: शारदीय नवरात्र की पूर्व संध्या पर गाजे बाजे के साथ निकली कलश यात्रा
Thu, Oct 3, 2024
24 वर्षों से शक्ति वाहिनी के तत्वाधान में निकाली जा रही है यात्रा
अयोध्या। शारदीय नवरात्र की पूर्व संध्या पर बुधवार को शक्तिवाहिनी के संयोजन में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी सरयू तट से वरुण आह्वान के साथ भव्य कलश यात्रा गाजे बाजे के साथ निकाली गई। मां के जयकारों के साथ शक्ति वाहिनी की अगुवाई में निकली यात्रा सरयू तट से शुरू होकर नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई छोटी देवकाली मंदिर पहुंची। यात्रा का संयोजन केंद्रीय दुर्गापूजा व रामलीला समन्वय समिति तथा शक्ति वाहिनी के संयुक्त संयोजन से किया गया। यात्रा नयाघाट, बाबू बाजार, श्रृंगारहाट, हनुमानगगढ़ी, हरिद्वारी बाजार होती हुई छोटी देवकाली मंदिर पहुंची। यात्रा का आचार्य पीठ तिवारी मंदिर के सामने महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती राजलक्ष्मी त्रिपाठी ने माता जी की आरती कि और बताया कि माता का अनुष्ठान प्रतिपदा को शुभ मुहूर्त में करना चाहिए और विसर्जन दशमी तिथि को ही करना चाहिए यही शास्त्रों का मत है। माता रानी के यात्रा का दर्जनों स्थानों पर स्वागत हुआ और लोगों ने पुष्प वर्षा की। केंद्रीय समिति के संयोजक महंत धनुषधारी शुक्ला ने बताया कि पिछले 24 वर्षों से यह यात्रा अनवरत नवरात्रि के पूर्व संध्या पर निकाली जाती है। अध्यक्ष रमापति पांडे ने बताया कलश यात्रा सनातन परंपरा का एक अंग है जिसमें कोई अनुष्ठान प्रारंभ करने से पहले हम किसी पवित्र नदी से जल भरते है। नवरात्रि प्रारंभ के पूर्व मां सरयू के जल का पूजन करके कलश में भरकर अपने अपने घरों मे मां की स्थापना पूजन करेंगी। शक्ति वाहिनी प्रमुख बिंदु सिंह ने बताया कि बड़े ही उत्साह के साथ माताएं बहने माता की कलश यात्रा में शामिल होती हैं और यही कलश स्थापित करके 9 दिन तक पूजा करती है। उन्होंने सभी बहनों का आभार व्यक्त किया।दुर्गापूजा समिति के प्रवक्ता भानुप्रताप सिंह ने बताया कि बुधवार से शारदीय नवरात्र प्रारंभ हो रहा है। अयोध्या धाम में 57 स्थान पर प्रतिमा बैठेगी 19 स्थान पर अस्थाई पूजा स्थल है कल 76 स्थान पर नवरात्रि की प्रतिपदा से पूजन प्रारंभ हो जाएगा। शास्त्री नगर में श्याम सुंदर कसेरा, श्रृंगार हाट में ज्योति गुप्ता, रंजीतगुप्ता, सुंदर जायसवाल, कपिलगंज में पूर्व पार्षद नंदलाल गुप्ता युवराज मोदनवाल, हनुमानगढ़ी पर सुरेश मोदनवाल जितेंद्र मोदनवाल बैजनाथ मोदनवाल ओमकार मोदनवाल के नेतृत्व में कुछ वर्ष हुई और प्रसाद वितरण किया गया । देवकली पर प्रसाद वितरण कर यात्रा का समापन हुआ।अशोक शास्त्री ने वरुण पूजन कराया। , वन्दना त्रिपाठी, पार्वती कौशल, दया मिश्रा, आंचल यादव, प्रभादेवी, अनीता सिंह, अंजू सिंह, गरिमा आचार्य, उर्मिला तिवारी,अनीता, इस्रावती, रंजनसागर, कलश यात्रा में प्रभारी दीपचंद्र राही, देवर्षिराम त्रिपाठी ,सुरक्षा प्रभारी पंकज गुप्ता, मंगल गुप्ता, अनिल सहित सैकड़ों भाई बहनों ने भाग लिया।
