: आमरण अनशन करने जा रहे महंत को पुलिस ने रोका
Fri, Aug 19, 2022
मामले को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों से मिले महामंडलेश्वर राजीव लोधेश्वर महाराज, मिला न्याय का आश्वासन
अयोध्या । स्टेशन रोड पर भू माफिया रामभद्र पुत्र रामदेव दास हनुमत पैलेस रेलवे स्टेशन रोड मोहल्ला जलवान पुरा गैर क़ानूनी तरीके से खोले गये हनुमत रेस्टोरेंट को बंद करवाने की मांग को लेकर भगवा रक्षा दल के राष्ट्रीय प्रवक्ता महामंडलेश्वर राजीव लोधेस्वर महाराज पीड़ित पीड़ित के साथ अनिश्चितकालीन आमरण अनशन करने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। हालांकि इस मामले को लेकर उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों से मिलकर फरियाद की जिस पर उन्हें यथोचित न्याय दिलाने का आश्वासन दिया गया।
महामंडेश्वर राजीव लोधेश्वर महाराज ने बताया की पीड़ित राम सजन वर्मा जो ग्राम जियनपुर थाना कोतवाली अयोध्या के रहने वाले ने बताया की उनकी पुस्त दर पुस्त पट्टे की जमीन ले रखा है जिसे चारों तरफ घिरवाकर तीन दुकानें शटर लगी हुई तथा तीन आवासीय कमरों का निर्माण वर्ष 1990 में स्वयं करवाया है जो तत्कालीन नगर पालिका अयोध्या में 6 अप्रैल 1990 को पीड़ित राम सजन वर्मा के पुत्र संजय वर्मा के नाम मकान न० 11/6/39। दर्ज चला आरहा है उस पर भू माफिया रामभद्र दास के द्वारा गैर क़ानूनी तरीके से अयोध्या पुलिस व राय गंज चौकी प्रभारी राम प्रकाश मिश्रा के मिली भगत से विगत 23 जून 2022 को हनुमत रेस्टोरेंट खोल दिया गया जब की पीड़ित राम सजन वर्मा के पक्ष में 20 जून 2010 पारित है तथा महंत मुरली दास जिला जज के यहाँ अपील किये थे को 9 सितंबर 2011अपील ख़ारिज हो चुकी है तथा उच्च न्यायालय लखनऊ खंड पीठ के द्वारा भी 1 फरवरी 2022 ई० को पीड़ित राम सजन वर्मा के पक्ष में आदेश पारित किया गया है विवादित जमीन, मकान, दूकान पर किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न की जाये तथा न्यायालय के आदेश का पालन कराया जाये। वहीं उन्होंने रायगंज चौकी प्रभारी पर गंभीर आरोप लगाते हुये उन्हें वहां से हटाए जाने की मांग की है।
महामंडलेश्वर राजीव लोधेश्वर महाराज ने बताया की इस मामले की शिकायत स्वयं पीड़ित राम सजना वर्मा की तरफ से 25 जुलाई 2022 को मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ उत्तर प्रदेश शासन से कर रखी है तथा 6 अगस्त 2022 को भी अयोध्या जिलाधिकारी व एसएसपी अयोध्या को भी शिकायती पत्र देकर हनुमत रेस्टोरेंट बंद करने तथा गुंडा गर्दी के बल पर पीड़ित राम सजन वर्मा की अयोध्या रेलवे स्टेशन स्थित जमीन मकान दुकान कब्जे से मुक्त करने की मांग की गई है। 1अगस्त 2022 को पीड़ित राम सजन वर्मा ने एसएसपी प्रशांत वर्मा को शिकायती पत्र देकर हनुमत रेस्टोरेंट को बंद करने की मांग की गई है लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
