Monday 27th of July 2026

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सहस्र कलशों की पावन धाराओं से अभिषिक्त हुए भगवान वेंकटेश : गोविंदा के जयघोषों के बीच दिव्य कलशाभिषेक, सुगंधित द्रव्यों से महका अयोध्या धाम

सहस्र कलशों की पावन धाराओं से अभिषिक्त हुए भगवान वेंकटेश

गोविंदा के जयघोषों के बीच दिव्य कलशाभिषेक, सुगंधित द्रव्यों से महका अयोध्या धाम

अयोध्या। गोविंदा... गोविंदा... वेंकटरमणा गोविंदा... के गगनभेदी जयघोषों के बीच श्री बड़ा भक्तमाल की बगिया में रविवार को भगवान वेंकटेश का भव्य सहस्रकलशाभिषेक संपन्न हुआ। देश की पावन नदियों के जल, सुगंधित द्रव्यों, नारियल जल और विभिन्न फलों के रस से भगवान के श्रीविग्रह का अभिषेक किया गया। इस दिव्य अनुष्ठान के दौरान पूरा परिसर भक्ति, श्रद्धा और वैदिक मंत्रोच्चार से गुंजायमान रहा। यह अवसर था श्री झालरिया मठ, बड़ा स्थान डीडवाना द्वारा विश्वशांति, राष्ट्र समृद्धि एवं सर्वजन कल्याणार्थ आयोजित पुरुषोत्तम मास महोत्सव के चैथे दिन का।

श्री झालरिया पीठाधिपति जगद्गुरु रामानुजाचार्य परम पूज्य स्वामी श्री घनश्यामाचार्य जी महाराज के पावन सान्निध्य में संपन्न इस अनुष्ठान में देश की पवित्र नदियों के जल, सुगंधित द्रव्यों, नारियल जल तथा विभिन्न फलों के रस से भगवान वेंकटेश का सहस्त्राभिषेक किया गया। दौरान बड़ा भक्तमाल मंदिर के पीठाधीश्वर एवं महंत स्वामी श्री अवधेश कुमार दास जी भी मौजूद रहे। उन्होनें परम पूज्य स्वामीजी महाराज का आशीर्वाद लिया। सहस्त्रकलशाभिषेक के मुख्य यजमान धर्माबाद के ओमप्रकाश काकाणी एवं हैदराबाद के धनराज सोनी रहे।

श्रीदेवी-भूदेवी सहित हुआ दिव्य आराधन

प्रातःकालीन आरती-अर्चना के पश्चात मुख्य यजमानों ने अभिषेक का संकल्प लिया। पंचरात्रागम परंपरा के अनुसार भगवान वेंकटेश का श्रीदेवी एवं भूदेवी सहित विशेष आराधन किया गया। दूध, दही, घी, शहद, पंचामृत और विविध फलों के रस से अभिषेक का पुण्य अनुष्ठान संपन्न हुआ। जगद्गुरु स्वामी श्री घनश्यामाचार्य जी महाराज एवं परम पूज्य स्वामी श्री भूदेवाचार्य जी महाराज के करकमलों से जब अभिषेक की धाराएं भगवान के श्रीविग्रह पर प्रवाहित हुईं, तब पूरा परिसर गोविंदा-गोविंदा के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।

हल्दी और मक्खन के लेपन ने बढ़ाई छटा

अभिषेक के दौरान भगवान को पहले हल्दी और बाद में शुद्ध मक्खन का लेपन अर्पित किया गया। अनुष्ठान पूर्ण होने पर श्रद्धालुओं को हल्दी एवं मक्खन प्रसाद स्वरूप वितरित किया गया। सहस्त्राभिषेक के उपरांत भगवान वेंकटेश का मनोहारी श्रृंगार किया गया, जिसके दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।

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