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: श्री पंच निर्वाणी अनी अखाड़ा के ‘पहलवान’ नागा साधु

बमबम यादव

Fri, Jan 31, 2025
श्री पंच निर्वाणी अनी अखाड़ा के ‘पहलवान’ नागा साधु रोज 8-10 किमी दौड़, अमृत स्नान के बाद कुश्ती प्रतियोगिता करते हैं नागा साधु पहलवानों के नाम से प्रसिद्ध है श्री पंच निर्वाणी अनी अखाड़ा में अब पहलवानी के साथ पढ़ाई पर भी जोर है: महंत डा महेश दास प्रयागराज। महाकुंभ मेला क्षेत्र के ‘डमरू द्वार’ से ‘समुद्र मंथन द्वार’ के बीच सभी 13 अखाड़ों के कैंप है। इन्हीं में अखिल भारतीय श्री पंच निर्वाणी अनी अखाड़े का कैंप भी है। इस अखाड़े के नागा साधु पहलवान हैं। यहां की दिनचर्या में व्यायाम, दंड-बैठक शामिल है। इनकी खुराक दूध, बादाम और घी है। श्री पंच निर्वाणी अनी अखाड़ा की प्रधानतम पीठ श्री हनुमानगढ़ी के गद्दीनशीन श्रीमहंत प्रेमदास जी महाराज के कृपापात्र शिष्य हनुमत संस्कृत स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य महंत डा महेशदास ने बताया कि नागा साधु पहलवान रोज सुबह 8-10 किमी दौड़ते लगाते हैं। जब अखाड़ों की स्थापना सनातन धर्म की रक्षा के लिए हुई, तब से यह परंपरा चली आ रही है। पहलवानों के अखाड़ों के नाम से प्रसिद्ध इस अखाड़े में अब पहलवानी के साथ पढ़ाई पर भी जोर है। इसी कैंप के नागा साधु मामा दास कहते हैं हम सभी आयोध्या श्री हनुमानगढ़ी से जुड़े हैं। सभी संत रोज सुबह-शाम हनुमानजी की आराधना करते हैं। कुश्ती जीतने पर 11 से 21 हजार रुपए इनाम श्री पंच निर्वाणी अनी अखाड़े नागा साधु संतों को मिलता है। अमृत स्नान के बाद कुश्ती की प्रतियोगिता होती है। वो प्रतियोगिता जीतने वाले पहलवान को नगद राशि देते हैं। कुश्ती जीतने पर पहलवानों को 11 से 21 हजार रु. तक का इनाम मिलता हैं। अखाड़े से जुड़े नागा साधु सूर्यभान दास ने कहा कि आज हम गुरु भाइयों के साथ पूज्य जगतगुरु श्री निंबार्काचार्य जी महाराज का आशीर्वाद लिये। इस मौके पर मामा दास, सूर्यभान दास, उपेंद्र दास,लवकुश दास, आनंद दास सहित बड़ी संख्या में नागा साधु मौजूद रहें।

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