: पोथी कलश यात्रा के साथ रामकथा का हुआ भव्य शुभारंभ
Fri, Aug 19, 2022
हनुमान बाग में संतो का हुआ सम्मान समारोह, 9 दिनों तक बहेगी रामकथा की रसधार
सीताराम कुटीर शीलज अहमदाबाद आश्रम में भजन व भोजन सेवा अनवरत हो रहा संचालित
अयोध्या। रामनगरी के प्रसिद्ध पीठों में शुमार हनुमान बाग मंदिर में महंत श्री चंदेश्वर बापू सीताराम कुटीर शीलज अहमदाबाद के अध्यक्षता में 9 दिवसीय भव्य राम कथा महोत्सव का शुभारंभ आज समारोह पूर्वक हुआ। कथा के इस शुभारंभ में रामनगरी अयोध्या के विशेष संतों का सम्मान किया गया। व्यासपीठ से कथा की अमृत वर्षा प्रख्यात कथावाचक श्री रामेश्वर बापू हरियाणी कर रहें है।
महंत श्री चंदेश्वर बापू ने कहा कि सीताराम कुटीर शीलज अहमदाबाद आश्रम में भजन व भोजन सेवा अनवरत संचालित हो रही है।बापू गौ सेवा के साथ अनेक धार्मिक आयोजन किया करते है।
आज प्रेस से मुखातिब होते रामेश्वर बापू हरियाणी ने कहा कि कथा में शिव विवाह, राम जन्म, राम विवाह, शबरी प्रसंग व सेतुबंध रामेश्वरम प्रसंग का वर्णन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि महंत श्री चंदेश्वर बापू सीताराम कुटीर शीलज अहमदाबाद द्धारा हर साल ऐसे दिव्य आयोजन होते है। इस रामकथा महोत्सव में गुजरात हरिद्वार से प्रमुख श्रीमहंत व महामंडलेश्वर शामिल होने के लिए आ रहे है। दो विषयों से पीएचडी किये हुए प्रख्यात कथावाचक रामेश्वर बापू हरियाणी ने कहा कि वे राम चरित मानस व संस्कृत से पीएचडी है। वे श्री भागवत विद्यापीठ अहमदाबाद में अध्यापक भी हैं।रामेश्वर बापू हरियाणी ने कहा कि हनुमान बाग मंदिर में ऋषि कुमारों द्धारा 9 दिनों तक हनुमान चालीसा का पाठ भी किया जायेगा। उन्होंने कहा कि कथा में प्रतिदिन अयोध्या के विशेष संतों का आशीर्वचन लिया व सम्मान किया जायेगा। साथ ही लगातार भंडारे का आयोजन भी किया गया है। यह महोत्सव हनुमान बाग मंदिर के पीठाधीश्वर श्रीमहंत जगदीश दास महाराज के पावन सानिध्य में हो रहा है।
आज कथा शुभारंभ के पूर्व मंदिर से भव्य पोथी यात्रा शोभा यात्रा के रुप में निकली जो मां सरयू के पावन तट गई, जहां विधिवत पूजन के बाद यात्रा मंदिर वापस आ गई। कथा के प्रथम दिवस रामेश्वर बापू हरियाणी ने कहा कि रामचरित मानस जीवन को सही दिशा देती है। इससे व्यक्ति की दशा बदल जाती है। रामचरित मानस को जीवन में धारण करने से व्यक्ति के अभिमान का नाश होता है। व्यक्ति को अभिमान रहित होकर भगवान की भक्ति करनी चाहिए। इस मौके पर महंत हरिभजन दास, महंत नंदराम दास,महंत रामरुप शरण, महंत मामा दास,सुनील दास शास्त्री व रोहित शास्त्री सहित बड़ी संख्या में संत साधक मौजूद रहें।
: राम नाम की बड़ी अद्भुत महिमा है बस, जरूरत है श्रद्धा, विश्वास और भक्ति की: राघवाचार्य
Fri, Aug 19, 2022
रामलला सदन देवस्थान में श्रीमद्वाल्मीकीय रामायण कथा की बह रही रसधार