: अहिल्या उद्धार, नगर दर्शन व फुलवारी लीला का रोमांचक मंचन
Thu, Oct 3, 2024
श्री भगवताचार्य स्मारक सदन में आज मिथिला नगरी में बनी पुष्प वाटिका अपनी अनोखी छठा बिखेर रही थी, गौरा मंदिर और अहिल्या उद्धार के निराले दृश्यों ने दर्शकों का मन मोह लिया
अयोध्या।श्री भगवताचार्य स्मारक सदन में अवध आदर्श रामलीला मंडल पत्थर मंदिर द्धारा आयोजित संत श्री तुलसीदास रामलीला न्यास के तत्वावधान में श्री रामलीला के तीसरे दिन रामलीला मंचन में अहिल्या उद्धार व जनकपुर में पुष्प फुलवारी लीला का कलाकारों की ओर से बेहतरीन मंचन किया गया। जिसे देख दर्शक भावविभोर हो गए। समिति के महामंत्री संकट मोचन सेना अध्यक्ष महंत संजय दास जी महाराज ने बताया कि बुधवार की रात श्री भगवताचार्य स्मारक सदन की रामलीला में जब प्रभु श्रीराम छोटे भाई लक्ष्मण के साथ जंगल से गुजर रहे थे, तभी उन्हें मार्ग में बड़ी शिला दिखाई दी।
प्रभु के पूछने पर गुरु विश्वामित्र ने बताया कि भगवन इस शिला को आपकी कृपा का इंतजार है। कृपादृष्टि होने पर श्राप से शिला बनकर खड़ी अहिल्या का उद्धार हो जाएगा। तभी श्रीराम के पैर से स्पर्श होते ही शिला अहिल्या के रूप में बदल जाती है। जनकपुरी के लोग श्रीराम और लक्ष्मण की छवि देखकर मोहित हो जाते हैं और आपस में कहते हैं की यह किस देश के सुंदर राजकुमार हैं। श्रीराम ने जनकपुर की फुलवारी का भ्रमण किया। मंच सहित पूरे लीला परिसर की भव्य सजावट की गई थी।
गुरु विश्वामित्र श्रीराम को आज्ञा देते हैं कि जाओ राम और पूजा के लिए वाटिका से फूल तोड़ लाओ। फूल लेने जाते समय प्रभु श्रीराम की भेंट माता सीता से होती है। उन्होंने पति के रूप में पाने के लिए मां गौरी का पूजन किया। श्री तुलसीदास रामलीला न्यास के व्यवस्थापक श्री हनुमानगढ़ी के वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास महाराज ने कहा कि भगवान श्री राम ने हमेशा मर्यादा का पालन किया। इसलिए उन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम कहते हैं। एक आदर्श जीवन जीने के लिए भगवान श्री राम के रास्ते पर चलना होगा।
समिति के कोषाध्यक्ष बड़ा भक्त माल मंदिर के पीठाधीश्वर महंत अववेश दास महाराज ने आयें हुए अतिथियों का स्वागत किया।अवध आदर्श रामलीला मंडल पत्थर मंदिर के अध्यक्ष महंत दास ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।लीला में प्रमुख रूप से जगद्गुरु रामानुजाचार्य डॉ राघवाचार्य जी महराज, लीला कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष रसिक पीठाधीश्वर श्रीमहंत जन्मेजय शरण जी महाराज,कोषाध्यक्ष भक्तमाल पीठाधीश्वर श्रीमहंत अवधेश कुमार दास महाराज, महामंत्री महंत संजय दास महाराज, उपाध्यक्ष नागा राम लखन दास महाराज, महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी, वरिष्ठ पुजारी हेमंत दास महाराज,शिवम श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में साधु संत आमजन मौजूद रहे।
