दूल्हा सरकार के छठ् उत्सव से सराबोर रहा श्री जानकी महल ट्रस्ट : किशोरी जी के महल में मिथिला पद्धति से सखियों के बधाई गीतों से पूरा महल प्रांगण रहा गुंजायमान
admin
Wed, Apr 1, 2026
दूल्हा सरकार के छठ् उत्सव से सराबोर रहा श्री जानकी महल ट्रस्ट
किशोरी जी के महल में मिथिला पद्धति से सखियों के बधाई गीतों से पूरा महल प्रांगण रहा गुंजायमान
दुल्हा सरकार व किशोरी जी को लगा छप्पन भोग एवं गुरुवार को हनुमानजी का भव्य जन्मोत्सव मनाया जायेगा
अयोध्या। भगवान राम की नगरी अयोध्या जहां ना जाने कितने साधु-संतों ने अब तक प्रभु राम की तपस्या और भजन पूजन में अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया और आज भी कितने ही साधु संतों का जीवन अपने तारणहार की आराधना में बीत रहा है। जरा सोचिए इसी अयोध्या से प्रभु श्री राम के भव्य जन्मोत्सव की छटा कितनी दिव्य भव्य होगी। पूरी अयोध्या जन्मोत्सव की भक्ति में सराबोर रहा,चारों तरफ जश्न का माहौल रहा। जन्मोत्सव के बाद अब मंदिर मंदिर बधाइयां बाज रही है। ये बधाई गायन आज भगवान के छठी तक चला। अयोध्या का ऐसा महल जो किशोरी जी का मायका है जानकी महल ट्रस्ट जहां पर जन्मोत्सव मनाने का ठाटबाट और भी उम्दा रहा। महल में भगवान राम को दुल्हा सरकार के रुप में पूजते है। भगवान श्रीराम के पावन जन्मोत्सव से प्रसिद्ध जानकी महल ट्रस्ट सराबोर रहा। वहां अनुपम छटा निखर कर सामने आई। भगवान के जन्म बधाई गीतों से पूरा महल प्रांगण गुंजायमान हो उठा। जहां गीत-संगीत, धर्म और आस्था की त्रिवेणी बही। अयोध्यानगरी समेत अन्य जगहों से नामचीन कलाकारों ने अपने गायन-वादन से भगवान के जन्म महा महोत्सव में चार-चांद लगा दिया। कलाकारों ने महोत्सव की महफिल सजा दी। इससे श्रोतागण मंत्रमुग्ध हो गए। कलाकारों द्वारा बांधी गई शमां का भक्तजनों ने देरशाम तक लुत्फ उठाया। फिर भक्तजनों ने राम जन्मोत्सव का प्रसाद ग्रहण कर अपना जीवन धन्य बनाया। साथ ही साथ पुण्य लाभ अर्जित किया। उत्सव पर पूरे मंदिर परिसर को रंग-बिरंगे गुब्बारों, फूलों व विद्युत झालरों से सजाया गया था, जिसकी आभा देखते हुए बन रही थी। भक्तजन स्वयं मंदिर की ओर खिचे चले आ रहे थे। राम जन्मोत्सव का भगवान के छठ् उत्सव के साथ समापन हो गया। आज दुल्हा सरकार व किशोरीजी को भव्य छप्पन भोग लगाया गया।
जानकी महल ट्रस्ट से जुड़े ट्रस्टी समाजसेवी आदित्य सुल्तानिया ने कलाकारों को नेग न्यौछावर भेंट करवाया। उन्होंने कहा कि जिस दिन भगवान राम के जन्म की स्तुति होती है। सारे तीरथ, सुख-समृद्धि वहां प्राप्त होते हैं। खुद तीर्थों के तीर्थ राजा प्रयागराज जो दूसरों के पापों को धोते हैं। वह स्वयं अपने व उन सभी पापों को धोने के लिए काले घोड़े पर सवार होकर काले रंग में रामनवमी के दिन अयोध्यानगरी आते हैं। जहां सरयू स्नान कर उन सभी पापों को धोते हैं और श्वेत रंग में सफेद घोड़े पर सवार होकर चले जाते हैं। जिन्हें कोई देख नही पाता है। अर्थात लोगों के पाप हरते-हरते तीर्थराज प्रयाग स्वयं व उनका घोड़ा काला हो जाता है। जो रामनवमी के दिन सरयू स्त्रान के बाद पुनः अपने श्वेत स्वरूप में आ जाते हैं। सफेद घोड़े पर सवार होकर प्रयागराज लौट जाते हैं। ऐसी मान्यता बताई गई है। आदित्य ने कहा कि महल में अब बधाइयां गायन चल रहा है। जिसका समापन आज भगवान के छठीं से गया। भगवान के छठीं पर दुल्हा सरकार व किशोरी जी को छप्पन भोग लगाया गया। उन्होंने बताया कि गुरुवार यानि कल हनुमानजी का भव्य जन्मोत्सव भी मनाया जायेगा। दुल्हा सरकार के जन्मोत्सव में ट्रस्ट से जुड़े सभी पदाधिकारी सहित महल से जुड़े लोग मौजूद रहें। इस मौके पर दिलीप सुल्तानिया, अरुण सुल्तानिया, नरेश पोद्दार समेत तमाम लोग मौजूद रहें।
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