अयोध्या। श्रीमद्वाल्मीकीय रामायण कथा श्री रामलला सदन देवस्थान अयोध्या में चल रही है। व्यासपीठ से कथा का रसास्वादन जगद्गुरू रामानुजाचार्य स्वामी डा राघवाचार्य जी महाराज ने रामायण का सार भगवान का नाम की महिमा पर व्याख्यान किया।उन्होंने कहा कि भगवान राम हमारे जीवन के प्रत्येक रंग में समाए हुए हैं। हमने पाश्चात्य सभ्यता को काफी हद तक अपनाया परंतु राम राम कहना नहीं छोड़ा। हम प्रतिदिन अच्छे बुरे अवसरों पर राम नाम ही लेते हैं। आज भी हम राम राम या जय रामजी की कहकर अभिवादन करते हैं। जीवन के अंतिम समय में बिछुड़ने पर राम-राम का ही उल्लेख होता है। समस्या के आने पर विपत्तियों से घिरने पर हे राम' अथवा अरे राम सहसा ही हमारे मुख से निकल पड़ता है। जीवन में प्रसन्नचित होने पर हम रामजी की कृपा के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हैं। उन्होंने कहा कि राम नाम की बड़ी अद्भुत महिमा है। बस, जरूरत है श्रद्धा, विश्वास और भक्ति की। राम नाम स्वयं ज्योति है, स्वयं मणि है। राम नाम के महामंत्र को जपने में किसी विधान या समय का बंधन नहीं है। राम का नाम जपने से हो जाता है मानव का कल्याण।
रामानुजाचार्य जी ने बताया कि राम से बड़ा राम का नाम है अर्थात राम मिले ना मिले लेकिन राम का नाम जपना मात्र ही मानव के कल्याण के लिए काफी है। उन्होंने कहा कि राम नाम में बहुत शक्ति है, क्योंकि राम का नाम वैसे तो केवल दो अक्षर का ही होता है परंतु इस दो अक्षर के नाम में संपूर्ण संसार का रहस्य छिपा है। इसलिए 2 अक्षर के इस प्यारे से नाम राम का जाप प्रत्येक प्राणी को करना चाहिए, क्योंकि राम नाम ही एक ऐसा मूल मंत्र है जिसका जाप करने से मनुष्य अपने सांसारिक दु:खों पीड़ा से मुक्ति पा सकता है और संसार रूपी भवसागर से पार उतर सकता है। उन्होंने रामायण का एक प्रसंग सुनाते हुए बताया कि जब राम रावण की लंका पर चढ़ाई करने की ठान लेते हैं और नल-नील नामक 2 वानर भाइयों की मदद से सौ योजन अथाह सागर पर सेतू बनाने की योजना बनाते हैं। लेकिन जब वानरों द्वारा सागर में फेंके जाने वाले पत्थरों पर भगवान राम अपने नाम को लिखा देखते हैं तो वह सोचते हैं कि इस पर राम नाम क्यों लिखा जा रहा है। इस पर बल बुद्धि के ज्ञाता श्री हनुमान ने कहा कि सृष्टि में युगों युगों तक राम नाम के इस सेतू द्वारा ही लोग राम नाम लिखे इन पत्थरों में श्रीराम के दर्शनों को अनुभव करेंगे। इस पर जगद्गुरु जी महाराज ने एक सुंदर भजन प्रस्तुत करते हुए कहा कि दो अक्षर का प्यारा नाम, जय जय राम जय श्रीराम, दशरथ नंदन राजा राम जय जय राम जय श्री राम।कथा से पूर्व व्यासपीठ का पूजन यजमान ने किया।इस मौके पर विनोद कुमार मिश्र, मनोज कुमार तिवारी,राघवेंद्र मिश्र अप्पू, दया शंकर शुक्ल, रमेश मिश्र शिब्बू सहित बड़ी संख्या में संत साधक मौजूद रहें।