: महंत के खिलाफ गैंगरेप का झूठा मुकदमा लिखवाने का प्रयास करने वाले पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज, एक गिरफ्तार
Mon, Jun 20, 2022
अयोध्या। अयोध्या के प्रसिद्ध रावत मंदिर की बेशकीमती भूमि पर कब्जे की नियत से महंत राममिलन दास के विरूद्ध गैंगरेप का झूठा मुकदमा लिखाने के प्रयास का पर्दाफाश हुआ है। एक युवती को बहका कर मुकदमा लिखवाने का प्रयास करने वाले पांच लोगों के विरूद्ध केस दर्ज किया गया है।
पुलिस की पूछताछ में इस साजिश का खुलासा उस युवती ने किया जिसे बहका कर महंत पर आरोप लगवाया जा रहा था। पुलिस ने संतोष तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है। कोतवाल अयोध्या देवेंद्र पांडेय ने रविवार देर शाम इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मंदिर कब्जेदारी को लेकर शातिर प्रयास कर रहे थे। उन्होंने बताया कि कई दिनों से पुलिस पर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा था।
इस मामले में अंबेडकर नगर निवासी आदर्श पांडेय, अयोध्या रायगंज गुजराती मंदिर के भरतदास, रामघाट निवासी अवधेश दास, गोंडा के महंगूपुर नवाबगंज निवासी शशिधर पांडे व भीटी अंबेडकर नगर के संतोष तिवारी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि संतोष तिवारी के विरुद्ध पहले से भी हैं लूट और गैंगस्टर के मुकदमें दर्ज हैं।
: शरद पवार देश के सबसे अनुभवी नेता : संजय राऊत
Wed, Jun 15, 2022
कहा, राष्ट्रपति चुनाव में शरद पवार पर शिवसेना की सहमति
शिवसेना सांसद संजय राउत ने हनुमानगढ़ी में टेका माथा, श्रीमहंत ज्ञानदास जी महाराज से लिया आशीर्वाद
अयोध्या। देश में राष्ट्रपति चुनाव को लेकर सियासत तेज हो गई है। और सभी विपक्षी दल शरद पवार को लेकर सहमत दिखाई दे रहे हैं तो वहीं शिवसेना भी शरद पवार को अनुभवी नेता मान रही है अब 15 जून को दिल्ली में सभी विपक्षी दलों की एक बैठक में सहमति भी दिखाई देगी। और शिवसेना सांसद संजय राउत ने भी शरद पवार एक अनुभवी नेता बताया है और कहा है कि सभी गैर भाजपा शासित प्रदेश के राजनीतिक दलों के द्वारा 15 जून को सहमति के लिए बैठक बुलाई गई है। संजय राउत ने कहा कि शरद पवार साहब इस देश के बड़े नेता हैं शरद पवार साहब आज के सबसे अनुभवी नेता हैं लेकिन जब कोई इस तरह का चुनाव आता है या परिस्थिति पैदा होती है तो हम सब लोग पवार साहब से मार्गदर्शन देने के लिए जाते हैं कल 15 तारीख को दिल्ली में एक बैठक हो रही है जो ममता बनर्जी ने बुलाई है सभी जो विरोधी दल हैं गैर भाजपा शासित राज्य इसमें सब को बुलाया गया है शरद पवार जी भी वहां पहुंचेंगे उस बैठक का नेतृत्व भी करेंगे।वहीं कहा कि इस बैठक में हमको भी निमंत्रण है लेकिन मुख्यमंत्री दिल्ली कल नहीं जाएंगे और हम सब लोग अयोध्या में रहेंगे फिर भी हम लोगों की तरफ से कोई बड़ा नेता इस बैठक में शामिल होगा इस बैठक में तय होगा कि राष्ट्रपति के चुनाव के बारे में हमको क्या करना है किस दिशा में जाना है चुनाव किस प्रकार से लड़ना है यह तय होगा।वहीं कहा है कि पवार साहब एक ऐसे नेता हैं इनके ऊपर सर्वसम्मति हो सकती है लेकिन इस देश की जो राज्यकर्ता होते हैं उनका मन बड़ा होना चाहिए यह बड़े मन वालों की बात है मैंने इतना ही कहा था कि देश को राष्ट्रपति चाहिए तो शरद पवार जी हैं अगर रबर स्टैंप चाहिए तो बहुत लोग लाइन में खड़े हैं ।
महाराष्ट्र के पर्यटन मंत्री आदित्य ठाकरे भगवान राम का आशीर्वाद लेने रामनगरी अयोध्या आ रहे हैं। शिवसेना सांसद संजय राउत ने सोमवार को पुष्टि की है कि आदित्य ठाकरे 15 जून को अयोध्या जाएंगे। इसके साथ ही संजय राउत ने यह भी साफ कर दिया है कि आदित्य ठाकरे का दौरा राजनीतिक नहीं है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे का अयोध्या दौरा ऐसे समय पर है, जहां हिंदुत्व के मुद्दे पर उनकी पार्टी को भाजपा और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना द्वारा निशाना बनाया जा रहा है।
