: मिल्कीपुर उपचुनाव में क्या सपा कर पायेगी नामांकन ?
Mon, Oct 14, 2024
गन्ना समिति के चुनाव में मारे गए सपाईयों से कार्यकर्ताओं का मनोबल गिरा
प्रदेश अध्यक्ष के समाने आपस में भिड़े सपाई,अध्यक्ष उल्टे पाव लौटे लखनऊ
अयोध्या। लोकसभा चुनाव में अपनी धमाकेदार जीत के साथ सपा मुखिया अखिलेश यादव का हौसला बुंदल है, तो वही अयोध्या जिले के समाजवादियों की हालत बेहद नाजुक है। यहां पर गुटबाजी अपने चरम पर है,कार्यकर्ता आपस में लड़ रहें है। कार्यकर्ताओं की हालत इस कदर नाजुक है कि उनका मनोबल अंदर तक हिल चुका है। इस सब के पीछे खुद समाजवादी पार्टी की जिला कमेटी व महानगर कमेटी के साथ जिले के बड़े नेता जिम्मेदार है। इस बात की पुष्टि इसी से हो रही है कि अभी हालिया घटना गन्ना समिति के चुनाव में भाजपा के नेताओं से मार खाने के बाद सपाई बेहद सदमें में है। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता गन्ना समिति के चुनाव में नामांकन करने पहुंचे ही थे की भाजपाईयों ने उन्हें जमकर पीट दिया। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे खास बात यह रही कि इसकी जानकारी खुद जिला कमेटी व महानगर कमेटी के साथ जिले के किसी बड़े नेता को ही नही थी। महानगर व जिला कमेटी आपस में कुश्ती लड़ रहें है जिसका खामियाजा कार्यकर्ताओं उठा रहें है। लोकसभा चुनाव में सपा की ऐतिहासिक जीत हुए अभी कुछ ही महीने बीते है आलम आज बद से बदतर हो चला है। कार्यकर्ताओं की आपस में चर्चा है कि जब हमारे चुनाव में नेताओं को दिलचस्पी नही है,तो उपचुनाव में हम क्यो दिलचस्पी ले। अगर ये मैसेज पास हो रहा है तो एक बात साफ है कि कही उपचुनाव में सपा प्रत्याशी अजीत प्रसाद नामांकन ही न कर पाये। क्योंकि कार्यकर्ताओं से ही पार्टी है। अयोध्या जिले में पूरी पार्टी में आपस में ही लड़ाई चल रही है इसके जिम्मेदार खुद यहां के बड़े नेता है। इसकी एक बानगी रविवार की देरशाम सर्किट हाउस में देखने को मिला। जहां पर सपा प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल पीड़ित कार्यकर्ताओं से मिलने आये थे। प्रदेश अध्यक्ष के घोषित कार्यक्रम होने के बावजूद जिले के सांसद व अन्य बड़े नेता इससे दूरी बनायें रहें किसी ने भी प्रदेश अध्यक्ष के कार्यक्रम में शामिल होनी की जहमत नही उठाई, सपा प्रदेश अध्यक्ष का पीड़ितों से मिलना तो छोड़ों उनके पहुंचते ही कार्यकर्ता आपस में लड़ना शुरु कर दिये। खासबात यह रही कि दोनो सदन के नेता विपक्ष भी प्रदेश अध्यक्ष के साथ थे। घंटो चली इस नोकझोंक को देख प्रदेश अध्यक्ष उल्टे पाव राजधानी की ओर निकल पड़े। सपा मुखिया अखिलेश यादव जहां एकतरफ दिन रात अथक परिश्रम करके 2027 में भाजपा की सरकार को जड़ से उखाड़ने में लगे है तो उनके नेता उसी जड़ में आपसी गुटबाजी का खाद पानी देकर भाजपा की जड़े मजबूत करने में लगे है,कार्यकर्ताओं को आपस में लड़वा रहे है। जिससे 2027 का सपना कही मुंगेरीलाल के हसीन सपने जैसा ना हो जाए। सासंद अववेश प्रसाद की कार्यकर्ताओं के प्रति बेरुखी पूरे जनपद में चर्चा का विषय है।
: निष्काम सेवा ट्रस्ट के संस्थापक आचार्य पुरुषोत्तमदास को संतों-श्रद्धालुओं ने दी श्रद्धांजलि
Mon, Oct 14, 2024
नौ दिवसीय आचार्य स्मृति पर्व का हुआ समापन हुआ
