Friday 3rd of April 2026

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संत-महंतों ने अर्पित की श्रद्धांजलि, सनातन परंपरा के संरक्षण का लिया संकल्प

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मारुति कृपा सदन मंदिर में पूर्वाचार्यों की पुण्यतिथि श्रद्धा से मनाई : संत-महंतों ने अर्पित की श्रद्धांजलि, सनातन परंपरा के संरक्षण का लिया संकल्प

बमबम यादव

Thu, Apr 2, 2026

मारुति कृपा सदन मंदिर में पूर्वाचार्यों की पुण्यतिथि श्रद्धा से मनाई गई

संत-महंतों ने अर्पित की श्रद्धांजलि, सनातन परंपरा के संरक्षण का लिया संकल्प

अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि नगरी अयोध्या में आस्था और परंपरा का एक भावपूर्ण दृश्य उस समय देखने को मिला, जब ऋण मोचन घाट स्थित मारुति कृपा सदन मंदिर में मंदिर से जुड़े पूर्वाचार्य महंतों की पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर अयोध्या के विभिन्न मठ-मंदिरों से बड़ी संख्या में संत-महंत उपस्थित हुए और दिवंगत संतों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम का आयोजन उज्जैनिया पट्टी के महंत संत रामदास महाराज के सानिध्य में तथा अनी अखाड़ा के महासचिव महंत नंदराम दास महाराज के संयोजन में सम्पन्न हुआ। इस दौरान हनुमानगढ़ी सहित समूची अयोध्या के संत-महंतों ने सहभागिता कर आयोजन को आध्यात्मिक गरिमा प्रदान की।

महंत नंदराम दास महाराज ने बताया कि यह मंदिर अत्यंत प्राचीन है, जिसकी स्थिति समय के साथ जर्जर हो गई थी। तत्पश्चात मंदिर का विधिवत जीर्णोद्धार कराया गया और चैत्र मास की रामनवमी के पावन अवसर पर भगवान की पुनः प्रतिष्ठा संपन्न की गई। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए चैत्र शुक्ल पूर्णिमा के दिन मंदिर से जुड़े समस्त पूर्वाचार्यों की पुण्यतिथि मनाई जाती है।

पुण्यतिथि समारोह में संतों ने पूर्वाचार्यों के आध्यात्मिक योगदान और उनके तप, त्याग व साधना को स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। भक्ति और श्रद्धा से ओतप्रोत इस आयोजन में संतों ने अपने विचार भी व्यक्त किए और सनातन परंपराओं के संरक्षण का संकल्प दोहराया।

इस अवसर पर उपस्थित संतों एवं अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान संत राजू दास महाराज व राजा दास द्वारा किया गया। आयोजन के अंत में प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

पावन नगरी अयोध्या में आयोजित यह समारोह न केवल संत परंपरा के प्रति सम्मान का प्रतीक बना, बल्कि नई पीढ़ी को धर्म और संस्कृति से जोड़ने का प्रेरणास्रोत भी सिद्ध हुआ।

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