: संतो के सानिध्य में दिव्य रामोत्सव का हुआ भव्य शुभारंभ
Sat, Nov 5, 2022
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रामोत्सव की सफलता के लिए शुभकामना संदेश किया प्रेषित
ठाकुर सीतारामदास ओंकारनाथ के रूप में संबोधित, जहां "ओंकार" सर्वोच्च ब्रह्मांडीय ज्ञान का प्रतीक: किंकर विठ्ठल
अयोध्या। अयोध्या में देव दीपावली पर चल रहे तीन दिवसीय श्री रामोत्सव और अयोध्या लिटरेचर फेस्टिवल का शुभारंभ अंतरराष्ट्रीय धार्मिक संगठन अखिल भारत जयगुरू संप्रदाय के आचार्य किंकर विठ्ठल रामानुज महाराज के उपस्थिति व अयोध्या के प्रमुख धर्माचार्य सियाराम किला झुनकी घाट के महंत करुणानिधान शरण, श्री राम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी महंत सत्येंद्र दास, संकट मोचन हनुमान किला के महंत परशुराम दास, महंत धर्मदास, महंत दामोदरदास, महंत पवन कुमार दास, महंत दिलीप दास के उपस्थित मे हुआ शुभारंभ। कार्यक्रम के संयोजक प्रियानाथ चट्टोपाध्याय ने बताया की पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भगवान श्रीराम की जन्मस्थली अयोध्या में कार्यक्रम की सफलता के लिए शुभकामना संदेश प्रेषित की है। श्री रामोत्सव के पहले दिन लेजर शो आकर्षण का केंद्र रहा दीपोत्सव के बाद अयोध्या में फिर एक बार सुरसर मंदिर में दीपोत्सव जैसा नजर दिखा। इस अवसर पर किंकर विट्ठल महाराज ने इस अवसर पर बताया की श्री श्री सीतारामदास ओंकारनाथ (17 फरवरी 1892 से 6 दिसंबर 1982) एक प्रमुख भारतीय वैष्णव संत थे।19 वीं शताब्दी के भक्ति पंथ आध्यात्मिक प्रकाशमान थे और भारत के पश्चिम बंगाल राज्य के एक अद्वितीय मानवतावादी थे।
उन्होंने बताया कि श्री श्री ठाकुर सीतारामदास ओंकारनाथ के रूप में संबोधित, जहां "ओंकार" सर्वोच्च ब्रह्मांडीय ज्ञान का प्रतीक है और सर्वोच्च चेतना प्राप्त करता है। उन्हें कलियुग के दिव्य अवतार के रूप में घोषित किया गया था और सनातन धर्म और वैदिक आध्यात्मिक पथ के सिद्धांतों को अनगिनत भक्तों को दिया गया था। दुनिया भर में, केंद्रीय विषय और हरे कृष्ण हरे राम के दिव्य जप नाम के लाभ पर सर्वोपरि महत्व के साथ - सर्वशक्तिमान "तारक ब्रह्म नाम" के रूप में माना जाता है।कलियुग में आत्मा उद्धार का मंत्र और "मोक्ष" जन्म और मृत्यु के चक्र से मुक्ति। जैसे है। शत्रुघ्न निवास के महंत पवन कुमार शास्त्री और महंत दिलीप दास महाराज ने श्री राम और भरत मिलन पर मार्मिक चर्चा की उपस्थित लोग इस चर्चा को सुनकर मंत्र मुक्त हुए वहीं श्यामसुंदर बंदो बैण्ड की सु मधुर ताल ने सबको मंत्रमुग्ध कर दिया कार्यक्रम का समापन भगवान श्री राम के भजन से हुआ। संचालन महंत दिलीप दास त्यागी महाराज ने किया। इस मौके पर दिनेश चंद्र शर्मा आएसएस, राजकुमार, आशुतोष कुमार द्धिवेदी आईएएस ,वी ललिता लक्ष्मी जी आईएएस, मीता पंडित, राजू जी भजन गायक, इंद्राणी चट्टोपाध्याय सहित सैकड़ों लोग व्यवस्था लगे हुए है।
