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यूपी में राजाओं के महाराजा बने मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह : ब्रिटिश इंडिया एसोसिएशन के अध्यक्ष चुने गए केंद्रीय मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह, 130 वोट से जीते

यूपी में राजाओं के महाराजा बने मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह,चुनें गए ब्रिटिश इंडिया एसोसिएशन के अध्यक्ष

ब्रिटिश इंडिया एसोसिएशन के अध्यक्ष चुने गए केंद्रीय मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह, 130 वोट से जीते

दिग्गज पहुंचे वोट डालने, राजा भईया नहीं आए, 12 जिलों के रियासत और तालुकदार होते है शामिल

केंद्रीय मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने बलरामपुर राजघराने के महाराज जयेंद्र प्रताप सिंह को 130 वोटों से हराकर अध्यक्ष पद पर कब्जा कर लिया

165 साल पुराना है अंजुमने ए हिंद

1860 में ब्रिटिश इंडिया एसोसिएशन नाम की इस का संस्था की स्थापना हुई थी, बलरामपुर एस्टेट के दिग्विजय नाथ ने इसकी स्थापना की, उर्दू में इसका नाम 'अंजुमने ए हिंद' दिया गया

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के कैसरबाग स्थित सफेद बारादरी में आज ब्रिटिश इंडिया एसोसिएशन जिसे कभी 'राजाओं के राजा' की संस्था कहा जाता था के अध्यक्ष पद का प्रतिष्ठित चुनाव संपन्न हुआ. सुबह 9 बजे शुरू हुई वोटिंग शाम 4 बजे तक चली. मतगणना पूरी होने पर केंद्रीय मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने बलरामपुर राजघराने के महाराज जयेंद्र प्रताप सिंह को 130 वोटों से हराकर अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया।

कीर्तिवर्धन सिंह को 183 वोट मिले:कुल 236 वोट पड़े, जिनमें से कीर्तिवर्धन सिंह को 183 वोट मिले जबकि जयेंद्र सिंह को 53 वोट हासिल हुए. नतीजा घोषित होते ही समर्थकों ने 'राजा भैया जिंदाबाद' के नारे लगाकर माहौल को जोश से भर दिया. इस चुनाव में कुल 322 सदस्य वोट देने के पात्र थे इनमें प्रदेश सरकार के मंत्री, सांसद और पूर्व राजघरानों के सदस्य शामिल हैं. योगी सरकार के मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह और राज्यसभा सांसद संजय सेठ भी मतदाता सूची में शामिल रहे।

इतने वोट हासिल करना गर्व की बात: परिणाम आने के बाद बलरामपुर रियासत के राजा जयेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि यह मेरा पहला चुनाव था. महज 25 दिनों की तैयारी में समर्थकों के सहयोग से इतने वोट हासिल करना गर्व की बात है. कीर्तिवर्धन सिंह मेरे बड़े भाई जैसे हैं. कई सालों से यहां निर्विरोध चुनाव हो रहे थे, लेकिन इस बार मुकाबला हुआ यही हमारी जीत है. हमारा मकसद संस्था की गौरवशाली परंपरा को कायम रखना है।

राजा आनंद सिंह के निधन से खाली हुआ था पद:अध्यक्ष पद मनकापुर के राजा आनंद सिंह के निधन (6 जुलाई 2025) के बाद से रिक्त था. पहले कोशिश की गई कि सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुना जाए, मगर सहमति न बनने पर आखिरकार मतदान की नौबत आई।

एसोसिएशन की स्थापना 1860 में हुई थी: ब्रिटिश इंडिया एसोसिएशन की स्थापना साल 1860 में बलरामपुर एस्टेट के राजा दिग्विजयनाथ सिंह ने की थी. इसे उस दौर में 'अंजुमन-ए-हिंद' नाम से भी जाना गया. कहा जाता है कि इस संस्था को अवध के नवाब से औपचारिक मान्यता मुगल शासनकाल में ही मिल चुकी थी. अवध के 14 जिलों के राजा, महाराजा और तालुकेदार इस संस्था का हिस्सा हैं. यह संस्था कभी उत्तर भारत के प्रभावशाली जमींदारों और रियासतों का साझा मंच मानी जाती थी.

बलरामपुर रियासत: स्थापत्य और दान की मिसाल

बलरामपुर रियासत का इतिहास 15वीं सदी तक जाता है. राजा माधव सिंह ने अपने पुत्र बलराम शाह के नाम पर 1450 में इसकी स्थापना की थी. इस वंश ने न केवल भव्य मंदिरों और भवनों का निर्माण कराया, बल्कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी योगदान दिया।

दिल्ली के लुटियंस जोन के डिजाइनर एडविन लुटियंस ने बलरामपुर रियासत की कई इमारतों के मैप तैयार किए थे. किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज (KGMU) की स्थापना में सबसे अधिक आर्थिक सहयोग भी बलरामपुर राजघराने की ओर से ही मिला था।

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