Monday 12th of October 2026

ब्रेकिंग

पंचम दिवस पर श्रीराम कलेवा का हुआ सजीव मंचन, संत-महंतों और श्रद्धालुओं की उपस्थिति में राममय हुआ परिसर

अयोध्या नगर निगम के पार्षद कृष्ण गोपाल यादव ने सीएम योगी के बयान पर दी चुनौती

विधायक ने अधिकारियों के साथ किया पैदल निरीक्षण, सफाई, बिजली और आवागमन की व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश

भगवताचार्य स्मारक सदन की पौराणिक रामलीला के चतुर्थ दिवस भावपूर्ण मंचन, जयकारों से गूंजा रामलीला परिसर

सुल्तानपुर की बेटी अर्चना मिश्रा की भक्ति-संगीत में खास पहल, ‘मेरे महल अयोध्या’ भजन से मिली पहचान; काशी, मथुरा और उज्जैन

सुचना

Welcome to the DNA Live, for Advertisement call +91-9838302000

: रामलला सदन देवस्थान में भगवान का प्राण प्रतिष्ठा हुआ,वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पड़ी आहुतियां

बमबम यादव

Fri, Jun 3, 2022

रामनगरी के विशिष्ट संतो का हुआ सम्मान,कांची के गादी स्वामी प्रतिवाद भयंकर स्वामी श्रीनिवासाचार्य का लिया आशीर्वाद

श्री सीताराम विवाहोत्सव के साथ होगा महोत्सव का समापन

अयोध्या। रामजन्मभूमि के निकट स्थित रामलला सदन देवस्थान में शुक्रवार को भगवान सीताराम समेत लक्ष्मण जी, हनुमानजी व लक्ष्मीनारायण की मूर्ति का हुआ प्राण प्रतिष्ठा। भगवान का पांच दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था।पूरा अनुष्ठान उत्सव के पहले दक्षिणात्य आचार्यों के निर्देशन में पारम्परिक दक्षिण भारतीय वाद्ययंत्रों के साथ मनाया गया।अम्माजी मंदिर के ट्रस्टियों ने इस मौके पर मंदिर के उत्सव विग्रह भगवान श्रीसीतारामजी को रामलला सदन के जीर्णोद्वारक जगदगुरु रामानुजाचार्य स्वामी राघवाचार्य के सुपुर्द कर दिया। इसके साथ शेषनाग वाहन से उनकी शोभायात्रा रामलला सदन आयी जहां पूरे विधि विधान से अचल विग्रहों के साथ उत्सव विग्रह का पूजन-अर्चन नारद पांचरात्रागम पद्धति से हुआ। चार जून को प्राण प्रतिष्ठा का मुख्य उत्सव के साथ भगवान श्रीसीताराम का विवाहोत्सव भी मनाया जाएगा और सभी अनुष्ठानों की पूर्णाहुति होगी।

रामलला सदन के जीर्णोद्धारक जगदगुरु स्वामी राघवाचार्य महाराज ने बताया कि यह स्थान करीब तीन सौ वर्ष प्राचीन है। इस मंदिर का दक्षिण भारत की पारम्परिक शैली में निर्माण कराया गया है।

उसी परम्परा में उपासना भी होती है। इसके कारण मंदिर में प्रतिष्ठित होने वाले भगवान राम-लक्ष्मण व सीताजी समेत रामानुजीय परम्परा के आचार्यों की मूर्तियां भी महाबलीपुरम में ही निर्मित हैं। मंदिर के अचल विग्रह शालिग्राम शिला से निर्मित हैं।मंदिर में भगवान के प्राण प्रतिष्ठा के साथ गरुण स्तम्भ व गोपुरम का भी पूजन किया गया।

कौशलेश सदन पीठाधीश्वर जगदगुरु रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य की अध्यक्षता में हुआ अनुष्ठान का आचार्यत्व कांची के गादी स्वामी प्रतिवाद भयंकर स्वामी श्रीनिवासाचार्य रहे। मंदिर में आज दशरथ राज महल बड़ा स्थान के बिंदुगद्यायाचार्य स्वामी देवेन्द्र प्रसादाचार्य, बड़ा भक्त माल के महंत अवधेश दास, बावन जी मंदिर के महंत वैदेही बल्लभ शरण, सद्गुरु बधाई भवन के महंत राजीव लोचन शरण, समाजसेवी महंत नागा रामलखन दास व पूर्व विधायक समाजसेवी पवन पाण्डेय सहित सौकड़ों संतों महंतो का रामलला सदन के जीर्णोद्वारक जगदगुरु रामानुजाचार्य स्वामी राघवाचार्य जी महाराज व महोत्सव के मुख्य यजमान गोविंद कुमार लोहिया ने स्वागत सम्मान किया। कार्यक्रम की देखरेख में गुड्डू मिश्रा, रमेश मिश्रा सिब्बू,राघवेंद्र मिश्रा अप्पू, विनोद जी, मनोज जी,प्रमोद सहित स्वामीजी के शिष्य परिकर लगे रहें।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें