निष्काम भक्ति से परमात्मा की प्राप्ति जरूर होती है: आशीष : प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमान बाग में बह रही श्रीमद् भागवत कथा की रसधार, राजस्थान के भक्तों द्धारा हो रही कथा
admin
Sun, Sep 27, 2026
निष्काम भक्ति से परमात्मा की प्राप्ति जरूर होती है: आशीष
प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमान बाग में बह रही श्रीमद् भागवत कथा की रसधार, राजस्थान के भक्तों द्धारा हो रही कथा
पीठाधीश्वर श्रीमहंत जगदीश दास महाराज की अध्यक्षता हो रहा महोत्सव
अयोध्या। रामनगरी के वासुदेव घाट स्थित प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमान बाग मंदिर में श्रीमद् भागवत कथा की बह रही रसधार। यह महोत्सव राजस्थान के भक्तों द्धारा आयोजित किया गया है। जो सका समापन 2 अक्टूबर को विशाल भंडारे के साथ होगा। व्यासपीठ से राजस्थान के प्रख्यात कथावाचक आशीष जी कथा की अमृत वर्षा कर रहे है। श्रीमद् भागवत कथा के द्धितीय दिवस पर आशीष जी ने कहा कि सत्यं परमं धीमहि इस संसार में एक ईश्वर ही सत्य है जो दिख रहा है वह केवल वह प्रभु की माया है। भागवत की उत्पत्ति के बारे में बताया सुखदेव भगवान को श्री व्यास जी महाराज ने भागवत को प्रदान किया वही भागवत कथा आज हम सब को सुनने को मिल रही है। आशीष जी ने बताया कि परमात्मा इस संसार में अपने भक्तों की रक्षा के लिए अनेक, अनेक अवतार लेकर आते भागवत में चौबीस अवतारो के माध्यम से बताया। उन्होंने कहा कि भगवान अपने भक्तों के लिए सबकुछ करने के लिए तैयार रहते है। उदाहरण में पांडवो के लिए भगवान सारथी बने। महाभारत की कथा में के बारे में भी महाराज जी ने कहा कि कौरव और पांडवों के युद्ध में विजय सत्य की ही होती है। जिसके रक्षक प्रभु होते हे उसे इस संसार में कोई नहीं हरा सकता।आशीष जी ने पांडवों की कथा को बताया अपने कल्याण के लिए परमात्मा की भक्ति ही एक उपाय हे भक्ति को दो प्रकार की बताया निष्काम भक्ति और सकाम भक्ति। निष्काम भक्ति से परमात्मा की प्राप्ति जरूर होती है।
महोत्सव की अध्यक्षता हनुमान बाग पीठाधीश्वर श्रीमहंत जगदीश दास महाराज कर रहें है।देखरेख पुजारी योगेंद्र दास, अधिकारी सुनील दास, रोहित शास्त्री, नितेश शास्त्री कर रहें है।कार्यक्रम में मुख्य रुप से जितेंद्र झालानी नवल किशोर झालानी सहित राजस्थान समेत पूरे भारत से बड़ी संख्या में भक्त मौजूद रहें।
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