: अयोध्या का कण-कण राम की शक्ति-भक्ति से ओत-प्राेत: असंग देव
Sat, Nov 5, 2022
श्रीरामवल्लभाकुंज में साप्ताहिक सुखद सत्संग कथा का हुआ भव्य शुभारंभ
अयाेध्या। अयाेध्याधाम जिसकाे तीर्थ के रूप में पहचाना जाता है। यहां पवित्र पावनी दिव्य सरयू सलिला प्रवाहित हैं। अयोध्या का कण-कण राम की शक्ति-भक्ति से ओत-प्राेत है। ऐसी दिव्य धरा पर मुझे प्रथम बार सुखद सत्संग कथा कहने का साैभाग्य प्राप्त हुआ है। उक्त सारगर्भित उद्गार राष्ट्रीय संत असंग देव महाराज ने व्यक्त किए। वे शनिवार को प्रतिष्ठित पीठ श्रीरामवल्लभाकुंज जानकीघाट प्रांगण में भक्तगणाें काे व्यास गादी से साप्ताहिक सुखद सत्संग कथा का प्रथम दिवस रसास्वादन करा रहे थे। उन्होंने कहा कि जब तीर्थ नगरी में श्रीराम की पवित्र जन्मभूमि पर कथा हाेती है। ताे कथा सुनने वाले का जीवन धन्य हाे जाता है। स्थान का बड़ा ही महत्व होता है। यदि पवित्र तीर्थ स्थली में कथा सुनने का अवसर मिल जाए। ताे यह विशेष महत्व की बात है। धर्म नीति और राजनीति जब कंधे से कंधा मिलाकर चलते हैं। ताे भक्ति का फूल खिलता है। इससे सभी के जीवन में सुख-समृद्धि व शांति आती है। संत असंग देव ने कहा कि मनुष्य जन्म से लेकर मृत्यु तक बहुत से चीजाें का रस लेता है। रस लेते-लेते उसकी पूरी जिंदगी नीरस हाे जाती है। रामरस ताे काेई साैभाग्यशाली ही ग्रहण करता है। रामरस के प्रति रूचि पुण्य आत्माओं काे ही हाेती है। कथा, भागवत और सत्संग हाेता है। ताे हमें नींद आने लगती है। हम रामरस से चूक जाते हैं। जब काेई राम चर्चा, ज्ञान व भक्ति चर्चा हाेती है। उससे हम सब ऊबने लगते हैं। लेकिन कुछ ऐसे भी श्राेता हैं। जाे राम व भक्ति के रसिक हैं। वे सत्संग सुनने बैठते हैं । ताे सब कुछ भूल जाते हैं और उनका मन रामरस में डूब जाता है। जाे रामरस में डूब जाता है। वह माया के रस में डूबने से बच जाता है।
इससे पहले मणिरामदास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास व श्रीरामवल्लभाकुंज महंत रामशंकर दास वेदांती महाराज ने दीप प्रज्वलन कर सुखद सत्संग कथा का शुभारंभ किया। उसके बाद लगभग तीन दर्जन वेदपाठी छात्रों द्वारा स्वस्ति वाचन किया गया। कार्यक्रम प्रभारी प्रवीन साहेब ने पधारे हुए मुख्य अतिथि-विशिष्टजनाें एवं संताें का माल्यार्पण कर अंगवस्त्र ओढ़ा स्वागत-सम्मान किया। इस अवसर पर श्रीरामवल्लभाकुंज अधिकारी राजकुमार दास, महापाैर ऋषिकेश उपाध्याय, मंगलभवन पीठाधीश्वर रामभूषण दास कृपालु, वैदेही भवन महंत रामजी शरण, कबीर मठ जियनपुर के महंत उमाशंकर दास, महंत देवेंद्र दास, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष अवधेश पांडेय बादल, परमानंद मिश्रा, रामस्वरूप पाठक आदि माैजूद रहे। उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्यप्रदेश, झारखंड, बिहार, समेत अन्य प्रांताें से आए काफी संख्या में भक्तगण अमृतमयी सुखद सत्संग कथा का रसपान कर रहे थे।
