: तोताद्रि मठ में इंद्र-वरुण देवता के लिए अनुष्ठान शुरू
Tue, Jul 19, 2022
अयोध्या। जलवृष्टि के लिए उत्तर तोताद्रि मठ, विभीषण कुंड में इंद्र व वरूण देवता की प्रसन्नता के लिए अनुष्ठान का शुभारंभ किया गया। अनुष्ठान को तोताद्रिमठ पीठाधीश्वर जगदगुरू रामानुजाचार्य स्वामी अनंताचार्य महाराज ने संयोजन प्रदान किया। सोमवार को वैदिक मंत्रोच्चार संग अनुष्ठान का श्रीगणेश हुआ।
इसके बाद स्वामी अनंताचार्य महाराज और उनके शिष्य बालदेशिक सोपान ट्रस्ट मैनेजर केशव नारायण दुबे (प्रपन्नाचार्य) ने इंद्रदेव, वरूण देव समेत अन्य देवताओं का पूजन-अर्चन कर आरती उतारी। तोताद्रिमठ पीठाधीश्वर स्वामी अनंताचार्य महाराज ने कहा कि अनुष्ठान के माध्यम से जन कल्याणार्थ इंद्र और वरूण देवता की प्रसन्नता के लिए भगवान से प्रार्थना की जा रही है ताकि वे बादल बनें व जल वृष्टि हो। हमारी धरा सस्य श्यामला बनने के योग्य हो सके। इस समय बिना जल के सब सूखे चले जा रहे हैं। किसान से लेकर आम जनमानस दुखी है। जो धान लगाए गए हैं वह भी जल के अभाव में सूख रहे हैं।
: देवर्षि शिखर सम्मान से सम्मानित होगें डॉ राघवाचार्य
Sun, Jul 17, 2022
मणिराम दास छावनी के पूर्वाचार्य आचार्य कृपाशंकर जी महाराज रामायणी के जन्मोत्सव पर विद्वान आचार्य मनीषियों को देवर्षि शिखर सम्मान से सम्मानित किया जाता है। इस बार का सम्मान 4 अगस्त को जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी डॉ राघवाचार्य जी महाराज को सम्मानित किया जाएगा।
: भगवान श्रीराम, सीता, भरत, लक्ष्मण, शत्रुघ्न एवं हनुमान जी का होगा निष्क्रमण संस्कार
Sun, Jul 17, 2022
दक्षिण भारत के 21 वैदिक विद्वानों करेंगे हवन पूजन होगा 1 हजार घड़े से भगवान का दिव्य अभिषेक
प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के 48 दिन पूरे होने पर होगा तीन दिवसीय निष्क्रमण संस्कार
अयोध्या। भगवान राम समेत तीनों भाईयों का नामकरण संस्कार जहां गुरु वशिष्ठ ने कराया था उस श्री राम लला सदन देवस्थानम जो रामजन्मभूमि मंदिर मे निकट स्थित है। उस श्री राम लला सदन देवस्थानम के पीठाधीश्वर जगद्गुरू रामानुजाचार्य स्वामी डॉ राघवाचार्य जी महाराज के संयोजन में एक जून को पंच दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव मनाया गया था जिसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सम्मिलित हुए थे। प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के 48 दिन पूरे होने पर भगवान श्रीराम, सीता, भरत, लक्ष्मण, शत्रुघ्न एवं हनुमान जी महाराज का 19,20, 21 जुलाई को तीन दिवसीय निष्क्रमण संस्कार मनाया जाएगा। इसमें दक्षिण भारत के 21 वैदिक विद्वानों द्वारा हवन पूजन के साथ 1000 घड़े जल से भगवान का अभिषेक किया जाएगा। जिसमें देश के कोने कोने से प्रतिष्ठित विद्वान सम्मिलित होंगे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वृंदावन धाम के श्रीरंग मंदिर के पीठाधीश्वर महंत श्री गोवर्धन रंगाचार्य जी महाराज भगवान के निष्क्रमण संस्कार में उपस्थित रहेंगे। इस मंदिर की ऐसी मान्यता है कि यहां चक्रवर्ती सम्राट दशरथ जी महाराज ने अपने चारों बालकों का नामकरण संस्कार करवाया था। जो वर्तमान समय में भी इस मंदिर में बालकों का नामकरण संस्कार किया जाता है।
श्री राम लला सदन देवस्थानम के पीठाधीश्वर प्रख्यात कथा व्यास एवं रामानुज संप्रदाय के शीर्ष आचार्य जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी डॉ राघवाचार्य जी महाराज ने बताया भगवान का तीन दिवसीय निष्क्रमण महोत्सव जिसमें 19 जुलाई को मृदा हरण एवं अंकुरापर्ण, 20 जुलाई को सुदर्शन होम एवं घट स्थापना और 21 जुलाई को 1000 घड़े जल से भगवान का अभिषेक किया जाएगा। शाम को भगवान का कल्याण महोत्सव "विवाह महोत्सव" मनाया जाएगा और 22 जुलाई को भंडारे का आयोजन किया जाएगा। जगद्गुरु जी महाराज ने बताया निष्क्रमण संस्कार का अभिप्राय है बाहर निकलना। इस संस्कार में भगवान को सूर्य तथा चन्द्रमा की ज्योति दिखाने का विधान है। भगवान् भास्कर के तेज तथा चन्द्रमा की शीतलता से शिशु रूपी भगवान को अवगत कराना ही इसका उद्देश्य है।