अयोध्या। निष्काम सेवा ट्रस्ट के संस्थापक एवं दिग्गज संत आचार्य पुरुषोत्तमदास रामायणी 14वीं पुण्यतिथि पर खूब याद आए। मंगलवार को सुबह से ही ट्रस्ट के सभागार में आचार्य को नमन करने का सिलसिला शुरू हुआ। श्रद्धांजलि देने वालों में रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपालदास के उत्तराधिकारी महंत कमलनयनदास, जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य, रसिक पीठाधीश्वर महंत जन्मेजयशरण, नागा रामलखनदास, तुलसी छावनी पीठाधीश्वर महंत जनार्दनदास, बधाईभवन के महंत राजीवलोचनशरण, करतलिया भजनाश्रम के महंत रामदास त्यागी, श्रृंगारकुंज के महंत हरिभजनदास, जिला शासकीय अधिवक्ता सुभाषचंद्र त्रिपाठी, रत्नेश मिश्र रज्जू आदि सहित बड़ी संख्या में संत एवं विशिष्ट जन शामिल रहे। आचार्य के उत्तराधिकारी महंत रामचंद्रदास ने आगंतुकों के प्रति आभार ज्ञापित किया और विश्वास दिलाया कि श्रद्धेय गुरु ने गो-सेवा, संत-सेवा, पौधारोपण, उपासना आदि की जिस परंपरा की नींव डाली थी, ट्रस्ट उसे निरंतर ऊंचाई प्रदान कर रहा है। निष्काम सेवा ट्रस्ट में नित्य शताधिक भिक्षुओं को भोजन-जलपान कराए जाने के साथ साधना में रमे दर्जनों संतों के योगक्षेम का निर्वहन किया जाता है।इसी के साथ निष्काम सेवा ट्रस्ट में सोमवार को नौ दिवसीय आचार्य स्मृति पर्व का समापन हुआ। शुक्ल प्रतिपदा से ही ट्रस्ट का आगार रामचरितमानस के पारायण से गुलजार था। पारायण में 51 साधक शामिल थे। शनिवार को पारायण की पूर्णाहुति के साथ आचार्य विग्रह का अभिषेक किया गया।
: सद्गुरु कबीर के विचारों को आत्मसात करने की जरूरत: अरविंद
Sun, Oct 13, 2024
अयोध्या। कबीर मठ जियनपुर महाेबरा बाजार के संस्थापक सद्गुरु रामसूरत साहेब एवं उदार साहेब की पुण्य स्मृति में चल रहे तीन दिवसीय सांप्रदायिक साैहार्द कबीर मेला का रविवार को समापन हुआ। समापन सत्र को संबाेधित करते हुए मुख्य अतिथि पूर्वांचल विकास बाेर्ड के सदस्य बाैद्ध अरविंद सिंह पटेल ने कहा कि हमें सद्गुरु कबीर के विचारों काे आत्मसात करने की जरूरत है। उनका उपदेश मानव-मानव एक समान का था। उन्होंने सद्भावना का संदेश दिया। कबीर का सांप्रदायिक सौहार्द देश-विदेश में एकता-अखंडता स्थापित कर रहा है। श्रीकबीर धर्म मंदिर सेवा समिति जियनपुर कबीर मठ अयोध्या के कार्यवाहक अध्यक्ष महंत उमाशंकर दास ने कहा कि कबीर मठ में तीन दिवसीय सांप्रदायिक साैहार्द कबीर मेला का समापन किया गया। प्रतिदिन सुबह बीजक पाठ, उसके बाद विचार गाेष्ठी और भजन संध्या का कार्यक्रम आयोजित हुआ। सांप्रदायिक साैहार्द कबीर मेला सन् 2005 से मठ में चल रहा है। यह मेला का 19वां वर्ष रहा है। जाे कबीर मठ के संस्थापक सद्गुरु रामसूरत साहेब एवं उदार साहेब की पुण्य स्मृति में प्रतिवर्ष आयाेजित हाेता है। कबीर मेले ने पूरे देश-दुनिया में सांप्रदायिक सौहार्द एवं एकता-अखंडता का संदेश दिया। गाेष्ठी में नरसिंह साहेब, निर्भय दास, राधेश्याम दास ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
संचालन श्रीकबीर धर्म मंदिर सेवा समिति जियनपुर अयोध्या के कार्यवाहक मंत्री संत विवेक ब्रह्मचारी ने किया।
इससे पहले मुख्य अतिथि समेत अन्य ने ब्रह्मलीन सदगुरु रामसूरत साहेब और उदार साहेब के चित्रपट पर श्रद्धासुमन अर्पित कर नमन किया। कबीर मठ जियनपुर के कार्यवाहक अध्यक्ष महंत उमाशंकर दास द्वारा माल्यार्पण कर मुख्य अतिथि का स्वागत किया गया। आकाशवाणी गाेरखपुर के प्रख्यात भजन गायक रामप्रसाद साहेब ने अपने भजनाें से सांप्रदायिक साैहार्द कबीर मेला की महफिल सजा दी। इस अवसर कबीर मंदिर सूरत गुजरात के महंत देवेन्द्र साहेब, महंत रामप्रकाश दास, पूर्व डीसीएफ चेयरमैन बस्ती रामशंकर निराला, जिपं सदस्य बस्ती राजबहादुर वर्मा, सांसद प्रतिनिधि एवं जनशिक्षण संस्थान के डायरेक्टर इं. मनाेज वर्मा, एडवोकेट वीरेंद्र यादव, डॉ. अजय कुमार, डॉ. दिलीप सिंह, साध्वी ज्याेति पांडेय, जाेखू यादव, रविंद्र दास, हेमंत दास, युवराज दास, रामलाल दास, भुवनेश्वर दास, राधेश्याम दास, नरसिंह दास, अजीत दास, भानुप्रताप वर्मा इंटर कालेज हनुमत नगर के प्राचार्य निर्मल वर्मा, अनूप जायसवाल, शिवदास पटेल, बृजेश वर्मा, विजय चाैधरी, एडवोकेट सर्वेश सक्सेना व याेगेंद्र वर्मा, पूर्व प्रधान गुरचरन यादव, शेषनाग, रामसजन चाैधरी आदि माैजूद रहे।