: रामोत्सव व अयोध्या लिटरेचर फेस्टिवल का भव्य शुभारंभ आज
Sat, Nov 5, 2022
आजादी के अमृत महोत्सव पर इनक्रेडिबल इंडिया व अखिल भारतीय जय गुरु संप्रदाय सयुक्त तत्वावधान में हो रहा तीन दिवसीय ऐतिहासिक कार्यक्रम
350 विधवा महिलाओं जलायेगी 1 लाख दीप, लेजर शो के साथ श्यामसुंदर बंदो बैंड होगा आकर्षक का केंद्र
रामोत्सव में अयोध्या के साथ-साथ पूरे देश के विभिन्न प्रांतों से आ रहे हजारों लोग देखेंगे दीपोत्सव जैसा नजारा: प्रियनाथ
अयोध्या। भगवान श्री राम की जन्मस्थली अयोध्या के सुरसर मंदिर में देव दीपावली आयोजित भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा आजादी के अमृत महोत्सव पर इनक्रेडिबल इंडिया व अखिल भारतीय जय गुरु संप्रदाय द्वारा आयोजित तीन दिवसीय श्री रामोत्सव व अयोध्या लिटरेचर फेस्टिवल की तैयारी हुई पुरी। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक व जय गुरु संप्रदाय के आचार्य किंकर विट्ठल रामानुज महाराज के साथ रामनगरी अयोध्या के विशिष्ट संत धर्माचार्य के सानिध्य में शनिवार 5 नवंबर को शाम 5:30 बजे 350 विधवा महिलाओं द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का होगा शुभारंभ तैयारियां हुई पुरी। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में दिनेश चंद्र शर्मा आरएसएस, राजकुमार संपादक कमल ज्योति पत्रिका, लल्लू सिंह सांसद, वेदप्रकाश गुप्ता विधायक अयोध्या, ऋषिकेश उपाध्याय मेयर अयोध्या होंगे शामिल।
दीपोत्सव के बाद एक बार फिर श्री रामोत्सव कार्यक्रम में अयोध्या के साथ-साथ पूरे देश के विभिन्न प्रांतों से आ रहे हजारों लोग देखेंगे दीपोत्सव जैसा नजारा।कार्यक्रम के संयोजक प्रियानाथ चट्टोपाध्याय ने बताया की 5 बजकर 30 मिनट पर उद्घाटन के बाद शाम 6:30 बजे लेजर सो और उसके तुरंत बाद शाम 6.40 श्यामसुंदर बंदो बैंड के बाद , पहले साहित्यिक सत्र में शाम 7 बजे महंत पवन शास्त्री व महंत दिलीप दास के मध्य श्री राम और भारत मिलन पर होगी मार्मिक चर्चा।शाम 7:45 पर मीता पंडित के साथ श्री राम भजन और रात्रि 8:45 पर आई ए एस श्रीमती के वी. ललितालक्ष्म निर्देशक निफ्ट और अर्जुन चक्रवर्ती के साथ श्री रामायण और प्रशासन में इसका प्रभाव पर चर्चा की जाएगी और पहले दिन की समापन बेला का अंतिम कार्यक्रम 9.20 संजय हरेन द्वारा श्री राम के भजन से होगा। रात्रि 10 बजे सभी को प्रसादम वितरण के साथ होगा समापन द्वितीया दिवस 6 नवंबर को फिर शाम 5:30 बजे से कार्यक्रम का होगा शुभारंभ।