Tuesday 10th of February 2026

ब्रेकिंग

अंतरराष्ट्रीय मातेश्वरी महाधाम के तत्वावधान में आयोजित नौ दिवसीय सप्तम अश्वमेघ महायज्ञ का छाया उल्लास

महिलाएं बेहोश, माता-पिता से बिछड़े मासूम; मची चीख-पुकार

सरयू विहार कुंज के महंत पद पर जानकी घाट बड़ा स्थान के रसिक पीठाधीश्वर महंत जन्मेजय शरण महाराज को विधिवत नियुक्त किया गया

वैदिक विधि-विधान के साथ अयोध्या में 101 बटुकों का सामूहिक उपनयन, सजीव हुई गुरुकुल परंपरा

एडीजी ज़ोन लखनऊ प्रवीण कुमार ने हनुमानजी के दरबार में टेका माथा, संतों का लिया आशीर्वाद

सुचना

Welcome to the DNA Live, for Advertisement call +91-9838302000

मकर संक्रांति व बसंत पंचमी मेले में दो करोड़ का आवंटन : अयोध्याधाम के छह मेले प्रांतीयकृत अयोध्या : मकर संक्रांति व बसंतपंचमी मेला के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में शासन से 10-

मकर संक्रांति व बसंत पंचमी मेले में दो करोड़ का आवंटन

-अयोध्याधाम के छह मेले प्रांतीयकृत

अयोध्या : मकर संक्रांति व बसंतपंचमी मेला के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में शासन से 10-20 लाख रुपये नहीं, एक करोड़ 92 लाख रुपये आवंटित किया हैं। यह आवंटन अनुमानित व्यय के आधार पर बीते माह पांच जनवरी में हुआ है। शासन ने अयोध्या के जिन छह मेलों को प्रांतीयकृत घोषित कर रखा है, उनमें मकर संक्रांति व बसंतपंचमी के अलावा अन्य चार मेलों में कार्तिक पूर्णिमा, सावन, दीपोत्सव एवं चैत्र रामनवमी है। सभी मेलों के लिए शासन से अलग-अलग धनावंटन होता है। इस बार की मकर संक्रांति के लिए 95.36 लाख रुपये और बसंतपंचमी मेला के लिए अनुमानित व्यय 96.65 लाख रुपये के आधार पर आवंटन हुआ है। मकर संक्रांति 15 जनवरी को और बसंतपंचमी 23 जनवरी को रही। करीब दो करोड़ रुपये के आवंटन पर सवाल उठने पर अपर जिलाधिकारी नगर व मेला प्रभारी योगानंद पांडेय ने कहाकि शासन से आवंटित धनराशि मेला के प्रबंधन पर व्यय होती है। राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या में श्रद्धालु व पर्यटक प्रतिदिन लाखों की संख्या में रामनगरी आते हैं। बताया कि भीड़ नियंत्रण के लिए चार किलोमीटर मोजो बैरिकेडिंग के अलावा खोया-पाया कैंप, सीसीटीवी समेत अन्य इंतजाम किए जाते हैं। राम मंदिर के श्रद्धालुओं के शामिल होने से भीड़ नियंत्रण और अन्य व्यवस्थाएं करनी होती हैं, जिसका टेंडर निकला जाता है। यह कोई नई व्यवस्था नहीं है, पहले से है। उसी के अनुसार मेले में प्रबंध किया जाता है। लोगों का कहना है कि दीपोत्सव, कार्तिक पूर्णिमा, सावन मेला, चैत्र रामनवमी मेला में आसपास के जिलों के श्रद्धालु आते हैं, लेकिन मकर संक्रांति व बसंत पंचमी पर्व पर आसपास के जिले के श्रद्धालु नहीं आते। मकर संक्रांति के दिन सरयू स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ होती है।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें