Monday 20th of July 2026

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द्विदिवसीय स्मृति-स्मारोह में सुंदरकांड पाठ व श्री रामचरितमानस की चौपाइयों की गूंज ने संपूर्ण वातावरण को आध्यात्मिकता

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सुचना

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श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ मनाई गई स्वर्गीय प्रो० जनार्दन प्रसाद की : द्विदिवसीय स्मृति-स्मारोह में सुंदरकांड पाठ व श्री रामचरितमानस की चौपाइयों की गूंज ने संपूर्ण वातावरण को आध्यात्मिकता

श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ मनाई गई स्वर्गीय प्रो० जनार्दन प्रसाद की जन्मशताब्दी

द्विदिवसीय स्मृति-स्मारोह में सुंदरकांड पाठ व श्री रामचरितमानस की चौपाइयों की गूंज ने संपूर्ण वातावरण को आध्यात्मिकता से भर दिया तो दूसरे दिन 'अनमोल निधि' का विमोचन हुआ

अयोध्या। राम नगरी अयोध्या में 18 और 19 जुलाई को भौतिकी के विद्वान प्राध्यापक एवं श्री रामचरितमानस के अनन्य साधक स्वर्गीय प्रो० जनार्दन प्रसाद की जन्मशताब्दी अत्यंत श्रद्धा, गरिमा एवं भक्तिभाव के साथ सम्पन्न हुई। कनक भवन स्थित करुणानिधान भवन में इस द्विदिवसीय स्मृति-स्मारोह में परिवारजनों, विद्वानों, शिष्यों तथा भक्तजनों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही जिन्होंने प्रो० प्रसाद जी के जीवन एवं आदर्शों को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ 18 जुलाई को सुंदरकांड पाठ से हुआ जिसमें उपस्थित परिवारजनों व श्रद्धालु भक्तिरस में सराबोर दिखे। श्री रामचरितमानस की चौपाइयों की गूंज ने संपूर्ण वातावरण को आध्यात्मिकता से भर दिया यह वही ग्रंथ था जिसे प्रो० प्रसाद ने अपने संपूर्ण जीवन काल में अपनी आस्था का आधार बनाया था।

19 जुलाई को, जो प्रो० प्रसाद का जन्मदिवस भी है, इसी अवसर पर उनकी स्मृति को समर्पित कृति 'अनमोल निधि' का विमोचन हुआ। उपस्थित विद्वानों एवं परिजनों ने इस रचना की भूरि-भूरि सराहना की तथा इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अमूल्य प्रेरणा-स्रोत निरूपित किया।

समारोह के समापन पर परिवार की ओर से सभी उपस्थितजनों, सहयोगियों तथा शुभचिंतकों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। इस भव्य आयोजन ने न केवल प्रो० जनार्दन प्रसाद की स्मृति को जीवंत बनाए रखा, अपितु विज्ञान और अध्यात्म के समन्वय का एक ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया, जो युगों-युगों तक प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।इस मौके पर संतों का अभिनन्दन भी किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करुणानिधान भवन के महंत राम दास महाराज व देखरेख अधिकारी रामनारायण दास ने किया।

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