: अनूप चौधरी ने रामलला का किया दर्शन पूजन
Wed, Jul 13, 2022
अयोध्या। गुरु पूर्णिमा पर अयोध्या पहुंचे सदस्य सलाहकार समिति रेल मंत्रालय भारत सरकार के अनूप चौधरी ने राम लला हनुमानगढ़ी का दर्शन पूजन करने के बाद मीडिया से बात करते हुए गुरु पूर्णिमा बधाई दी और कहा कि आज रामलला का दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ रामलला के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास महाराज का आशीर्वाद लिया गुरुदेव वा रामलला से प्रार्थना की है देश में अमन चैन शांति का माहौल रहे खासकर नौजवान साथियों से अपील की जो दूसरे पार्टियों के नेताओं के चक्कर में आकर दंगे फसाद करने में इंवॉल्व हो रहे हैं भगवान उन्हें सद्बुद्धि दे वह सही मार्ग पर चलें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जो ऐतिहासिक संकल्प है लक्ष्य अंतोदय प्रणय अंतोदय पथ अंतोदय एक आत्मनिर्भर एक सशक्त मजबूत भारत बनाने का जो सपना है उस सपने को पूरा करने के लिए मुझे विश्वास है कि सभी नौजवान साथी देशवासी बढ़-चढ़ अपना योगदान देंगे और साथ देंगे हमें विश्वास है कि एक दिन भारतवर्ष एक आत्मनिर्भर मजबूत बनेगा।
: पौराणिक मंदिर दंत धावन कुंड में धूमधाम से मनाया गया गुरुपूर्णिमा महोत्सव
Wed, Jul 13, 2022
पूज्य महंत नारायणाचारी जी महाराज का विधिवत पूजन अर्चन किया महंत विवेकाचारी ने
हजारों शिष्य परिकरों ने निवेदित की अपनी श्रद्धा
अयोध्या। गुरु पूर्णिमा के मौके पर लाखों की संख्या में अयोध्या पहुंचे श्रद्धालुओं ने सरयू में स्नान के बाद राम जन्मभूमि हनुमानगढ़ी सहित प्रमुख मंदिरों में पूजन अर्चन किया इसके बाद सभी भक्त अपने गुरुओं की आराधना की। गुरु पूर्णिमा हिंदू धर्म की प्राचीन परंपरा है जिस का निर्वाह आज भी लोग अपने गुरुओं के दर्शन पूजन और सेवा कर करते हैं। रामनगरी के सबसे प्रचीनतम पौराणिक मंदिर दंत धावन कुंड के पीठाधीश्वर महंत विवेकाचारी जी महाराज के संयोजन में बड़े ही श्रद्धा भाव से गुरु पूर्णिमा मनाया गया। महोत्सव से दूर दराज से हजारों भक्तों ने अपनी हाजिरी लगाई। महंत विवेकाचारी जी महाराज ने कहा कि आज गुरु पूर्णिमा के मौके पर व्यास की पूजा और व्यास की तिथि है आज शिष्य अपने गुरु की पूजा करते हैं और गुरु से आशीर्वाद लेते हैं। महंत विवेकाचारी जी ने कहा कि जब मंत्र की सृष्टि गुरु शिष्य के हृदय में स्थापित करता है तब उसका स्वरूप ब्रह्मा का होता है पालन पोषण और विस्तार को लेकर जब ज्ञान देता तो गुरु का स्वरूप विष्णु का होता है और जब गुरु सभी शक्ति शिष्य को प्राप्त कराने के लिए इज्जत करता है तो सिर्फ उसका शुरू पारब्रह्म परमेश्वर का हो जाता है उन्होंने कहा कि धार्मिक मान्यता है कि गुरु की बात मानने वाले शिष्य को उसकी मुक्ति को संशय नहीं रहता आज के दिन गुरु पूर्णिमा है जो गुरु के लिए है लोग आश्रम में जा कर के अपने गुरुओं की पूजा करते हैं गुरु की महत्वता और कृपा आप पूर्ण रुप से शिष्य को मिली और शिष्य का कल्याण हो इसलिए गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है।
: गुरुपूर्णिमा के मौके पर रामनगरी में पूरी भव्यता से बयां हुई गुरुमहिमा
Wed, Jul 13, 2022
राम नगरी के चुहुओर रहा उल्लास,मेले जैसे महौल में घर्मनगरी पटी भक्तों से
अयोध्या-फैजाबाद। गुरूपूर्णिमा पर्व पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं भक्तों ने पावन सलिला सरय में डुबकी लगायी एवं अपने आराध्य के दरबार में माथा टेका तथा पूजन अर्चन किया। गुरूपूर्णिमा पर्व पर अपने गुरू के प्रति श्रद्धा निवेदित करने एवं दर्शन पूजन के उद्देश्य से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ रामनगरी अयोध्या में उमड़ी। गुरूपूर्णिमा पर्व को देखते हुये प्रशासन द्वारा रामनगरी में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किये गये थे। जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती रही तथा चार पहिया वाहनों का प्रवेश भी प्रतिबंधित रहा।इससे पूर्व ब्रह्ममुहूर्त से ही उमड़े बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं भक्तों ने सरयू स्नान कर विभिन्न मंदिरों में दर्शन पूजन किया।बाईपास स्थित कामधेनु मंदिर में महामंडलेश्वर महंत आशुतोष दास की देख रेख में गुरू पूर्णिमा मनाया गया। महंत आशुतोष दास ने अपने गुरु की पूजा कर आरती उतारी। महंत आशुतोष दास कहते है कि हमारी संस्कृति में गुरु को ब्रह्मा विष्णु तथा महेश से भी अधिक महत्व दिया गया है, परंतु गुरु अपने को ऐसा नहीं मानता। वह केवल शिष्य की श्रद्धा में अतिविशिष्ट है, क्योंकि स्वयं को सर्वोच्च मानने पर गुरु स्वयं अहंकार द्वारा पतन की ओर उन्मुख हो सकता है। गुरु का कार्य शिष्य को अध्यात्म की ओर प्रेरित करना है।