राम जन्मभूमि ट्रस्ट में रामानंदी संतों को मिले प्रतिनिधित्व, चोरी की : अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता महंत संजय दास व अन्य योग्य और विद्वान संत-महंतों में से चयन कर उन्हें
admin
Sun, Jul 12, 2026
राम जन्मभूमि ट्रस्ट में रामानंदी संतों को मिले प्रतिनिधित्व, चोरी की आशंका भी होगी कम : महंत राम दास
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता महंत संजय दास व अन्य योग्य और विद्वान संत-महंतों में से चयन कर उन्हें ट्रस्ट में सदस्य अथवा पदाधिकारी बनाया जाए
अयोध्या। करतलिया आश्रम के पीठाधीश्वर बालयोगी महंत राम दास महाराज ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में अयोध्या के रामानन्द संप्रदाय के संतों को प्रतिनिधित्व दिए जाने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट में स्थानीय संतों और विद्वान महंतों की भागीदारी बढ़ने से मंदिर की व्यवस्थाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी तथा पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।महंत राम दास ने कहा कि अयोध्या रामानंदी संतों की तपोभूमि रही है और यहां अनेक विद्वान, अनुभवी एवं धर्मनिष्ठ संत-महंत हैं, जिन्होंने वर्षों से धार्मिक परंपराओं और मंदिरों की सेवा की है। ऐसे संतों के अनुभव का लाभ श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को मिलना चाहिए। उनका कहना था कि स्थानीय संतों की सक्रिय भूमिका से मंदिर की व्यवस्थाओं पर प्रभावी निगरानी रहेगी और भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता अथवा चोरी जैसी घटनाओं की संभावना भी कम होगी।उन्होंने सुझाव दिया कि धर्म सम्राट हनुमानगढ़ी के शीर्ष श्रीमहंत ज्ञान दास महाराज के उत्तराधिकारी श्री संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता महंत संजय दास सहित अयोध्या के अन्य योग्य और विद्वान संत-महंतों में से चयन कर उन्हें ट्रस्ट में सदस्य अथवा पदाधिकारी बनाया जाए।महंत राम दास ने कहा कि रामानंदाचार्य परंपरा से जुड़े संतों ने सदियों से श्रीराम की उपासना, सनातन धर्म के संरक्षण और अयोध्या की धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऐसे में ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में उनके अनुभव और मार्गदर्शन को शामिल किया जाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यदि ट्रस्ट में रामानंदी संतों को उचित प्रतिनिधित्व मिलता है तो मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी, श्रद्धालुओं का विश्वास बढ़ेगा तथा पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था स्थापित करने में भी सहायता मिलेगी।
Tags :
विज्ञापन
विज्ञापन