। भारत काे हिंदू राष्ट्र घोषित कराने के लिए सबसे पहले मेरे द्वारा मुहिम व अभियान की शुरुआत की गई। जाे आज एक राष्ट्रव्यापी आंदाेलन बन चुका है और राष्ट्र की आवश्यकता भी है। राष्ट्र की एकता, अखंडता, मानवता, संविधान, संस्कृति एवं अदालतों की रक्षा के लिए आवश्यक है कि भारत हिंदू राष्ट्र बने। परमहंस आचार्य ने कहा कि हिंदू राष्ट्र के मांग की शुरूवात मेरे द्वारा की गई है। इसलिए साधु-संताें ने मुझे तिरंगा झंडा ओढ़ाकर राष्ट्र गुरू सम्मान से सम्मानित किया है। चूंकि आज गुरू पूर्णिमा का पावन पर्व है। गुरू पूर्णिमा गुरू-शिष्य का एक जाे हमारी अनादिकालीन वैदिक परंपरा है। जिस तरह से माता-पिता का जीवन में स्थान है। उसी तरह गुरू का स्थान सर्वाेपरि बताया गया है। गुरू पूर्णिमा के अवसर पर मुझे राष्ट्र गुरू सम्मान मिला है। भारत काे हिंदू राष्ट्र घोषित कराने के लिए मैं तन, मन और धन से प्रयास करूंगा। 2024 तक संभावना है भारत हिंदू राष्ट्र बन जायेगा। श्रीशंकराचार्य सनातन दशनाम गाेस्वामी अखाड़ा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नानक चंद महाराज ने कहा कि जगतगुरु परमहंस आचार्य काे हम संताें ने तिरंगा झंडा ओढ़ाकर राष्ट्र गुरू सम्मान से सम्मानित किया है। साथ ही भारत काे हिंदू राष्ट्र घोषित कराने के लिए हम सभी संत-धर्माचार्य उनके साथ हैं और कदम से कदम मिलाकर चलेंगे। भारत जरूर हिंदू राष्ट्र बनेगा।
: अनूप चौधरी ने रामलला का किया दर्शन पूजन
Wed, Jul 13, 2022
अयोध्या। गुरु पूर्णिमा पर अयोध्या पहुंचे सदस्य सलाहकार समिति रेल मंत्रालय भारत सरकार के अनूप चौधरी ने राम लला हनुमानगढ़ी का दर्शन पूजन करने के बाद मीडिया से बात करते हुए गुरु पूर्णिमा बधाई दी और कहा कि आज रामलला का दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ रामलला के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास महाराज का आशीर्वाद लिया गुरुदेव वा रामलला से प्रार्थना की है देश में अमन चैन शांति का माहौल रहे खासकर नौजवान साथियों से अपील की जो दूसरे पार्टियों के नेताओं के चक्कर में आकर दंगे फसाद करने में इंवॉल्व हो रहे हैं भगवान उन्हें सद्बुद्धि दे वह सही मार्ग पर चलें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जो ऐतिहासिक संकल्प है लक्ष्य अंतोदय प्रणय अंतोदय पथ अंतोदय एक आत्मनिर्भर एक सशक्त मजबूत भारत बनाने का जो सपना है उस सपने को पूरा करने के लिए मुझे विश्वास है कि सभी नौजवान साथी देशवासी बढ़-चढ़ अपना योगदान देंगे और साथ देंगे हमें विश्वास है कि एक दिन भारतवर्ष एक आत्मनिर्भर मजबूत बनेगा।
: पौराणिक मंदिर दंत धावन कुंड में धूमधाम से मनाया गया गुरुपूर्णिमा महोत्सव
Wed, Jul 13, 2022
पूज्य महंत नारायणाचारी जी महाराज का विधिवत पूजन अर्चन किया महंत विवेकाचारी ने
हजारों शिष्य परिकरों ने निवेदित की अपनी श्रद्धा
अयोध्या। गुरु पूर्णिमा के मौके पर लाखों की संख्या में अयोध्या पहुंचे श्रद्धालुओं ने सरयू में स्नान के बाद राम जन्मभूमि हनुमानगढ़ी सहित प्रमुख मंदिरों में पूजन अर्चन किया इसके बाद सभी भक्त अपने गुरुओं की आराधना की। गुरु पूर्णिमा हिंदू धर्म की प्राचीन परंपरा है जिस का निर्वाह आज भी लोग अपने गुरुओं के दर्शन पूजन और सेवा कर करते हैं। रामनगरी के सबसे प्रचीनतम पौराणिक मंदिर दंत धावन कुंड के पीठाधीश्वर महंत विवेकाचारी जी महाराज के संयोजन में बड़े ही श्रद्धा भाव से गुरु पूर्णिमा मनाया गया। महोत्सव से दूर दराज से हजारों भक्तों ने अपनी हाजिरी लगाई। महंत विवेकाचारी जी महाराज ने कहा कि आज गुरु पूर्णिमा के मौके पर व्यास की पूजा और व्यास की तिथि है आज शिष्य अपने गुरु की पूजा करते हैं और गुरु से आशीर्वाद लेते हैं। महंत विवेकाचारी जी ने कहा कि जब मंत्र की सृष्टि गुरु शिष्य के हृदय में स्थापित करता है तब उसका स्वरूप ब्रह्मा का होता है पालन पोषण और विस्तार को लेकर जब ज्ञान देता तो गुरु का स्वरूप विष्णु का होता है और जब गुरु सभी शक्ति शिष्य को प्राप्त कराने के लिए इज्जत करता है तो सिर्फ उसका शुरू पारब्रह्म परमेश्वर का हो जाता है उन्होंने कहा कि धार्मिक मान्यता है कि गुरु की बात मानने वाले शिष्य को उसकी मुक्ति को संशय नहीं रहता आज के दिन गुरु पूर्णिमा है जो गुरु के लिए है लोग आश्रम में जा कर के अपने गुरुओं की पूजा करते हैं गुरु की महत्वता और कृपा आप पूर्ण रुप से शिष्य को मिली और शिष्य का कल्याण हो इसलिए गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है।