Monday 22nd of June 2026

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कहा- जांच पूरी होने तक आरोप-प्रत्यारोप से बचें, दोषी मिला तो हो कड़ी कार्रवाई

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राम मंदिर दान विवाद पर बोले महंत संजय दास, एसआईटी जांच पर रखें भरोसा : कहा- जांच पूरी होने तक आरोप-प्रत्यारोप से बचें, दोषी मिला तो हो कड़ी कार्रवाई

राम मंदिर दान विवाद पर बोले महंत संजय दास, एसआईटी जांच पर रखें भरोसा

कहा- जांच पूरी होने तक आरोप-प्रत्यारोप से बचें, दोषी मिला तो हो कड़ी कार्रवाई

अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की दान राशि को लेकर उठे विवाद के बीच महंत संजय दास ने संतों, श्रद्धालुओं और प्रदेशवासियों से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा कि सभी को एसआईटी जांच पर भरोसा रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने तक आरोप-प्रत्यारोप से बचना ही श्रीराम की मर्यादा के अनुरूप होगा।

बता दें श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दान राशि के कथित दुरुपयोग एवं चोरी के आरोपों को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच श्री संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं धर्म सम्राट ज्ञानदास जी महाराज के शिष्य महंत संजय दास महाराज ने प्रदेशवासियों, संत-महंतों एवं सनातन धर्मावलंबियों से संयम बरतने तथा एसआईटी जांच पर विश्वास रखने की अपील की है।शनिवार को जारी अपने बयान में महंत संजय दास ने कहा कि अयोध्या प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं श्रद्धालुओं से 15 दिन का धैर्य रखने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) निष्पक्ष जांच कर दूध का दूध और पानी का पानी कर देगी। ऐसे में सभी को जांच पूरी होने तक धैर्य एवं मर्यादा का परिचय देना चाहिए।उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम मर्यादा पुरुषोत्तम हैं, इसलिए उनसे जुड़े किसी भी विषय पर बोलते समय मर्यादित भाषा और संतुलित आचरण आवश्यक है। बिना प्रमाण के आरोप-प्रत्यारोप लगाने से समाज में भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है और श्रद्धालुओं की भावनाएं भी आहत होती हैं।महंत संजय दास ने कहा कि श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए संत समाज और करोड़ों रामभक्तों ने दशकों तक संघर्ष किया है। मंदिर निर्माण के बाद पूरे देश ही नहीं, बल्कि विश्वभर में सनातन धर्मावलंबियों के बीच हर्ष और गौरव का वातावरण बना। ऐसे में मंदिर से जुड़े किसी भी विवाद अथवा आरोप की सूचना स्वाभाविक रूप से पीड़ा पहुंचाती है।उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति या संस्था के पास कोई ठोस प्रमाण है तो उसे सार्वजनिक बयानबाजी करने के बजाय एसआईटी को उपलब्ध कराना चाहिए, जिससे जांच एजेंसी निष्पक्ष और प्रभावी ढंग से अपना कार्य कर सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई होगी।महंत संजय दास ने कहा कि यदि किसी ने रामलला की दान राशि में अनियमितता या चोरी की है तो उसे कानून के अनुसार कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति धार्मिक आस्था और श्रद्धालुओं के विश्वास के साथ खिलवाड़ करने का साहस न कर सके।उन्होंने सभी पक्षों से अपील करते हुए कहा कि जांच पूरी होने तक अनर्गल प्रलाप और आरोपों से बचें तथा सत्य को सामने लाने में एसआईटी का सहयोग करें। यही भगवान श्रीराम की मर्यादा और न्याय व्यवस्था के प्रति सच्ची आस्था का परिचायक होगा।

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