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: ऋषि और कृषि भारतीय संस्कृति के महत्वपूर्ण अंग: जगद्गुरू

बमबम यादव

Fri, Apr 14, 2023

नन्दिनीनगर महाविद्यालय का आंगन मंडल के किसानों की प्रेरणा का गवाह बना

तीन मंडलों के दो सौ प्रगतिशील किसानों का किया गया सम्मान

अन्नदाता अब श्रीअन्न उपजाकर लोगों के पेट भरने के साथ ही उन्हें सेहतमंद बनाने में भागीदार बनें: बृजभूषण शरण सिंह ने

अपनी आय बढ़ाने के लिए सहफसली खेती करें अन्नदाता

गोण्डा। नन्दिनीनगर महाविद्यालय का आंगन गुरुवार को मंडल के किसानों की प्रेरणा का गवाह बना। उन्होंने जैविक और प्राकृतिक विधि की खेती और इससे होने वाले लाभ गिनाए गए। साथ ही श्रीअन्न मोटे अनाजों के उत्पादन बढ़ाने की अपील की गई। मुख्य अतिथि व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि हमारे अन्नदाता अब श्रीअन्न उपजाकर लोगों के पेट भरने के साथ ही उन्हें सेहतमंद बनाने में भागीदार बनें। मनकापुर के प्रगतिशील किसान अतुल सिंह ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
संगोष्ठी को पद्मश्री से सम्मानित तीन किसानों ने भी सम्बोधित किया। बेबीकॉर्न और स्वीटकॉन की खेती से पूरी दुनिया मे नाम कमाने वाले पद्मश्री सम्मान कंवल सिंह चौधरी ने कहा की डेयरी वेस्ट और फार्मिंग वेस्ट किसानों के लिए रसायनिक उर्वरकों का बेहतर विकल्प हो सकता है। खेती में जैविक खाद के तौर पर इसका उपयोग करेंगे। पद्मश्री सम्मान प्राप्त सेठ पाल सिंह ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए सहफसली खेती करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मोटे अनाजों की खेती में रसायनिक उर्वरक की जरूरत बहुत ही सीमित मात्रा में होती है। पहले हमारे अन्नदाता इन अनाजों को पैदा कर सीजनल फूड के तौर पर खाते थे। धान की एक दर्जन नई किस्म के बीज बनाने वाले बनारस के पद्मश्री प्राप्त चंद्र शेखर ने कहा कि किसानों को पारम्परिक खेती के साथ ही उद्यमी बनने की आवश्यकता है। अनाजों की प्रोडक्शन के साथ प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग भी करनी चाहिए। ऐसा करने से किसानों की आय दोगुने से भी ज्यादा होगी। नंदी रथ के जरिए किफायती दर पर सिंचाई और कम लागत पर बिजली उत्पादन करने की स्वयं की विकसित तकनीक बताई। चंद्र शेखर ने कहा कि एक नंदी रथ से दो हेक्टेयर भूमि की सिंचाई और दो किलोवाट बिजली का उत्पादन बेहद कम लागत पर होता है। उनके नंदी रथ प्रोजेक्ट को केंद्र ने मान्यता देते हुए इसके वैश्विक विस्तार में सहयोग करने की स्वीकृति दी है। कार्यक्रम में देवीपाटन, अयोध्या और बस्ती मंडल के दो सौ प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को रामनगरी अयोध्या के जगद्गुरु रामानन्दाचार्य स्वामी राम दिनेशाचार्य, आचार्य पीठ श्री लक्ष्मणकिला के महंत मैथली रमण शरण, तुलसी दास छावनी के महंत जनार्दन दास, महंत रामजीशरण, महंत मनीष दास ने भी सम्बोधित किया।
मंच पर गोंडा के जिपं अध्यक्ष घनश्याम मिश्रा, बलरामपुर की जिपं अध्यक्ष आरती तिवारी, विधायकों में पल्टूराम, अवधेश प्रताप सिंह ह्यमंजू सिंह, सुभाष तिवारी, प्रतीक भूषण सिंह और सुमित सिंह, आशीष तिवारी समेत आधा दर्जन ब्लाक प्रमुख, कुश्ती संघ के उपाध्यक्ष करन भूषण सिंह, सांसद प्रतिनिधि सोनू सिंह, जेडी सिंह, अयोध्या प्रभारी महेंद्र त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
जैविक उत्पादों पर आधारित प्रदर्शनी का आयोजन कार्यक्रम स्थल पर प्राकृतिक विवि से उत्पादित खाद्य वस्तुओं की प्रदर्शनी दो दर्जन सरकारी और निजी संस्थाओं ने लगाई थी। इसका गोष्ठी में आए हजारों किसानों ने अवलोकन करके जानकारी हासिल की। प्रदर्शनी में आचार्य नरेंद्र देव कृषि विवि, कृषि विज्ञान केन्द्र के साथ कृषि, गन्ना, मत्स्य, रेशम, बाल विकास, दुग्ध उत्पादन विभाग के स्टाल लगे थे। इन स्टालों से लोगों ने जमकर खरीदारी भी की। इस दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देखकर लोग मंत्रमुग्ध हो गए।

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