: गोपूजन कर धूमधाम से मनाई गई गोपाष्टमी
Tue, Nov 1, 2022
गाय हमारी वैदिक संस्कृति की पोषक हैं: महंत माधव दास
गौ वंश का संरक्षण संवर्धन अति आवश्यक है: महंत जनार्दन दास
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या के हनुमानगढ़ी के पूर्व प्रधानमंत्री महंत माधव दास जी गौ सेवा के लिए जाने पहचाने जाते है। माधव बाबा के आश्रम में आधुनिक गौशाला बना हुआ है जहां पर गायों के लिए एसी हाल तक बनवाया है। आज गोपाष्टमी पर महंत माधव दास ने विधिवत गौ पूजन किया।उन्होंने कहा कि गाय का लुप्त होना वैदिक संस्कृति के लिये अशुभ संकेत हैं। सभी पालतू पशुओ में गौवंश कलयुग में सबसे ज्यादा संकट में हैं। यदि सरकार ने इसके लिये सकारात्मक प्रयास न किए तो गाय पूरी तरह विलुप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद देश में पशुओं की नस्ल सुधारने के लिए अनेक कार्यक्रम चलाये गए। लेकिन सुधार के नाम पर देशी की जगह विदेशी नस्ल हावी हो गई हैं। महंत माधव बाबा ने कहा कि गाय हमारी वैदिक संस्कृति की पोषक हैं। भगवान कृष्ण न ही असीम सेवा करके वैदिक संस्कृति की रक्षा करने का काम किया था इसलिये हम सभी का दायित्व बनता है कि गाय की पूजा-अर्चना के साथ उसको बचाने का भी प्रयास करें।
तो वही तुलसी दास जी की छावनी में समाजसेवी महंत जनार्दन दास मलखान बाबा ने दर्जनों गौवंशो का वैदिक रीति से पूजन कर आरती की। महंत जनार्दन दास महाराज ने कहा गौवंशो को सुरक्षित रखने के लिये सरकारों को दृढइच्छा शक्ति का प्रदर्शन करना होगा।गौ वंश का संरक्षण संवर्धन अति आवश्यक है। समाज को चाहिए कि वह गौ पालन को बल प्रदान करे। उन्होंने कहा कि प्राचीन काल से ही यह मान्यता चली आर ही है कि गाय ही विश्व की माता है,भारत की तो यह आत्मा ही है। उन्होंने कहा गऊ पालन से परिवारों पर बोझ नही बल्कि परिवार सुखी सम्पन्न होगा।गोसेवा करने वाला मनुष्य हर संकटों से मुक्त रहता है। गौ पूजन कार्यक्रम में महंत रामकरन दास, महंत सत्यदेव दास, प्रधान श्यामजी दूबे आदि लोग मौजूद रहें।
: भवदीय पब्लिक विद्यालय परिसर में शिद्दत से शिरोधार्य हुए सरदार वल्लभभाई पटेल
Mon, Oct 31, 2022
भारत की सिविल सेवाओं के ‘संरक्षक संत’ और भारत के लौह पुरूष के जयन्ती पर राष्ट्रीय एकता दिवस का लिया गया शपथ
अयोध्या। भारत के प्रथम उप-प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयन्ती पर प्रतिवर्ष 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्हें भारत की सिविल सेवाओं के ‘संरक्षक संत’ और भारत के लौह पुरूष के रूप में भी जाना जाता है।
राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर भवदीय पब्लिक विद्यालय परिसर में विद्यालय के प्रबंधक डॉ॰ अवधेश वर्मा द्वारा सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्र पर माल्यार्पण किया गया। इसके बाद सभी शिक्षकों व छात्रों ने राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ ली। इस अवसर पर विद्यालय के कक्षा 9 ‘ब’ के छात्र जय उपाध्याय द्वारा सरदार पटेल के सम्पूर्ण व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला गया।
प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले ‘रन फॉर यूनिटी’ के तहत भवदीय पब्लिक स्कूल में साइकिल रैली का आयोजन किया गया जिसमें विद्यालय के सभी सदनों के छात्रों ने भाग लिया। विद्यालय परिसर से रैली को प्रबंधक डॉ॰ अवधेश वर्मा द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। जोश एवं देशभक्ति से लबरेज नारे लगाते हुए छात्रों का उत्साह देखते ही बन रहा था। यह रैली भवदीय पब्लिक स्कूल से प्रारम्भ होकर महोबरा बाजार, साकेतपुरी, देवकाली बाईपास से होते हुए विद्यालय प्रांगण में समाप्त हुई।
इस आयोजन पर विद्यालय की निदेशिका डॉ॰ रेनू वर्मा जी, प्रधानाचार्य श्री रंजन कुट्टी ने हर्ष व्यक्त करते हुए सभी को राष्ट्रीय एकता दिवस की बधाई दी। साइकिल रैली के आयोजन में सीनियर कोऑर्डिनेटर श्रीमती नीता मिश्रा, सी.सी.ए. इंचार्ज श्रीमती अनीता यादव, खेल शिक्षिका सुश्री नेहा श्रीवास्तव, खेल शिक्षक अजय यादव, सत्यम चतुर्वेदी, विशाल तिवारी का सराहनीय योगदान रहा। यह जानकारी विद्यालय के मीडिया प्रभारी राहुल तिवारी ने दी।
: श्री राम किशुन दास महाराज को संतो महंतों ने किया नमन
Mon, Oct 31, 2022
अयोध्या। भगवान श्री राम की जन्म स्थली अयोध्या के वासुदेव घाट स्थित पंजाबी मंदिर के पूर्वाचार्य महंत अनंत श्री विभूषित 1008 श्रीराम किशन दास महाराज की पुण्यतिथि पर संतो महंतों ने श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि महाराज जी भजन आनंदी संत थे और अयोध्या में निरंतर संतों की सेवा किया करते थे आज भी पंजाबी आश्रम में सेवा की परंपरा निरंतर चल रही है। मंदिर के वर्तमान महंत राम सुंदर दास ने बताया कि गुरुदेव भगवान हम लोगों को निरंतर सेवा की ही शिक्षा देते रहते थे और बताते सी सेवा ही परम धर्म है जिससे जीव मात्र की निरंतर सेवा करते रहना चाहिए।
मंदिर के महंत पवन कुमार दास ने बताया कि गुरुदेव भगवान का ठाकुर जी में बहुत अनुराग था और वह सनातन वैष्णो धर्म के प्रचार प्रसार का मात्र एक ही रास्ता बताते थे सेवा जिससे आश्रम में निरंतर सभी की सेवाएं चलती रहती हैं। श्रद्धांजलि सभा में आए संतों महंतों का दोनों महंत होने स्वागत सत्कार किया। इस अवसर पर श्री राम वल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमार दास, मंगल पीठाधीश्वर कृपालु राम भूषण दास,तुलसी छावनी के महंत जनार्दन दास, श्रीराम कचहरी मंदिर के महंत शशिकांत दास, पत्थर मंदिर के महंत मनीष दास, परमहंस आश्रम के अधिकारी राम उजागर दास, महंत अयोध्या दास सहित सैकड़ों संतों महंतों ने महाराज श्री को श्रद्धांजलि अर्पित की।