अयोध्या के रामलला से मिली प्रेरणा, भजनों से देशभर के धामों का गुणगान : सुल्तानपुर की बेटी अर्चना मिश्रा की भक्ति-संगीत में खास पहल, ‘मेरे महल अयोध्या’ भजन से मिली पहचान; काशी, मथुरा और उज्जैन
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Sun, Oct 11, 2026
अयोध्या के रामलला से मिली प्रेरणा, भजनों से देशभर के धामों का गुणगान करेंगी अर्चना मिश्रा
सुल्तानपुर की बेटी अर्चना मिश्रा की भक्ति-संगीत में खास पहल, ‘मेरे महल अयोध्या’ भजन से मिली पहचान; काशी, मथुरा और उज्जैन तक पहुंचेगी भजनों की गूंज
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या और प्रभु श्रीराम के प्रति अटूट श्रद्धा ने सुल्तानपुर की बेटी अर्चना मिश्रा को भक्ति-संगीत के क्षेत्र में नई दिशा दी है। गुरुग्राम में रहने वाली अर्चना मिश्रा अब अपने भजनों के माध्यम से देशभर के प्रमुख धार्मिक स्थलों, देवी-देवताओं और तीर्थधामों की महिमा जन-जन तक पहुंचाने की तैयारी में जुटी हैं।
अर्चना मिश्रा ने बताया कि राम मंदिर के उद्घाटन के समय उन्हें अपना पहला भजन लॉन्च करने की प्रेरणा मिली। इसी क्रम में उन्होंने ‘मेरे महल अयोध्या’ नाम से अपना भजन प्रस्तुत किया, जिसे लोगों का अच्छा प्रतिसाद मिला। इस सफलता और प्रभु श्रीराम के प्रति अपनी आस्था से प्रेरित होकर उन्होंने विभिन्न तीर्थस्थलों और देवी-देवताओं पर भजन लिखने तथा उन्हें संगीतबद्ध कर लोगों तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
उन्होंने कहा कि उन्हें यह प्रेरणा अपनी अयोध्या और अपने रामजी से ही मिली है। भजन लिखना और उन्हें संगीत के माध्यम से प्रस्तुत करना उनका शौक है। अब वह अपनी इस प्रतिभा को लोगों तक पहुंचाना चाहती हैं, ताकि देश-दुनिया के श्रद्धालु विभिन्न धार्मिक स्थलों की महिमा और आध्यात्मिक महत्व से जुड़ सकें।
हिमाचल की देवियों से लेकर काशी विश्वनाथ तक भक्ति की यात्रा
अर्चना मिश्रा के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश की चामुंडा माता, मां बगलामुखी और कालका माता सहित विभिन्न देवी स्वरूपों पर उनके भजन तैयार हो चुके हैं, जिन्हें यूट्यूब पर सुना जा सकता है। वह चाहती हैं कि श्रोताओं तक हर धाम और हर देवी-देवता की महिमा क्रमशः पहुंचे।
उन्होंने बताया कि मथुरा के कान्हा जी पर आधारित भजन भी श्रोताओं के सामने आने वाला है। वहीं, काशी में भगवान शिव पर आधारित भजन की शूटिंग भी पूरी हो चुकी है, जिसे जल्द ही जारी करने की तैयारी है।
उज्जैन समेत कई धार्मिक स्थलों तक पहुंचेगी भक्ति की स्वरधारा
अर्चना मिश्रा ने अपनी आगामी योजनाओं के बारे में बताते हुए कहा कि उनकी तैयारी उज्जैन सहित देश के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंचने की है। वह अलग-अलग तीर्थस्थलों की विशेषताओं और धार्मिक महिमा को भजनों के माध्यम से प्रस्तुत करना चाहती हैं।
उनकी इस पहल का उद्देश्य संगीत और भक्ति के जरिए श्रद्धालुओं को धार्मिक परंपराओं तथा तीर्थस्थलों से जोड़ना है। अयोध्या से शुरू हुई उनकी यह संगीत यात्रा अब काशी, मथुरा, हिमाचल और उज्जैन जैसे धार्मिक केंद्रों की ओर बढ़ रही है।
अर्चना मिश्रा की यह पहल भक्ति-संगीत के माध्यम से सनातन आस्था और देश की समृद्ध धार्मिक विरासत को लोगों तक पहुंचाने का एक प्रयास है। आने वाले समय में उनके नए भजनों का श्रोताओं को इंतजार रहेगा।
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