: पीएम मोदी से गाय को राष्ट्र माता का दर्जा देने की उठी मांग
Thu, Oct 3, 2024
पीएम मोदी से गाय को राष्ट्र माता का दर्जा देने की उठी मांग
रामनगरी के संतों ने महाराष्ट्र सरकार का आभार जताया, बोले-गाय पूरे विश्व की माता
महत्ता को ध्यान में रखते हुए गाय को देश की राष्ट्र माता का दर्जा दिया जाना चाहिए: डा महेश दास
गाय और हिंदुत्व के विकास के लिए यह निर्णय किया जाय-श्रीमहंत जगदीश दास
अयोध्या। रामनगरी के संतो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गाय को राष्ट्र माता का दर्जा देने की मांग की। उनका कहना है कि राम मंदिर निर्माण और धारा 370 के बाद अब इस मांग को पूरा करने का समय आ गया है। चूंकि गाय सबका पालन करती है और धर्म शास्त्रों में उसे सबकी माता कहा गया है। इसलिए गाय को अब राष्ट्र माता का दर्जा देकर संतों की दशकों पुरानी मांग को पूरा किया जाना चाहिए। संतों ने यह मांग महाराष्ट्र सरकार की ओर से गाय को राज्य माता का दर्जा दिए जाने के बाद की गई है।
रामनगरी अयोध्या के प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमानगढ़ी के गद्दी नशीन श्रीमहल प्रेमदास जी महाराज के कृपापात्र शिष्य हनुमत संस्कृत स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डा महेश दास जी महाराज ने महाराष्ट्र सरकार का आभार जताया, बोले-गाय पूरे विश्व की माता महाराष्ट्र सरकार ने गाय को राज्य माता का दर्जा दिया है तो हम उनके इस निर्णय का स्वागत करते हैं। हमारी मांग है कि भारत देश सहित सभी राज्यों में गाय को माता का दर्जा दिया जाना चाहिए। गाय का दूध, दही, घी, गोबर और मूत्र सब कुछ उपयोगी है। इसकी महत्ता को ध्यान में रखते हुए गाय को देश की राष्ट्र माता का दर्जा दिया जाना चाहिए। सीएम योगी को भी गाय को राज्य माता का दर्जा देना चाहिए।
नगरी के प्रसिद्ध पीठ श्री हनुमान बाग मंदिर के पीठाधीश्वर श्रीमहंत जगदीश दास महाराज ने कहा कि हम अयोध्या के संत महाराष्ट्र सरकार के निर्णय का हृदय से स्वागत करते हैं। हमारा विश्वाास है कि महाराष्ट्र सरकार के इस निर्णय से प्रेरित होकर देश की मोदी सरकार और अन्य राज्य सरकारें में भी गाय और हिंदुत्व के के विकास के लिए यह निर्णय करेंगी। यूपी के सीएम और गोरक्ष पीठ के महंत योगी आदित्यनाथ से हम सबको इस मांग के पूरी होने की विशेष उम्मीद है।
हनुमानगढ़ी के नागा पहलवान समाजसेवी महंत प्रभुराम दास उर्फ मामा दास जी महाराज ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार के इस निर्णय ने हम संतों का दिल जीत लिया है। जिस देश में मोदी की सरकार है और जिन राज्यों में भाजपा की सरकारें है। वहां गाय को तत्कात राष्ट्र अथवा राज्यमाता का दर्जा दिया जाना चाहिए। हम सनातनी है और भारत ऋषियों का देश है। अब समय आ गया है कि गाय को उसकी महत्ता को देखते हुए उसका सम्मान दिया जाना चाहिए।