: श्रीअवध बिहारी कुंज का 16 वां पाटोत्सव धूमधाम से मनाया गया
Sat, Jun 4, 2022
ब्रह्म मुहूर्त में ठाकुर जी का पंचामृत अभिषेक कर नवीन वस्त्र धारण करा सुगंधित पुष्प मालाओं से किया गया आच्छादित
अयोध्या। अयोध्या के बेगमपुरा मुहल्ले में स्थित श्रीअवध बिहारी कुंज के पीठाधीश्वर महंत गणेश दास जी महाराज के सानिध्य में ठाकुर जी का 16 वां पाटोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। 3 दिनों से चल रहे पाटो उत्सव महोत्सव के अंतिम दिन शनिवार को सुबह ब्रह्म मुहूर्त में ठाकुर जी का पंचामृत से अभिषेक किया गया नवीन वस्त्र धारण कराया गया सुगंधित पुष्प मालाओं से आच्छादित किया गया। वैदिक विद्वानों द्वारा स्वस्तिवाचन करके भगवान को नाना प्रकार के व्यंजनों से भोग लगाया गया और प्रसाद को सभी संतो महंतों एवं शिष्य गणों में वितरण किया गया।
अवध बिहारी कुंज के पीठाधीश्वर महंत गणेश दास जी महाराज ने बताया कि ठाकुर जी का पाटोत्सव गुरुदेव भगवान के सानिध्य में प्रतिवर्ष निरंतर मनाया जा रहा था लेकिन इस बार गुरुजी की भाव मई उपस्थिति में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया और निरंतर हर वर्ष मनाया जाएगा।पाटोत्सव महोत्सव में हनुमानगढ़ी के महंत मुरली दास महंत केदार दास जानकी घाट बड़ा स्थान के महंत जनमेजय शरण महंत रामशरण रामायणी महामंडलेश्वर गिरीश दास बेतिया बिहार के महंत कामता दास सहित अयोध्या के सैकड़ों संत महंत पाटोत्सव में सम्मिलित हुए।
: अव्यवस्था फैलाने वालों के सपने नहीं होंगे पूरे : डॉ. दिनेश शर्मा
Sat, Jun 4, 2022
पूर्व उप मुख्यमंत्री ने महंत नृत्गोपाल दास के जन्मोत्सव समारोह का किया उद्घाटन
अयोध्या। सूबे के पूर्व उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा शनिवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के जन्मोत्सव के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने उद्घाटन के बाद पत्रकारों से बातचीत में कानपुर दंगे को लेकर कि कुछ लोग अव्यवस्था फैलाने के सपने देखते हैं। उनके सपने चूर-चूर होंगे। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। बताया कि कानपुर में बवाल करने वाले दोषियों को दंडित करने का काम शुरू हो गया है।श्री शर्मा ने कहा कि 57 ऐसी योजनाएं चल रही हैं, जिसमें यूपी नंबर वन है। पहली बार भारत में प्रदेश को यह स्थान मिला है। सांप्रदायिक दंगा हो, जातीय दंगा हो, क्षेत्रीय दंगा हो या हुड़दंग हो। अब यह सब पिछले जमाने की बात है। अब प्रदेश में कानून का राज है। चारों तरफ प्रदेश का विकास हो रहा है। जनता सब देख रही है।इससे पहले श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास का 84 वें जन्मोत्सव महोत्सव का उद्घाटन डॉ दिनेश शर्मा ने किया। यह महोत्सव दस दिनों तक चलेगा।महोत्सव के संयोजक महंत कमलनयन दास महाराज ने सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की देखरेख विहिप प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा जी कर रहे है।
: रामलला सदन देवस्थान में भगवान का प्राण प्रतिष्ठा हुआ,वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पड़ी आहुतियां
Fri, Jun 3, 2022
रामनगरी के विशिष्ट संतो का हुआ सम्मान,कांची के गादी स्वामी प्रतिवाद भयंकर स्वामी श्रीनिवासाचार्य का लिया आशीर्वाद
श्री सीताराम विवाहोत्सव के साथ होगा महोत्सव का समापन
अयोध्या। रामजन्मभूमि के निकट स्थित रामलला सदन देवस्थान में शुक्रवार को भगवान सीताराम समेत लक्ष्मण जी, हनुमानजी व लक्ष्मीनारायण की मूर्ति का हुआ प्राण प्रतिष्ठा। भगवान का पांच दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था।पूरा अनुष्ठान उत्सव के पहले दक्षिणात्य आचार्यों के निर्देशन में पारम्परिक दक्षिण भारतीय वाद्ययंत्रों के साथ मनाया गया।अम्माजी मंदिर के ट्रस्टियों ने इस मौके पर मंदिर के उत्सव विग्रह भगवान श्रीसीतारामजी को रामलला सदन के जीर्णोद्वारक जगदगुरु रामानुजाचार्य स्वामी राघवाचार्य के सुपुर्द कर दिया। इसके साथ शेषनाग वाहन से उनकी शोभायात्रा रामलला सदन आयी जहां पूरे विधि विधान से अचल विग्रहों के साथ उत्सव विग्रह का पूजन-अर्चन नारद पांचरात्रागम पद्धति से हुआ। चार जून को प्राण प्रतिष्ठा का मुख्य उत्सव के साथ भगवान श्रीसीताराम का विवाहोत्सव भी मनाया जाएगा और सभी अनुष्ठानों की पूर्णाहुति होगी।
रामलला सदन के जीर्णोद्धारक जगदगुरु स्वामी राघवाचार्य महाराज ने बताया कि यह स्थान करीब तीन सौ वर्ष प्राचीन है। इस मंदिर का दक्षिण भारत की पारम्परिक शैली में निर्माण कराया गया है।
उसी परम्परा में उपासना भी होती है। इसके कारण मंदिर में प्रतिष्ठित होने वाले भगवान राम-लक्ष्मण व सीताजी समेत रामानुजीय परम्परा के आचार्यों की मूर्तियां भी महाबलीपुरम में ही निर्मित हैं। मंदिर के अचल विग्रह शालिग्राम शिला से निर्मित हैं।मंदिर में भगवान के प्राण प्रतिष्ठा के साथ गरुण स्तम्भ व गोपुरम का भी पूजन किया गया।
कौशलेश सदन पीठाधीश्वर जगदगुरु रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य की अध्यक्षता में हुआ अनुष्ठान का आचार्यत्व कांची के गादी स्वामी प्रतिवाद भयंकर स्वामी श्रीनिवासाचार्य रहे। मंदिर में आज दशरथ राज महल बड़ा स्थान के बिंदुगद्यायाचार्य स्वामी देवेन्द्र प्रसादाचार्य, बड़ा भक्त माल के महंत अवधेश दास, बावन जी मंदिर के महंत वैदेही बल्लभ शरण, सद्गुरु बधाई भवन के महंत राजीव लोचन शरण, समाजसेवी महंत नागा रामलखन दास व पूर्व विधायक समाजसेवी पवन पाण्डेय सहित सौकड़ों संतों महंतो का रामलला सदन के जीर्णोद्वारक जगदगुरु रामानुजाचार्य स्वामी राघवाचार्य जी महाराज व महोत्सव के मुख्य यजमान गोविंद कुमार लोहिया ने स्वागत सम्मान किया। कार्यक्रम की देखरेख में गुड्डू मिश्रा, रमेश मिश्रा सिब्बू,राघवेंद्र मिश्रा अप्पू, विनोद जी, मनोज जी,प्रमोद सहित स्वामीजी के शिष्य परिकर लगे रहें।