हाल ही में आदित्य ठाकरे के चाचा और मनसे प्रमुख राज ठाकरे मस्जिदों के ऊपर से लाउडस्पीकर हटाने का आह्वान किया था। इसके साथ राज ठाकरे ने भी कहा था कि वह इस महीने अयोध्या जाएंगे, लेकिन स्वास्थ्य कारणों से उनकी दौरा कैंसिल करना पड़ा। संजय राउत ने कहा कि आदित्य ठाकरे 15 जून बुधवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ पहुंचेंगे और वहां से वह रामनगरी अयोध्या जाएंगे। राउत ने कहा कि ठाकरे राम लला व हनुमानगढ़ी का दर्शन पूजन कर संतो का आशीर्वाद लेंगे और वह राम मंदिर के निर्माण स्थल का भी दौरा करेंगे।
इसके साथ ही आदित्य ठाकरे सरयू नदी के किनारे आरती में भी शामिल होंगे। संजय राउत ने कहा कि आदित्य ठाकरे का अयोध्या जाना कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है। शिवसेना सांसद संजय राउत आज हनुमानगढ़ी पहुंच हनुमानजी का दर्शन पूजन कर श्री महंत ज्ञान दास जी महाराज का आशीर्वाद लिया। संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत संजय दास व कार्यवाहक अध्यक्ष वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास ने संजय राऊत को हनुमानजी का चित्र भेंट कर स्वागत किया।
: माँ सरयू जयंती पर दीपों से जगमग हुई धारा, उतारी गई आरती
Wed, Jun 15, 2022
माँ सरयू जयंती मनाने के लिए घाटों पर पहुंचे अयोध्या के साधु संत और नगरवासी
आंजनेय सेवा संस्थान के तत्वाधान मनाई गई सरयू मां की जयंती, सजी झाकियां, 5100 दीपों से की गई 'पुण्यसलिला' की महाआरती
दिव्य मां सरयू आरती सेवा संस्थान ने फूलबग्लें की झांकी सजा, उतारी 1100 बत्ती की आरती
अयोध्या में सरयू जयंती पर पुण्य सलिला के तट पर आस्था की इंद्रधनुषी छटा बिखरी। विधि- विधान से पुण्यसलिला का पूजन किया गया। सरयू तट पर झांकी सजी और जगह-जगह पुण्यसलिला की हजारों दीपों से आरती की गई। राम नगरी अयोध्या में जेष्ठ पूर्णिमा पर माँ सरयू की जयंती बड़े धूम धाम से मनाई गई। जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मां सरयू की पवित्र धारा में स्नान कर आरती उतारी। वहीं देर शाम सरयू घाट पर बड़ी संख्या में लोग दीपदान भी किए।
आंजनेय सेवा संस्थान के तत्वाधान में इस वर्ष भी सहस्त्रधारा घाट पर तीन दिवसीय अवध सरयू जयंती महोत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम के संयोजक महंत शशिकांत दास ने बताया कि तीन दिवसीय कार्यक्रम का आज भव्य समापन होगा। व्यासपीठ से भक्तों को कथारस का पान करा रहें जगद्गुरू रामानन्दाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य जी महाराज। आज मां सरयू की जयंती बहुत ही भव्य रुप से मनाई गई। पूरे घाटों को फूलो से सजाकर असंख्य दीपों से जगमग किया गया। इसके बाद मां की 5100 बत्ती की महाआरती उतारी गई।कार्यक्रम के संयोजक महंत शशिकांत दास ने कहा कि आज ही के दिन मां सरयू का अवतरण हुआ था। पवित्र पावन माँ सरयू की भव्य आरती का बड़ा अद्भुद दृश्य होता है। ग्रंथों में भी मां सरयू का विशेष वर्णन किया गया है माना जाता है कि महाराजा रघु की प्रार्थना पर महर्षि वशिष्ठ ने तपस्या करके ब्रह्मदेव को प्रसन्न कर मां सरयू को पृथ्वी पर अवतरित कराने का वरदान प्राप्त किया था। वहीं वर्णन में कहा गया है कि जब ब्रम्हदेव सृष्टि की रचना कर रहे थे तो उससे पहले ही ब्रह्मदेव ने भगवान विष्णु की तपस्या की थी और भगवान विष्णु ब्रह्म देव को दर्शन दिया था। दर्शन के बाद ब्रम्हदेव की तपस्या को देख भगवान विष्णु इतना खुश हो गए थे कि उनकी आंखों से आंसू निकल पड़े थे। तभी ब्रह्मा जी ने ऑसुओं को अपने हाथों से रोक उसे मानसरोवर पर स्थापित किया था।इसीलिए सरयू को नेत्रजा भी कहा जाता है। कार्यक्रम के संयोजक महंत शशिकांत दास व पत्थर मंदिर के महंत मनीष दास ने आये हुए अतिथियों का स्वागत किया।कार्यक्रम में दशरथ राजमहल बड़ा स्थान के महंत बिंदुगद्यायाचार्य स्वामी देवेन्द्र प्रसादाचार्य,जगद्गुरू रामानन्दाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य, श्रीराम बल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमार दास, नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास, महंत गिरीश दास, महंत कृपाल रामभूषण दास, कैसरगंज के लोकप्रिय सांसद बृजभूषण शरण सिंह सहित बड़ी संख्या में संत साधक मौजूद रहें।